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नई रणनीति के साथ करें रीसाइक्लिंग बिजनेस में प्रवेश | Enter Recycling Business With New Strategy

रीसाइक्लिंग बिजनेस (Recycling Business): हम इंसान आज कई माध्यमों से बहुत ही तेजी के साथ जैविक व अजैविक कचरा पैदा कर रहे है. स्वाभाविक रूप से हम जानते है कि हमारे द्वारा उत्पन्न कचरा एक ऐसा घटक है, जिसका यदि समय से और सही तरीके से निपटान (Waste management) न किया जाए तो हमारे ग्रह पृथ्वी का वातावरण और प्रकृतिक जीवन दोनों पर संकट आ सकता है. 

पिछली कई सदियों से हम इंसानों ने केवल पृथ्वी से संसाधनों का उपभोग ही किया है, साथ ही धरती का सीना चीर कर बहुमूल्य तत्वों की खोज की है तथा उनसे अपने सुख सुविधा के साधनों को बनाने में सफलता भी हांसिल की है. हमारे द्वारा रचे गए आविष्कारों से बने उत्पाद की लाइफ बहुत ही सीमित होती है, जिस कारण एक ही उत्पाद को बार-बार निर्मित किया जाता है.

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ऐसे में पुराने अथवा उपयोगिता की श्रेणी से हट चुके उत्पाद एक कचरा माने जाते हैं, और आज बढती जनसँख्या के कारण यह कचरा बढ़ता भी जा रहा है. जैविक व अजैविक कचरे/अपशिष्ट की बढ़ती समस्या से निपटने का मात्र एक ही कारगर और सफल उपाय है कि कचरे का सही तरीके से निपटान अथवा पुन: उपयोग हेतु रीसायकल किया जाए.

आज बहुत ही कम लोग हैं जो जानते हैं कि कचरे से भी मोटी कमाई की जा सकती है. और यहीं से रीसाइक्लिंग बिजनेस (GO GREEN और Waste to Wealth) की सकारात्मक अवधारणा का उदगम शुरू होता है. लेकिन किसी भी तरह के रीसाइक्लिंग बिजनेस में उतरने से पहले इच्छुक उद्यमी को कुछ विशेष बातों और तथ्यों पर ध्यान देना जरूरी है, क्योंकि यह आपके आने वाले भविष्य की नींव का काम करती हैं.

और मौजूदा समय में पुनर्चक्रण व्यवसाय (Recycling Business) शुरू करने की आवश्यकता भी हैं क्योंकि यदि अभी से कचरे का समाधान/निपटान नहीं किया गया तो हमारी आने वाली भावी पीढ़ी का भविष्य अंधकारमय हो जाएगा, जिसके जिम्मेदार हम स्वयं होंगे. 

रीसाइक्लिंग बिजनेस के अवसर (Recycling Business Opportunities)-

मौजूदा दौर में रीसाइक्लिंग बिजनेस की महत्ता (Importance of Business) बढती जा रही है क्योंकि आज रीसाइक्लिंग बिजनेस को कई तरीको से शुरू किया जा सकता है. वतर्मान में हम इंसान बहुत ही तीव्र गति से चीजों/उत्पादों का उपभोग कर रहें हैं, जिससे काफी बड़ी मात्रा में अपशिष्ट/कचरा उत्पन्न होता जा रहा है. 

ऐसे में पर्याप्त जानकारी आभाव के कारण पैदा हुआ कचरा ऐसे स्थानों पर फेक अथवा दबा दिया जाता है, जहां पर वह पृथ्वी के वातावरण को केवल और केवल प्रदूषित करने का काम ही करता है. ऐसे में हमारे द्वारा उत्पन्न किये जा रहे कचरे का समुचित निपटान (waste management) किया जाना जरूरी है, अन्यथा की दशा में हम हमारे ग्रह को प्रदूषित कर अपने अस्तित्व को खतरे में डालने का प्रयास कर रहे हैं.

भविष्य के आने वाले संभावित खतरों/समस्याओं से निपटने के लिए हमें ऐसे उद्यमों अथवा व्यवसायों को बड़े पर विकसित करने की आवश्यकता है, जिन्हें सीमित लागत लगाकर बेहतर मुनाफा बनाया जा सके, साथ ही उत्पाद बनाने के लिए कच्चे माल की भी कभी कमी न हो. 

ऐसे में रीसाइक्लिंग बिजनेस ही एक मात्र ऐसा उद्यम है, जो हमारे आने वाले भविष्य को संवारने का काम कर सकता है. साथ ही रीसाइक्लिंग बिजनेस अथवा पुनर्चक्रीकरण के व्यवसाय में संभावनाओं की कोई कमी भी नहीं है. 

आज कई सारे जागरूक उद्यमी अपने startup की शुरुआत waste recycling से ही करना चाहते हैं, क्योंकि वे जानते हैं कि थोड़े प्रयासों के बाद रीसाइक्लिंग बिजनेस के अवसरों की कोई कमी है ही नहीं और इस व्यवसाय में अच्छा मुनाफा (profit) बनाया जा सकता है. 

रीसाइक्लिंग बिजनेस प्लान (Recycling Business Plan)-

किसी भी तरह अथवा प्रकार के रीसाइक्लिंग बिजनेस की शुरूआत करने और अपने बिजनेस को सफल बनाने के लिए इच्छुक उद्यमी को सबसे पहले उस वांछित रीसायकल बिजनेस के तरीके जानने तथा गहरी जानकारी का होना प्राथमिक चरण है.

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रीसाइक्लिंग बिजनेस को शुरू करने के लिए कुछ घटकों को गहनता से समझने की आवश्यकता है-

  1. कच्चे माल की उपलब्धता (रॉ मटेरियल एकत्र करने के लिए कार्ट व वाहन)
  2. व्यवसाय स्थापित करने के लिए आवश्यक स्थान (संग्रहण केंद्र, छटाई केन्द्र व प्रोसेसिंग प्लांट)
  3. सम्बंधित मशीनरी तथा कर्मचारी
  4. व्यवसाय का पंजीकरण (सरकारी एवं स्थानीय निकाय पंजीकरण)
  5. रीसायकल उत्पाद की उपयोगिता
  6. व्यवसाय अथवा प्रोडक्ट की मार्केट में डिमांड
  7. प्रोडक्ट की मार्केटिंग
  8. उपरोक्त सभी घटकों पर विचार कर व्यवसाय की लागत का आंकलन

उपरोक्त सुझाए गए सभी घटकों के अलावा भी कुछ क्षणिक परिवर्तनीय घटक भी होते हैं, जिनका बिजनेस की शुरुआत करते समय लागत में बदलाव आना भी संभावित है. 

रीसाइक्लिंग बिजनेस का पंजीकरण (Registration of Recycling Business)-

यदि आप रीसाइक्लिंग बिजनेस के क्षेत्र से अपने startup की शुरुआत करना चाहते हैं तो भारत सरकार, द्वारा जारी सभी दिशा-निर्देश तथा नियमों का पालन करना आप द्वारा आवश्यक है. 

रीसाइक्लिंग बिजनेस शुरू करने के लिए भारत सरकार द्वारा निर्धारित किए गए मानक प्रमाण पत्रों से पंजीकृत कराना अनिवार्य है। यह पंजीकरण हैं-

  1. Firm Registration
  2. MSME Registration (उद्यम पंजीकरण)
  3. Trade License
  4. GST No.
  5. NOC Certificate from Pollution Department & Fire Control Board

रीसाइक्लिंग बिजनेस को शुरू करने के लिए उद्यमी को अपनी फर्म का पंजीकरण कराने के बाद फर्म के नाम से एक बैक खाता खोलना अनिवार्य है.

रीसाइक्लिंग बिजनेस की लागत (Business Cost of Recycling Business)-

वेस्ट रीसाइक्लिंग बिजनेस को 02 स्तरों पर कम लागत के साथ आसानी से शुरू किया जा सकता है, साथ ही वेस्ट रीसाइक्लिंग बिजनेस में व्यवसाय की लागत बिजनेस के प्रकार पर भी निर्भर करती है.

कुछ वेस्ट रीसाइक्लिंग बिजनेस में कम मशीनों का उपयोग किया जाता है, वहीं कुछ में केवल मशीने ही उपयोग मैं ली जाती हैं. वेस्ट रीसाइक्लिंग बिजनेस में मुख्य रूप से लागत ऑटोमेटिक मशीनों, स्थान, कच्चे माल की क्रय दर के अलावा मैनपावर के चयन पर निर्भर करती है.

मोटे तौर पर छोटे स्तर पर रीसाइक्लिंग बिजनेस पर 08 से 20 लाख रूपये. वहीं बड़े स्तर पर रीसाइक्लिंग कारोबार की लागत लगभग 30 से 50 लाख रूपये तक आ सकती है. इसके अलावा रीसायकल उत्पादों की मार्केटिंग करना अथवा करवाना में भी लागत में बढ़ोत्तरी होना  संभावित है.

नोट- उपरोक्त बताये गए सभी वित्तीय विवरण उद्यम के प्रकार व उत्पादन की क्षमता के अनुरूप घट-बढ़ सकते है.

सुझाव-   

वेस्ट रीसाइक्लिंग व्यवसाय या किसी भी व्यवसाय/कारोबार को शुरू करने या लागत लगाने से पूर्व इच्छुक व नए उभरते हुए उद्यमी, व्यवसायी, व्यापारी व कारोबारी को इन बातों का हमेशा ध्यान रखना चाहिए-

  • बाजार में उत्पाद की मांग व खपत का आंकलन करना,
  • कच्चे माल का कीमत व उपलब्धता पर ध्यान देना,
  • अपने प्रतिस्पर्धी को पहचानना व उसकी कमियों को खोजना
  • अपने कारोबार के लिए एक बेहतर रणनीति बनाना।

रीसाइक्लिंग बिजनेस में मशीनरी का उपयोग (Machinery Use in Recycling Business)-

अमूमन अधिकतर व्यवसायों में व्यवसाय से सम्बंधित मशीनरी की सबसे अहम भूमिका होती है. बड़े स्तर पर किसी भी तरह के तरह के उत्पादों का निर्माण करने के लिए मशीनरी की सहायता ली जाती है. 

किसी भी तरह के रीसाइक्लिंग बिजनेस में मशीनरी का चुनाव करने से पूर्व इच्छुक उद्यमी को यह निश्चित करना जरूरी है कि वह उत्पादन क्षमता और कच्चे माल तथा तैयार माल की खपत का आंकलन करे.

कबाड़-रीसाइक्लिंग-बिजनेस-Scrap-Recycling-Business

अमूमन अधिकतर वेस्ट रीसाइक्लिंग के कारोबार में 4 से 5 मशीनों का ही उपयोग किया जाता है. जो इस प्रकार हैं-

  1. Scrap Crusher/Shredder Machine
  2. Dust Cleaner Machine
  3. Washing Machine
  4. Baling machine
  5. Weight machine

उपरोक्त बताई गई मशीनें ऑटोमेटिक व सेमी ऑटोमेटिक वेरियंट एवं अलग-अलग क्षमता की आती हैं, साथ ही इन मशीनों का चुनाव आप व्यवसाय की उत्पादन कार्यक्षमता के आधार पर ही करें.

रीसाइक्लिंग बिजनेस में कर्मियों की आवश्यकता (Personnel Required in Recycling Business)-

अमूमन बड़े स्तर पर प्रत्येक पुनर्चक्रीकरण/रीसाइक्लिंग व्यवसाय या किसी भी अन्य व्यवसाय में मैनपावर या कर्मचारियों की जरूरत पड़ती ही है, यदि आप बड़े स्तर पर वेस्ट रीसायकल व्यवसाय को शुरू करना चाहते हैं 

तो आपको कम से कम 08 से 12 मैनपावर या कर्मचारियों की अवश्यकता होती है। ये कर्मचारी मैनेजर, मार्केटर, लेबर व सफाई कर्मी आदि हो सकते हैं।

रीसाइक्लिंग बिजनेस के संभावित ग्राहक (Potential Customers of Recycling Business)-

रीसायकल प्रोसेस से तैयार उत्पाद की जरूरत कई प्रकार के daily use (B2C- Business to Customer) के क्षेत्र से जुड़ी manufacturing यूनिटों में होती है, वेस्ट मटेरियल से बना रीसायकल उत्पाद B2B (Business to Business) लघु उद्योग अंतर्गत भी आता है. दैनिक उपयोग रीसायकल उत्पादों की डिमांड/मांग भी दैनिक स्तर पर दिन प्रति दिन बढती जा रही है.

रीसायकल प्रक्रिया के महत्व व उपयोगिता के कारण आज पुनर्नवीनीकरण व्यवसाय अच्छे एवं बेहतर ढंग से फल-फूल रहा है क्योंकि रीसायकल प्रोसेस से हमेशा ही उन उत्पादों का निर्माण किया जाता है जो आज समाज की प्राथमिक जरूरतों को पूरा करने के लिए उत्तरदायी हैं.

रीसाइक्लिंग बिजनेस में मुनाफा (Profits in Recycling Business)-

रीसाइक्लिंग बिजनेस में कम से कम 25% तथा अधिक से अधिक 55% तक संभावित मुनाफा बड़ी ही सरलता से बनाया जा सकता है. धातुओं के रीसायकल बिजनेस से ही लगभग 50% मुनाफा बन जाता है. 

इसके अलावा फटे-पुराने कपड़े, अख़बार, रद्दी कागज, प्लास्टिक वेस्ट को रीसायकल करना एक सरल प्रक्रिया के तहत आता है, जिसे कोई भी इच्छुक उद्यमी अपनाकर अपना उद्यम/startup शुरू कर सकता है. 01 टन वेस्ट मटेरियल पर लगभग 03 से 05 हजार रुपये तक मुनाफा (सभी कटौतियों के बाद) बनाया जा सकता है.

इसके अलावा कुछ रीसायकल बिजनेस ऐसे हैं, जिन्हें इच्छुक उद्यमी यदि अपनाता है तो उसे भविष्य में तगड़ा लाभ हो सकता है. यह रीसायकल व्यवसाय अपने आपमें एक startup है- 

  1. E-Waste Recycling Business
  2. Cigarette Waste Recycling Business
  3. Parali Waste Recycling Business
  4. Flower Waste Recycling Business
  5. Grey Water Recycling 
  6. Tyre Waste Recycling Business

बढती जनसँख्या के कारण आज रीसाइक्लिंग बिजनेस की मांग तीव्रता से बढ़ती जा रही है, आने वाले भविष्य में जैसे-जैसे प्राकृतिक संसाधन की कमी होगी, जिसके चलते हमें अपनी जरूरतों की पूर्ती के लिए रीसाइक्लिंग प्रक्रिया अपनानी ही पड़ेगी.

ऐसे में जब हमें चीजों को रीसायकल करना ही है, तो क्यों न रीसाइक्लिंग प्रक्रिया को बिजनेस का स्वरूप दिया जाए, जिससे भविष्य में अच्छा मुनाफा भी कमाया जा सकता है. 

कम लागत से शुरू किये जाने वाले रीसाइक्लिंग बिजनेस (Low Investment Recycling Business)-

हमारा देश भारत जहां संभावनाओं की कोई कमी नहीं है. इसी को ध्यान में रखते हुए यहां most profitable top 15 recycling business ideas के बारे में जानकारी दी जा रही है. जिनकी शुरुआत छोटे निवेश से भी की जा सकती है-

  1. पेपर रीसाइक्लिंग बिजनेस
  2. प्लास्टिक रीसाइक्लिंग बिजनेस
  3. खाना पकाने के तेल का रीसाइक्लिंग बिजनेस
  4. फैब्रिक रीसाइक्लिंग बिजनेस
  5. प्रिंटर कार्ट्रिज रिफिलिंग/रीसाइक्लिंग बिजनेस
  6. लकड़ी के बुरादे का रीसाइक्लिंग बिजनेस
  7. वेस्ट एकत्र व छटाई केंद्र
  8. दवाई रैपर रीसाइक्लिंग बिजनेस
  9. कृषि अपशिष्ट/जैविक कचरा पुनर्चक्रण/रीसाइक्लिंग व्यवसाय
  10. बैटरी रीसाइक्लिंग बिजनेस
  11. फर्नीचर रीसाइक्लिंग व्यवसाय
  12. ग्लास/कांच रीसाइक्लिंग व्यवसाय
  13. स्क्रैप धातु रीसाइक्लिंग व्यवसाय
  14. पैकिंग वेस्ट/कार्टन बॉक्स/गत्ता रीसाइक्लिंग व्यवसाय
  15. बालों का पुनर्चक्रीकरण व्यवसाय

यह कुछ ऐसे रीसाइक्लिंग बिजनेस/उद्यम हैं, जिनकी शुरुआत कम निवेश में एक startup के तौर पर की जा सकती है. साथ ही इन व्यवसायों की मांग भी बढ़ रही है, जिससे इच्छुक उद्यमी को व्यवसाय के शुरूआती चरण में मुनाफा भी निश्चित है.

सुझाव-

देखिये! बिजनेस कोई ऐसा उपक्रम या घटक नहीं है, जिसे एक बार में ही मुनाफे लायक बनाया जा सके, यह मूलरूप से चरण दर चरण क्रमबद्ध चलने वाली प्रक्रिया है, जिसमें समयानुसार बाजार की मांग के मुताबिक कदम उठाये जाते हैं.

रीसायकल व्यवसाय शुरू करने के लिए लोन व सब्सिडी (Loan and subsidy for recycle business)-

कचरे अथवा वेस्ट को रीसायकल करने वाले लगभग सभी उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार ने मेक इन इण्डिया के तहत प्रधानमंत्री मुद्रा लोन योजना, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना (PMEGP), कौशल विकास योजना आदि के माध्यम आपको आसानी से ऋण/लोन व लगभग 35% तक अनुदान (सब्सिडी) मिल सकता है. 

अनुदान/सब्सिडी की धनराशी उद्यम के प्रकार, उत्पादन व व्यवसाय की लागत पर भिन्न-भिन्न हो सकती है. अनुदान अथवा ऋण या लोन लेने के लिए आपको अपनी कंपनी या फर्म के पंजीकरण संख्या से सरकारी योजनाओं के तहत आवेदन करना होगा. सरकारी योजनाओं के तहत लघु उद्योग हेतु ऋण/लोन लेने के लिए आप अपने क्षेत्रीय सरकारी बैंक की शाखा से आवशयक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं.

रीसाइक्लिंग बिजनेस कितने प्रकार के होते हैं?

मूल रूप से रीसाइक्लिंग बिजनेस 03 प्रकार के होते हैं-

1. जैविक कचरे को रीसायकल करने का बिजनेस
2. अजैविक कचरे को रीसायकल करने का बिजनेस
3. मलीय जल अपशिष्ट का प्रबंधन

कांच/ग्लास रीसाइक्लिंग बिजनेस में रॉ मटेरियल कहाँ से इकठ्ठा करें?

अमूमन किसी भी प्रकार के रीसाइक्लिंग कारोबार में लगने वाला कच्चा माल प्राप्त करने के लिए पहले स्थानीय कबाड़ी वाला से संपर्क करें. यही सबसे कारगर योजना है, जिसमें कम मेहनत में आसानी रॉ मटेरियल प्राप्त हो सकता है.

अंत में-

हमारा उद्देश्य उन इच्छुक उम्मीदवारों, व्यवसायियों, व्यापारियों और कारोबारियों को बेहतर से बेहतर जानकारी प्रदान करना है, जो रिसाइक्लिंग व्यवसाय को करने के इच्छुक हैं और इस व्यवसाय में अपना भविष्य में देख रहे हैं.

नोट- किसी भी व्यवसाय को शुरू करने से पहले बाजार/मार्केट रिसर्च एवं खपत का आंकलन अनिवार्य रूप से अवश्य करें. ऐसा करने से आपको व्यवसाय में आने वाले जोखिम और दिक्कतों का सामना करने में आसानी हो जाएगी और बाजार में डिमांड के अनुरूप आप अपने products का निर्माण भी अच्छे से कर पाएंगे.

आशा है इस लेख ‘नई रणनीति के साथ करें रीसाइक्लिंग बिजनेस में प्रवेश’ से आपको कचरे की महत्ता का अंदाजा जरूर मिला होगा. अगर आपने पूरी पोस्ट पढ़ी है तो अगली बार आप valuable waste को कचरे में फेकने से पहले जरूर सोचेंगे. 

इस पोस्ट ने आपको जागरूक जरूर किया होगा, भविष्य में शायद आप रीसाइक्लिंग बिजनेस के क्षेत्र को अपनाना जरूर चाहेगे. आज की पोस्ट में इतना ही… यदि कुछ छूट गया हो या कुछ पूछना चाहते हों तो कृपया comment box में जरूर लिखें. तब तक के लिए-

“शुभकामनाएं आपके कामयाब और सफल व्यापारिक भविष्य के लिए”

धन्यवाद!

जय हिंद! जय भारत !

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