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गाय के गोबर से वैदिक प्लास्टर बनाने का व्यवसाय | Vedic Plaster Making Business from Cow Dung

प्राकृतिक प्लास्टर जिसे मौजूदा समय में वैदिक प्लास्टर के नाम से भी जाना जाता है. धरती के लगातार बढ़ते तापमान के कारण दिन प्रति दिन प्राकृतिक प्लास्टर की मांग बाजार में बढती जा रही है, क्योंकि प्राकृतिक प्लास्टर या वैदिक प्लास्टर का उपयोग कर निर्मित निर्माण (भवन आदि) में तापमान को प्राकृतिक रूप से नियंत्रित करने की विशेष खूबी होती है और यह सीमेंट आधारित प्लास्टर से अधिक टिकाऊ भी होता है.

जहाँ एक तरफ प्राकृतिक/वैदिक प्लास्टर भवन के तापमान को नियंत्रित करता है वहीँ दूसरी ओर वैदिक प्लास्टर भवन के भीतर की प्राण वायु को भी स्वच्छ करने का काम करता है. उपयोगिता की दृष्टी से प्राकृतिक प्लास्टर बनाने का व्यवसाय एक ऐसा innovative business idea है…

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जो भविष्य में इच्छुक उद्यमी के लिए ऊँचे दर्जे के मुनाफे का कारोबार सिद्द हो सकता है, और सबसे बड़ी बात वैदिक/प्राकृतिक प्लास्टर निर्माण व्यवसाय स्थापित करने के लिए बड़ी पूँजी की आवश्यकता भी नहीं होती है….

तो चलिए आपको बताते हैं कि प्राकृतिक प्लास्टर बनाने का व्यवसाय स्थापित करने के लिए किन-किन चीजों, घटकों व मशीनरी की आवशयकता होगी? साथ ही कितने स्थान की आवश्यकता होगी और कौन-कौन से पंजीकरण कराने होंगे? इन सब से पहले आइये जानते हैं, गोबर से बने वैदिक प्लास्टर के फायदों के बारे में-

अनुक्रमिका

प्राकृतिक वैदिक प्लास्टर के फायदे (Benefits of Cow Dung Vedic Plaster)-

गोबर से बने वैदिक प्लास्टर ढेर सारे गुणों की खान है. मसलन-

  1. वैदिक प्लास्टर को curing (तराई) की आवश्यकता नहीं होती. मतलब घर बनाकर तुरंत रहने के लिए उपयोग में लिया जा सकता है.
  2. वैदिक प्लास्टर का उपयोग कर निर्मित किये गए भवनों में तापमान को नियंत्रित करने का अद्भुत गुण होता है.
  3. वैदिक प्लास्टर का उपयोग कर निर्मित किये गए भवन की दीवारें आग प्रतिरोधी, ध्वनि प्रतिरोधी व रेडियेशन (जैसे इलेक्ट्रिक उत्पादों व अन्य) आदि को रोकने में सहायक होती हैं, जो साधारण सीमेंट से नहीं किया जा सकता.
  4. वैदिक प्लास्टर एक प्राकृतिक हवा फ़िल्टर है, जो वातावरण से जल-वाष्प और अतिरिक्त कार्बन को सोककर प्राण वायू को शुद्ध करने का काम करता है.
  5. मौजूदा सीमेंट से प्राकृतिक/वैदिक प्लास्टर की क्षमता व आयु बहुत अधिक होती है.
  6. गाय के गोबर से बने वैदिक प्लास्टर को लगाने के बाद सीधे वांछित रंग (प्राकृतिक/वैदिक पेंट) की पुताई की जा सकती है. जबकि सीमेंट प्लास्टर को करने के बाद पुट्टी व प्राइमर करने की आवश्यकता होती है.
  7. वैदिक प्लास्टर पर्यावरण और गौ वंश को संरक्षित करने की सकारात्मक पहल है, जबकि मौजूदा सीमेंट के उपयोग से बड़ी मात्रा में कार्बन का उत्सर्जन होता है.
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प्राकृतिक वैदिक प्लास्टर व्यवसाय स्थापित करने के लिए वांछित स्थान (Required Area)-

व्यवसायिक स्तर पर गोबर से प्राकृतिक प्लास्टर अथवा वैदिक प्लास्टर बनाने का व्यवसाय/उद्यम को शुरू करने के लिए कम से कम 1500 से 3500 sqft स्थान की आवश्यकता होगी. जहां कच्चे माल से लेकर तैयार माल को सुरक्षित रखने के अलावा मशीनों के स्थान भी पहले से निर्धारित किये गए हों.

गोबर से प्राकृतिक प्लास्टर उत्पाद बनाने का व्यवसाय/बिजनेस शुरू करने के लिए ऐसे स्थान का चयन किया जाता है, जो बाजार क्षेत्र से थोड़ा हटकर हो तथा चयनित स्थान पर वाहनों व ग्राहकों के आवागमन करने के लिए उचित व्यवस्था हो. आपके चयनित स्थान पर बिजली आदि की व्यवस्था का भी होना अनिवार्यता है.

बड़ा स्थान होने से एक फायदा और मिलता है- एक तरफ जहां आप गोबर आधारित उत्पादों की प्रदर्शनी कर अपने ग्राहकों को आकर्षित कर सकते हैं, वहीं दूसरी ओर ग्राहक/उपभोक्ता आपके स्थान पर आकार उत्पाद निर्माण प्रक्रिया का अनुभव भी प्राप्त कर सकता है. व्यवसायिक दृष्टी से इस प्रकार का कदम हमेशा एक अच्छे मुनाफे की सम्भावना को दर्शाता है.

वैदिक प्लास्टर व्यवसाय में कर्मियों की आवश्यकता (Required Manpower)-

व्यवसायिक स्तर पर गोबर से प्राकृतिक प्लास्टर बनाने के व्यवसाय की फैक्ट्री के सफल सचालन के लिए कम से कम 05 से 10 मैनपावर/कर्मियों की आवश्यकता होती है. ये कर्मचारी- प्रशिक्षित लेबर, मशीन आपरेटर, मैनेजर, अकाउंटेंट, मार्केटर व सफाई कर्मी आदि हो सकते हैं.

वैदिक प्लास्टर व्यवसाय का पंजीकरण (Registration for Vedic Plaster Making Business)-

व्यवसायिक स्तर पर गोबर आधरित उत्पादों को बनाने और बाजार में बिक्री करने के लिए Gobar Products Manufacturing Business का पंजीकरण कराना अनिवार्य है. व्यवसाय का पंजीकरण कराने से सरकार द्वारा व्यवसाय शुरू करने के लिए लोन व सब्सिडी जैसी सुविधा भी सुलभ हो जाती है.

गोबर उत्पाद निर्माण व्यवसाय शुरू करने के लिए नीचे बताए गए प्रमाणों से प्रमाणन कराना होता है-

  1. ROC
  2. MSME (उद्यम पंजीकरण)
  3. GST No (टैक्स पंजीकरण)
  4. Factory License
  5. Trade & Trademark License
  6. IEC Certificate
  7. NOC (No Objection Certificate) प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अनापत्ति प्रमाण पत्र

वैदिक प्लास्टर बनाने के लिए रॉ मटेरियल (Required Raw Materials)-

गोबर से प्राकृतिक प्लास्टर बनाने का व्यवसाय शुरू करने के लिए इच्छुक उद्यमी को नीचे बताये गए प्राकृतिक कच्चे माल/मटेरियल्स की आवश्यकता होगी-

  1. गाय का गोबर (Powder)– 120 ग्राम
  2. जिप्सम (Powder)– 700 ग्राम
  3. सफ़ेद चूना (Powder)– 40 ग्राम
  4. रेतीली मिट्टी (Fine Powder)– 60 ग्राम
  5. ग्वार गम – 0.10 ग्राम
  6. नीबू का रस/सिट्रिक एसिड (Powder)– 0.01 ग्राम

सुझाव-

  • चूंकि प्राकृतिक प्लास्टर वातावरण से जल-वाष्प व कार्बन को अवशोषित करता है, इसलिए प्राकृतिक प्लास्टर का निर्माण करने से पूर्व क्षेत्र जलवायु का विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता होती है.
  • आप जानते ही हैं हमारे देश भारत में चारों ऋतुओं का समावेश है जिसके कारण यहां के प्रदेशों/राज्यों में सबसे अधिक जलवायु/तापमान में बदलाव देखने को मिलता है.

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  • उपरोक्त बताई गई विधि में थोड़े बदलाव के साथ प्रत्येक जलवायु व तापमान के लिए वैदिक/प्राकृतिक प्लास्टर का सफलता से निर्माण किया जा सकता है.

वैदिक प्लास्टर बनाने के लिए आवश्यक मशीनरी (Required Machinery for Making Vedic Plaster)-

व्यवसायिक तौर पर कच्चे माल से वैदिक प्लास्टर बनाने के लिए मुख्य रूप से … मशीनों को उपयोग में लिया जाता है-

  1. Gobar Pulverizer Machine (गोबर पीसने की मशीन)
  2. Stone Crusher & Powder Making Machine (पत्थर पिसने व पाउडर बनाने की मशीन)
  3. Mixing Machine (मिलाने की मशीन)
  4. Weighing Machine (तराजू)
  5. Packing Machine (बोरी/पैकेट आदि को पैकिंग के लिए)

सुझाव-

  • कच्चे माल के रूप में जिप्सम, चूने व मिट्टी आदि को बारीक़ पीसने के लिए इन मशीनों का उपयोग किया जाता है.
  • मौजूदा बाजार में ये सभी मटेरियल पिसे-पिसाये भी आते हैं, अपनी सुविधानुसार खड़े अथवा पिसे किसी भी मटेरियल का चयन कर सकते हैं.
  • गोबर का बारीक़ पाउडर बनाने के लिए गोबर पल्वालाईज़र (गोबर सुखाने व पीसने की) मशीन लेना जरूरी है.

वैदिक प्लास्टर बनाने की विधि (Vedic Plaster Making Process)-

व्यवसायिक स्तर पर वैदिक/प्राकृतिक प्लास्टर बनाने की प्रकिया को … चरणों में पूरा किया जाता है-

  1. सबसे पहले कच्चे माल के तौर पर चयनित सभी मटेरियल्स को एक-एक कर मशीनों की मदद से बारीकी से पीसकर उनका चूर्ण तैयार किया जाता है. यहां मटेरियल्स की बारीक़ पिसाई पर गहनता से ध्यान देने की आवश्यकता होती है.
  2. इसके बाद पिसे हुए तैयार अलग-अलग पाउडरों को मानक अनुसार आपस में मिलाया जाता है. यहां पर मिलाने की प्रक्रिया में कुछ घंटे लग सकते हैं.
  3. इसके बाद प्राप्त मिश्रण जिसे प्राकृतिक प्लास्टर के नाम से जाना जाता है, को तराजू से तौलकर बोरियों/कट्टों में निर्धारित अथवा इच्छानुसार भर दिया जाता है. जिसे बिक्री के लिए बाजार में भेजा जा सकता है.

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प्राकृतिक वैदिक प्लास्टर बनाने के लिए प्रशिक्षण (Training for Preparation of Vedic Plaster)-

रोहतक, हरियाणा जिले के रहने वाले डॉ शिव दर्शन मलिक (Dr Shiv Darshan Malik) ने गाय के गोबर की उपयोगिता को समझकर पूरी तरह से पर्यावरण अनुकूल (eco-friendly) वैदिक प्लास्टर (Vedic Plaster) का अविष्कार किया है.

इसके अलावा डॉ शिव दर्शन मलिक (Dr Shiv Darshan Malik) इच्छुक उद्यमियों को गोबर से बनने वाले उत्पादों का प्रशिक्षण भी देते हैं. कोई भी इच्छुक प्रशिक्षण के लिए उनके वहां जाकर उनसे संपर्क कर सकता है.

वैदिक प्लास्टर व्यवसाय की लागत (Business Cost)-

प्राकृतिक/वैदिक प्लास्टर बनाने के व्यवसाय को व्यवसायिक स्तर पर स्थापित करने के लिए कच्चे माल, मशीनरी, लेबर व पैकिंग आदि सभी आवश्यक सामग्री सहित लगभग 05 से 12 लाख रूपये की धनराशी निवेश करने की आवश्यकता होती है.

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इस संभावित लागत राशि में चयनित किराये के स्थान का शुल्क आंशिक रूप से सम्मिलित है. यदि आपके पास खुद का स्थान है तो इस संभावित लागत राशि में बदलाव संभव है. मशीनों आदि पर निवेश करने से पहले यह जरूर सुनिश्चित कर लें कि आप अपना व्यवसाय कितने छोटे अथवा बड़े स्तर पर स्थापित कर शुरू करना चाहते हैं.

वैदिक प्लास्टर व्यवसाय के लिए लोन (Business Loan/Subsidiary)-

लघु उद्योग तथा वेस्ट टू वेल्थ (Waste to Wealth) को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार ने मेक इन इण्डिया के तहत प्रधानमंत्री रोजगार योजना (PMRY), कौशल विकास योजनाप्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) आदि के माध्यम आपको कुल लागत पर 35% तक की सब्सिडी/अनुदान आसानी से मिल सकती है. इसके लिए आपको अपनी कंपनी/फर्म के पंजीकरण संख्या से सरकारी योजना के तहत आवेदन करना होगा.

सरकारी योजनाओं के तहत लघु उद्योग हेतु सब्सिडी/अनुदान का लाभ लेने के लिए इच्छुक उद्यमी को अपने व्यवसाय का पंजीकरण सूक्ष्म, मध्यम व लधु उद्योग/उद्यम (MSME) के तहत करना अनिवार्य है. पंजीकरण करा लेने के बाद MSME वांछित व्यवसाय का ब्यौरा बैंक को भेज देगा. जहां सब्सिडी की रकम बैंक से लोन मंजूर/अनुमोदित होने के बाद 05 से 07 कार्य दिवसों में उसी बैंक के खाते में जमा कर दी जाती है.

वैदिक प्लास्टर व्यवसाय में मुनाफा (Profits in Vedic Plaster Making Business)-

वैदिक प्लास्टर/गोबर सीमेंट प्रति किलोग्राम पैकेजिंग सहित कुल खर्च लगभग 04 से 05 रुपये तक आता है जिसे मौजूदा बाजार में 10 रुपये से 13 रूपये प्रति किलोग्राम की दर से विक्रय/बेचा जाता है। जहां वैदिक प्लास्टर में मुनाफा 06 से 12 रुपये प्रति किलोग्राम की दर तक आसानी से कमाया/लिया जा सकता है.

मोटे तौर पर वैदिक प्लास्टर निर्माण व्यवसाय में सभी कटौतियों जैसे- कर्मचारी वेतन, कच्चे माल की कीमत, स्थान का किराया, बिजली भुगतान व आवागमन सम्बन्धी व्यय को हटाकर कम से कम 04 से 08 रूपये प्रति किलोग्राम की दर से मुनाफा कमाया जा सकता है, जो कि बहुत ही अच्छे मुनाफे का संकेत है.

FAQ.

वैदिक प्लास्टर घर पर कैसे बनाएं?

घर पर वैदिक प्लास्टर का निर्माण करने के लिए … घटकों पर ध्यान देने की आवश्यकता है-
1. स्थान का वातावरण व तापमान (प्लास्टर बनाने के लिए वातावरण की नमी पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होती है)
2. कच्चे माल की उपलब्धता
3. तैयार माल को सुरक्षित रखने का स्थान

घर पर प्राकृतिक प्लास्टर बनाने के लिए गाय का गोबर, चूना तथा जिप्सम की आवश्यकता होती है. इस material को आसानी से कहीं भी प्राप्त किया जा सकता है. इन तीनों के मिश्रण से ही वैदिक प्लास्टर का निर्माण आसानी से किया जा सकता है.

वैदिक प्लास्टर का प्राइस कितना है?

डॉ शिव दर्शन मलिक (Dr Shiv Darshan Malik) द्वारा तैयार किये गए वैदिक प्लास्टर की कीमत मौजूदा बाजार में 210 रूपये प्रति 25 किलोग्राम रखी गई है. इच्छुक इस वैदिक प्लास्टर को खरीदने के लिए डॉ शिव दर्शन मलिक (Dr Shiv Darshan Malik) से संपर्क कर सकते हैं.

वैदिक प्लास्टर बनाने के लिए कौन से पशु का गोबर लिया जाता है?

गौवंश पशुधन का गोबर वैदिक प्लास्टर बनाने के सबसे उपयुक्त माना जाता है क्योंकि गाय के गोबर में कई तरह के फ्रेंडली माइक्रोब पाए जाते है साथ ही गाय के भोजन अनुसार गाय के गोबर में फाईबर की मात्रा भी अन्य पशुओं की तुलना में अधिक होता है.

वैदिक प्लास्टर कितने वर्षों तक मजबूत बना रह सकता है?

साधारण सीमेंट के मुकाबले वैदिक प्लास्टर की स्ट्रेंथ बहुत ही लम्बी होती है.

01 sqft में कितना वैदिक प्लास्टर लग जाता है?

01 sqft स्थान में 01 किलोग्राम तक वैदिक प्लास्टर उपयोग में लिया जाता है, साथ ही गाय के गोबर से तैयार किये गए प्राकृतिक प्लास्टर को मकानों की बाहरी और भीतरी दोनों दीवारों पर आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है.

अंत में-

बढती मंहगाई में आज सीमेंट के दाम जिस गति से बढ़ते जा रहे हैं, उसे देखते हुए हमें अपना घर/मकान बनाने के लिए ऐसे घटकों का चुनाव करने की आवश्यकता है, जो Eco-friendly हो, जिसकी लाइफ मौजूदा सीमेंट से अधिक हो और साथ ही जिसे कम लागत लगाकर ख़रीदा भी जा सकता हो. वैदिक प्लास्टर इन सभी मानकों पर खरा उतरता है. जो मौजूदा सीमेंट का सबसे बढ़िया विकल्प साबित हो चुका है.

हमारा उद्देश्य उन इच्छुक उम्मीदवारों, उद्यमियों और किसानों को बेहतर और विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराना है जो गोबर आधारित उत्पाद निर्माण व्यवसाय के क्षेत्र में अपना भविष्य देख रहे हैं अथवा बनाना चाहते है.

नोट- किसी भी व्यवसाय को शुरू करने से पहले बाजार/मार्केट रिसर्च एवं खपत का आंकलन अनिवार्य रूप से अवश्य करें. ऐसा करने से आपको व्यवसाय में आने वाले जोखिम और दिक्कतों का सामना करने में आसानी हो जाएगी और बाजार में डिमांड के अनुरूप आप अपने products का निर्माण भी अच्छे से कर पाएंगे.

आशा है आपको इस लेख “कैसे शुरू करें गाय के गोबर से वैदिक प्लास्टर बनाने का व्यवसाय” से गोबर उत्पाद (Cow dung product manufacturing) उद्यम/व्यवसाय, व्यापार अथवा कारोबार के बारे में पूरी जानकारी जरूर मिली होगी, साथ ही… यदि कुछ पूछना चाहते हों तो कृपया comment box में जरूर लिखें. 

पोस्ट में दी गई जानकारी पसंद आई हो तो इसे अपने मित्रों व अन्य जरूरतमंद लोगों के साथ share करना बिल्कुल न भूलें. आपका एक share किसी के भविष्य की दिशा निर्धारित कर सकता है. अभी तक के लिए इतना ही-

“शुभकामनाएं आपके कामयाब और सफल व्यापारिक भविष्य के लिए.”

धन्यवाद!

जय हिंद! जय भारत!

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