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कम निवेश में हवाई चप्पल बनाने का बिजनेस कैसे शुरू करें| How to Start Slippers Making Business with Low Investment in hindi

हवाई चप्पल बनाने का बिजनेस: यदि ऐसे सदाबहार कारोबार की खोज में है जिसे कम लागत निवेश के साथ घर से भी शुरू किया जा सकता हो साथ ही शुरूआती स्तर पर मुनाफा भी कमाया जा सकता हो तो हवाई चप्पल बनाने का बिजनेस एक शानदार कारोबारी विकल्प साबित हो सकता है… लेकिन इस कारोबार को शुरू करने से पहले आपको चप्पल बनाने के बिजनेस प्लान को समझना जरूरी है.

हवाई चप्पल आज एक ऐसा उत्पाद बन चुका है जो घर में प्रत्येक सदस्य द्वारा प्राथमिक तौर पर प्रयोग या इस्तेमाल में लिया जाता है। चप्पलों का प्रयोग पैरों के तलवों को धूल, मिट्टी, गंदगी से छुटकारा पाने के साथ सुरक्षा के लिए हर एक व्यक्ति द्वारा किया जाता है.

साथ ही सुविधा व सहुलियत की दृष्टी से देखने पर भी हवाई चप्पलें (Regular Slippers/Floaters) प्रयोग में टिकाऊ, आरामदेह व सरल होती है और किफायती दरों पर बाजार में आसानी से मिल भी जाती हैं. समाज का कोई भी वर्ग चाहे वह अमीर से अमीर हो या गरीब से गरीब हो, भाग-दौड़ करती महिलाएं हों या फिर बच्चे ही क्यों न हों, हर किसी के पास हवाई चप्पलें देखने को जरूर मिल जाती है.

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गांव-देहात के अधिकांश क्षेत्रों में हवाई चप्पल का उपयोग बहुतायत में देखने को मिलता है क्योंकि खेतों की निगरानी करने अथवा morning walk पर जाते समय लोगों के द्वारा बहुतायत हवाई चप्पलों का प्रयोग किया जाता है।

हवाई चप्पलो की उपयोगिता व बाजार/मार्केट में खपत का आंकलन करते हुए हवाई चप्पल बनाने के बिजनेस में लाभ कमाने की कई संभावनाएं स्पष्ट हो जाती हैं, क्योंकि चप्पल बनाने का बिजनेस (Slippers Making Business) एक सदाबहार चलने वाला कारोबार (evergreen business) सिद्ध हो चुका है,

साथ ही यदि इच्छुक उद्यमी/कारोबारी हवाई चप्पल बनाने का बिजनेस शुरु करना चाहता है तो छोटी पूँजी के निवेश से चप्पल विशेषकर हवाई चप्पल बनाने के बिजनेस को आसानी से शुरू कर सकता है.

तो व्यवसायिक तौर पर चप्पलों का निर्माण करने के लिए इच्छुक उद्यमी या कारोबारी को किन-किन चीजों की आवश्यकता होती है, साथ ही इस बिजनेस के जोखिम क्या हो सकते हैं? प्रशिक्षण कहां से मिल सकता है और तैयार उत्पाद/माल को कहां-कहां आसानी से बेचा जा सकता है?

इस सबकी जानकारी देने के लिए आज हम आपके लिए यह लेख “हवाई चप्पल बनाने का बिजनेस कैसे शुरू करें” लेकर आए हैं. यदि आप हवाई चप्पल बनाने के बिजनेस (Slippers Making) को शुरू करना चाहते हैं तो इसके लिए Slippers Manufacturing Business Plan और जरूरी तथ्यों को अवश्य समझें, चलिए शुरू करते हैं-

अनुक्रमिका

चप्पल बनाने का बिजनेस शुरू करने के लिए प्रशिक्षण (Training for Chappal Making Business)-

आज के दौर में जहां अधिकतर कारोबार अथवा उद्योग पूरी तरह से सेमी ऑटोमेटिक अथवा ऑटोमेटिक मशीनों से संचालित होकर फल-फूल रहे है, जिनमें चप्पल बनाने का कारोबार भी आ जाता है. असल में मशीनों से चप्‍पलों को बनाना (chappal making) बेहद आसान काम है।

हालांकि किसी भी बिजनेस को शुरू करने अथवा बिजनेस में में प्रवेश करने से पहले चप्पल बनाने की ट्रेनिंग अथवा प्रशिक्षण लेना प्राथमिक और अनिवार्य चरणों में से एक होता है, और ट्रेनिंग या प्रशिक्षण लेना भी चाहिए क्योंकि ट्रेनिंग में आपको जान पाते हैं कि बिजनेस को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए क्या-क्या आवश्यकता होती है?

चप्पल बनाने के बिजनेस का प्रशिक्षण/ट्रेनिंग के लिए आप खादी ग्रामोउद्योग से संपर्क कर सकते है। आप kvic.org.in पर विजिट करके ट्रेनिंग से जुड़ी जानकारी हासिल कर सकते हैं। इसके अलावा आप अपने क्षेत्र के जिला उद्योग केंद्र से भी संपर्क कर सकते हैं। यहां आपको ट्रेनिंग और बिजनेस से जुड़ी सारी जानकारी मिल जाएगी।

चप्पल बनाने का बिजनेस शुरू करने के लिए आवश्यक स्थान (Required Area for Sleepers Making Business)-

Chappal/Slippers manufacturing business, उद्योग या फैक्ट्री शुरू करने के लिए कम से कम 1,200 वर्ग फुट स्थान या जगह की जरूरत होती है, जहां प्लांट कम से कम 1,000 वर्ग फुट क्षेत्र (Area) पूरी तरह से धूल, बारिस, मिट्टी व प्रदूषण से ढका (Covered) या संरक्षित होना चाहिए। 

साथ ही प्लांट में मशीनों के स्थान ऐसे निर्धारित किए गए हों जिससे कर्मचारियों को काम करने एवं कच्चा व तैयार माल सुरक्षित रखने में असुविधा न हो। इस स्थान पर बिजली आदि की उचित व्यवस्था का होना अनिवार्य है।

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सुझाव-

  1. आपको हवाई चप्पल बनाने का बिजनेस शुरू करने के लिए ऐसे स्थान का चुनाव करना चाहिए, जहां से रॉ मटेरियल या कच्चा माल लगातार व आसानी से मिल सकता हो।
  2. साथ ही आपके प्लांट स्थान पर transportation संबंधी आवागमन (क्रय-विक्रय आदि) की उचित व्यवस्था होनी आवश्यक है। यह स्थान अगर किसी व्यवसायिक क्षेत्रों के अंतर्गत आता है तो सबसे उत्तम है।

चयनित स्थान पर बिजली आपूर्ति (Required Electricity)-

व्यवसायिक तौर पर स्लीपर या हवाई चप्पल बनाने के बिजनेस में मशीनों आदि के सुगम संचालन के लिए कम से कम 02 से अधिकतम 08 किलोवॉट क्षमता के बिजली कनेक्शन की अवश्यकता होती है। यह क्षमता मशीनों के चयन आधार पर भी सुनिश्चित की जा सकती है.

हालांकि मौजूदा बाजार में आधुनिक तकनीक से तैयार की गई मशीने भी उपलब्ध हैं, जिनसे बिना बिजली के भी मैनुअल तरीके से हवाई चप्पलों का निर्माण बड़ी मात्रा में किया जा सकता है. चप्पल बनाने के बिजनेस में इच्छुक उद्यमी के लिए यह जरूरी है कि निवेश करने से पहले व्यवसाय के प्रत्येक पहलू पर गहनता से विचार करे.

बिजनेस में कर्मचारियों की जरूरत (Required Manpower)-

अमूमन बड़े स्तर पर प्रत्येक Making/Manufacturing Business याकारोबार अथवा बिजनेस में मैनपावर या कर्मचारियों की जरूरत पड़ती ही है, व्यवसायिक तौर पर Slippers Making Business अथवा फैक्ट्री को शुरू करने में कम से कम 05 से 07 मैनपावर या कर्मचारियों की अवश्यकता होती है। ये कर्मचारी- मैनेजर, मार्केटर/सेल्समैन, अकाउंटेंट, लेबर व सफाई कर्मी आदि हो सकते हैं। 

चप्पल बिजनेस का पंजीकरण-

किसी भी व्यापार को शुरू करने के लिए पहला मानक है. पंजीकरण या रजिस्ट्रेशन के बाद ही आप अपने उत्पाद का प्रचार मार्केट/बाजार में कर सकते हैं. पंजीकरण कराने के लिए आपको सबसे पहले अपनी कम्पनी/एजेन्सी या फर्म के नाम से एक बैंक खाता खोलना होता है, इसके बाद भारत सरकार द्वारा निर्धारित प्रमाणों से प्रमाणन करना होता है। ये प्रमाणन हैं-

  1. MSME (उद्यम पंजीकरण)
  2. GST No. (टैक्स पंजीकरण)
  3. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड NOC प्रमाण पत्र
  4. कचरा प्रबंधन नगर निगम NOC प्रमाण पत्र
  5. Trade License
  6. IEC प्रमाण पत्र (किसी भी दूसरे राज्य में एक्सपोर्ट के लिए)

क्या पंजीकरण कराये बिना भी चप्पल बनाने का बिजनेस शुरू किया जा सकता है?

नहीं! वह सभी बिजनेस अथवा कारोबार जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से आम जनता के उपयोगार्थ तथा मुनाफा कमाने की दृष्टी से शुरू/स्थापित किये जाते हैं, उन सभी का पंजीकरण कराना अनिवार्य होता है.

बिना पंजीकरण कराये बिजनेस का संचालन कर मुनाफा कमाना दंडनीय अपराध है. पकडे जाने पर सरकार द्वारा कठोर दण्डात्मक कानूनी कार्यवाही की जा सकती है.

चप्पल बनाने का रॉ मटेरियल (Raw Material)-

Chappal making business या हवाई चप्पल बनाने के बिजनेस को शुरू करने के लिए बेहतर गुणवत्ता के कच्चे माल या रॉ मटेरियल की आवश्यकता होती है। अमूमन चप्पल बनाने के लिए आज बाजार में कई तरह के अच्छे से अच्छे और घटिया से घटिया मटेरियल भी उपलब्ध हैं,

लेकिन एक बेहतरीन चप्पल का निर्माण करने में आपको सबसे बेहतरीन कच्चे माल का चुनाव करना होता है. तो अब प्रश्न उठता है कि बेहतर गुणवत्ता के मटेरियल का चुनाव कैसे करें? तो इसके लिए आपको थोड़ी गहन रिसर्च करने की आवश्यकता है, मसलन कौन सा सोल या रबर शीट जो अधिक टिकाऊ होती है?

व्यवसायिक और वैज्ञानिक दृष्टी से अगर बात की जाए तो EVA (Ethylene-vinyl acetate) Rubber Sheet और PU (Polyurethane) Rubber Sheet सबसे टिकाऊ मानी जाती हैं. हवाई चप्पल बनाने में लिए जाने वाले रॉ मटेरियल या कच्चे माल इस प्रकार हैं-

  1. रबर शीट- 08 से 20mm या इच्छानुसार (कीमत- 500 रूपए प्रति शीट से शुरू, जिसमें 18 से 20 जोड़ी निकलता है)
  2. Strap Band या फीते (कीमत-  09 रूपए प्रति जोड़ी से शुरू)
  3. सिलिकॉन लिक्विड-चमक लाने के लिए (कीमत- 1,000 प्रति लीटर से शुरू)
  4. सिंथैटिक पेंट- नाम आदि छापने के लिए (कीमत- 78 प्रति किलोग्राम से शुरू)

नोट- उपरोक्त बताई गई कीमतें मार्केट रिसर्च आधार पर हैं, बाजार के उतार-चढ़ाव के कारण ये कीमतें घट अथवा बढ़ सकती हैं.

कहां से लें (where to buy)-

हवाई चप्पल बनाने में लिया जाना वाला कच्चा माल या रॉ मटेरियल आपको इंडस्ट्रियल क्षेत्रों जैसे- कानपुर, गाजियाबाद, धुलियाना, दिल्‍ली, मुंबई, इंदौर जैसे शहरों से व इसके साथ ऑनलाइन भी आसानी से मिल जाता है. ऑनलाइन आप नीचे दी गई वेबसाइट से आसानी से ले सकते हैं-

  1. www.indiamart.com 
  2. www.amazon.com
  3. www.alibaba.com

सुझाव-

असल में चप्पल बिजनेस को शुरू करने से पहले आपको चप्पल बनाने में प्रयुक्त होने वाले कच्चे माल की गुणवत्ता की पहचान करनी आनी चाहिए. मटेरियल की जानकारी के लिए आप पहले से चल रही/संचालित किसी कंपनी अथवा फैक्ट्री पर जाकर अच्छे से जानकारी हांसिल करें, क्योंकि चप्पल का कारोबार (chappal making business) पूरी तरह से मटेरियल आधारित होता है.

हवाई चप्पल बनाने का बिजनेस शुरू करने के लिए मशीनरी (chappal making machine)-

व्यवसायिक तौर पर चप्पलों का निर्माण करने के लिए आपको या किसी भी इच्छुक उद्यमी को इन मशीनों की आवश्यकता होती है-

  1. Sole Cutting Machine
    • Manual (कीमत- 10,000 से शुरू)
    • Automatic- Hydraulic Press  (कीमत- 35,000 से शुरू)
  2. Metal Die (कीमत- 350 प्रति जोड़ी से शुरू)
  3. Screen/Stamp Printing Machine
    • Manual (कीमत- 8,000 से शुरू)
    • Automatic (कीमत- 30,000 से शुरू)
  4. Chappal Sole Grinder & Drill Machine (कीमत- 5,000 से शुरू)
  5. Band Strap Fixing Machine (कीमत- 2,500 से शुरू)

इसे भी देखें- एलईडी लाइटस व्यवसाय कैसे शुरू करें

नोट- 

  • उपरोक्त बताई गई मशीनें ऑटोमेटिक व मैनुअल वेरियंट एवं अलग-अलग क्षमता की आती हैं, साथ ही इन मशीनों का चुनाव आप बिजनेस की उत्पादन कार्यक्षमता के आधार पर ही करें। 
  • उपरोक्त बताये गए रॉ मटेरियल व मशीनों की कीमत (chappal making machine price) बाजार उतार-चढ़ाव के कारण घट-बढ़ सकती है। 

मशीनरी कहां से खरीदें-

उपरोक्त मशीनरी को आप अपने लोकल इलेक्ट्रोनिक्स मार्केट से ले अथवा बनवा सकते हैं यदि लोकल बाजार में यह मशीने नहीं मिल पा रही हैं तो इसे आप ऑनलाइन नीचे दी गई वेबसाइटस से खरीद सकते हैं-

  1. www.indiamart.com 
  2. www.amazon.com
  3. www.alibaba.com या फिर आप जिसे जानते हैं वहाँ से ऑर्डर दे सकते हैं।

चप्पल तैयार करने की विधि (Process of Slipper/Chappal Making)-

हवाई चप्पल बनाने के तरीके में अथवा चप्पल बनाने का काम 05 चरणों में पूरा किया जाता है-

  • प्रथम चरण- चप्पलों का निर्माण करने के लिए सबसे पहले Sole Cutting Machine की सहायता से वांछित नाप की डाइ/सांचा लगाकर रबर शीट से चप्पल के सोल/पैतावा को काटा जाता है. इस कटिंग प्रोसेस को आप मैन्युअल व ऑटोमेटिक दोनों तरीको से कर सकते हैं.
  • दूसरा चरण- सोल/पैतावा कट जाने के बाद इस कटे हुए सोल/पैतावे के किनारों को Chappal Sole Grinder & Drill Machine की ट्रिमिंग या ग्राइंडिंग की जाती है, ट्रिमिंग या ग्राइंडिंग के बाद सोल/पैतावा में strap band को फिक्स करने के लिए होल/छिद्र बनाया जाता है.
  • तीसरा चरण- सोल/पैतावा पूरी तरह से तैयार हो जाने के बाद सोल/पैतावा पर Screen/Stamp Printing Machine की मदद से ब्रांड का नाम आदि छापा जाता है. इसके बाद प्रिंटिंग को सूखने के लिए कुछ देर के लिए रख दिया जाता है.
  • चौथा चरण- नाम आदि छप जाने के बाद चप्पल सोल/पैतावा में Band Strap Fixing Machine की मदद से चप्पल strap band को लगाया जाता है. strap band के लग जाने के बाद तैयार हवाई चप्पल (hawai chappal) उपयोग में लिए जाने को रेडी हो जाती है.
  • पांचवां चरण- पूरी तरह से उपयोग हेतु तैयार हवाई चप्पल को अंतिम चरण में पैकिंग के लिए भेज दिया जाता है.

चप्पल बिजनेस के तहत चप्पल की पैकिंग-

एक शानदार और सुन्दर पैकिंग किसी भी ग्राहक को अपनी ओर आकर्षित कर सकती है और उस पर यदि आपका उत्पाद उच्च गुणवत्ता का है तो जल्द ही मार्केट/बाज़ार में छा भी सकता है. किसी भी Product की पैकिंग उसके ब्रांड वैल्यू को बनाने और बढ़ाने का काम करती है.

पैकिंग की डिजाइन के लिए किसी जानकार ग्राफिक्स डिजाइनर की सहायता जरूर लें। साथ ही उत्पाद बनाने में उपयोग किए गए घटकों का उल्लेख करने के साथ सकारात्मक विचार वाली टैगलाइन (स्लोगन) आदि प्राथमिक तौर पर उत्पाद की पैकेजिंग पर अनिवार्य रूप से छपवाएँ।

पैकिंग छपवाने के लिए आप सबसे पहले अपने क्षेत्रीय प्रिंटर्स/मुद्रक से संपर्क करें, यदि आपके क्षेत्र में प्रिंटिंग आदि का काम नहीं होता है तो पैकिंग बनवाने के लिए आप इंटरनेट पर मौजूद वेबसाइटो की मदद ले सकते है.

चप्पल उत्पाद की मार्केटिंग और कहां-कहां बेंच सकते हैं-

Product तैयार हो जाने के बाद सबसे अहम काम होता है अपने उत्पाद के प्रति लोगों को जागरूक करना मतलब अपने उत्पाद की मार्केटिंग करना। हवाई चप्पल के कारोबार की शुरुआती मार्केटिंग के लिए आपको उन क्षेत्रों का चुनाव या चिन्हित करना चाहिए जहां समाज के प्रत्येक व्यक्ति का आना जाना होता रहता हो.

ऐसे स्थान हो सकते हैं. जैसे आपके क्षेत्र के स्थानीय हाट बाजार और नुक्कड़ (चौराहे) की दुकानें. स्थानीय हाट बाजार में आप स्टाल लगाकर हवाई चप्पलों की बिक्री कर अथवा करवा सकते हैं. इसके साथ ही आप अपने क्षेत्र की होलसेल मार्केट से भी संपर्क कर सकते हैं.

असल में आज के दौर में जैसे-जैसे बाजार में competition बढ़ता जा रहा है, इसको देखते हुए किसी भी नए उद्यमी/कारोबारियों को चप्पल जैसे बिजनेस के लिए शुरुआती स्तर पर “गोरिल्ला मार्केटिंग” सबसे उत्तम मार्केटिंग मानी गई है, जो कम लागत में अच्छा मुनाफा भी दे जाती है.

इसके साथ ही आप शुरूआती चरण में अपने आस-पास के क्षेत्रों में सांकेतिक विज्ञापन जैसे- पोस्टर, बैनर, स्टीकर व होर्डिंग आदि के माध्यम से मार्केटिंग जरूर करें. आप स्थानीय अखबार के साथ सोशल मीडिया आदि पर भी विज्ञापन आदि भी डालकर अपने उत्पाद का प्रचार कर सकते हैं.

इसे भी पढ़ें- टूथब्रश बनाने का व्यवसाय कैसे शुरू करें

यदि आप बेहतर तरीके से अपने उत्पाद (हवाई चप्पल) का प्रचार-प्रसार करते हैं तो निश्चित ही आपका चप्पल बनाने का बिजनेस या कारोबार धीरे-धीरे फलने व फूलने लगेगा, क्योंकि चप्पल आज समाज के प्रत्येक आयु वर्ग की प्राथमिक जरूरतों में से एक है और जिसे हर कोई प्राथमिकता पर उपयोग करता ही करता है।

चप्पल का मूल्य निर्धारण-

एक नए उत्पाद को बाजार में बेचने के लिए सबसे अहम भूमिका निभाता है उसका मूल्य और यह बात सार्वभौम सत्य है कि आज जिस तरह से मंहगाई बढ रही है, उसे ध्यान में रखते हुए आपको अपने उत्पाद का मूल्य इतना रखना चाहिए, जिसे समाज का हर वर्ग आसानी से खरीद सके.

इसलिए बाजार और मंहगाई को देखते हुए आप अपने उत्पाद का मूल्य बाजार में मौजूद अन्य उत्पादों की अपेक्षा कुछ कम ही रखें लेकिन उत्पाद की गुणवत्ता से कोई समझौता न करें,

बेहतरीन गुणवत्ता के कारण लोगों/ग्राहकों/उपभोक्ताओं का भरोसा आपके उत्पाद के प्रति बढ़ता जाएगा, जो आपके कारोबार की नई संभावनाएं और सीमाएं तय कर सकता है साथ ही भविष्य में लाभकारी परिणामों वाला भी साबित हो सकता है.

सुझाव- कम मूल्य पर उत्पाद बेचने की शुरुवात आपको अपने लोकल मार्केट व हाट बाजार से ही करनी चाहिए।

चप्पल बनाने का बिजनेस शुरू करने के लिए लागत-

यदि आप व्यवसायिक तौर पर चप्पल बनाने का बिजनेस शुरू करना चाहते हैं तो इस बिजनेस के पूरे setup में कम से कम 01 से 3.5 लाख रुपए की पूंजी का निवेश करना होगा। यह निवेश ऑटोमेटिक मशीनों, स्थान, कच्चे माल की क्रय दर के अलावा मैनपावर के चयन पर घट अथवा बढ़ भी सकता है।

सुझाव-

चप्पल बनाने के बिजनेस या किसी भी बिजनेस/कारोबार को शुरू करने या लागत लगाने से पूर्व इच्छुक व नए उभरते हुए उद्यमी, व्यवसायी, व्यापारी अथवा कारोबारी को इन बातों का हमेशा ध्यान रखना चाहिए-

  1. बाजार में उत्पाद की मांग व खपत का आंकलन करना,
  2. कच्चे माल का कीमत व उपलब्धता पर ध्यान देना,
  3. अपने प्रतिस्पर्धी को पहचानना व उसकी कमियों को खोजना
  4. अपने कारोबार के लिए एक बेहतर रणनीति बनाना।

चप्पल बिजनेस शुरू करने के लिए लोन-

लघु उद्योग को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार ने मेक इन इण्डिया के तहत प्रधानमंत्री मुद्रा लोन योजना, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP), कौशल विकास योजना आदि के माध्यम आपको आसानी से ऋण/लोन मिल सकता है.

इसके लिए आपको अपनी कंपनी या फर्म के पंजीकरण संख्या से सरकारी योजनाओं के तहत आवेदन करना होगा. सरकारी योजनाओंके तहत लघु उद्योग हेतु ऋण/लोन लेने के लिए आप अपने क्षेत्रीय सरकारी बैंक की शाखा से आवशयक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं.

चप्पल बनाने के बिजनेस में मुनाफा-

अब बात करते हैं चप्पल बनाने के बिजनेस से होने वाले मुनाफे की। सामान्य तौर पर उच्च गुणवत्ता की एक जोड़ी चप्पल बनाने अथवा पैकिंग सहित तैयार करने में लगभग 30 से 40 रूपए तक खर्च आ जाता है। जिसे खुदरा बाजार (Retail Market) में आसानी से 80 से 100 रूपए तक बेचा जाता है. जहां मुनाफा 50 से 60 रूपए प्रति जोड़ी हवाई चप्पल की दर से लिया अथवा कमाया जाता है.

वही यदि आप होलसेल में हवाई चप्पल (Hawai Chappal) को बिक्री के लिए भेजते हैं तो होलसेल में प्रति जोड़ी हवाई चप्पल 50 से 65 रूपए की दर से विक्रय की जाती है. जहां मुनाफा 20 से 25 रूपए प्रति जोड़ी हवाई चप्पल की दर से लिया अथवा कमाया जाता है.  

नोट- आपका मुनाफा तैयार माल/उत्पाद की गुणवत्ता (Quality) और मार्केटिंग दोनों पर निर्भर करता है।

सुझाव- अपने मुनाफे को बढाने के लिए आप अपने उत्पाद की मार्केटिंग बेहतर एवं प्रभावी ढंग से अनिवार्य रूप से जरूर करें अथवा किसी मार्केटिंग एजेन्सी से जरूर करवाएं.

हवाई चप्पल बनाने की मशीन (chappal banane ki machine) की कीमत कितनी होती है?

हवाई चप्पल बनाने की मशीन मुख्य रूप से 02 वेरियंट में आती हैं- 1. मैनुअल मशीन, जिसकी कीमत 10,000 रूपये प्रति इकाई तथा 2. ऑटोमेटिक व सेमी ऑटोमेटिक मशीन, जिसकी कीमत 30,000 रूपये प्रति इकाई से शुरू हो जाती है.

हवाई चप्पल उद्योग में बड़े जोखिम क्या होता है?

चप्पल बनाने के उद्योग में सबसे बड़ा जोखिम सही तरह के रॉ मटेरियल का चयन/चुनाव न कर पाना होता है. चप्पल बनाने का कारोबार पूरी तरह से मटेरियल आधारित होता है, इसलिए सही प्रकार के कच्चे माल का चुनाव करना जरूरी होता है.

अधिकतर नए उद्यमियों का चप्पल बनाने का बिजनेस इसी कारण से फेल अथवा ठप्प हो जाता है क्योंकि वे कच्चे माल की गुणवत्ता को सही से परखते नहीं.

चप्पल बनाने के बिजनेस में लोन कब लेना सही होता है?

चप्पल ही नहीं, बल्कि किसी भी प्रकार के बिजनेस में लोन तब लेना सही होता जब उसका विस्तार करने की आवश्यकता होती है. विशेषज्ञों द्वारा सलाह दी जाती है कि व्यवसाय की शुरुआत उद्यमी को अपने पैसे से ही करनी चाहिए.

अंत में-

हमारा उद्देश्य उन इच्छुक उम्मीदवारों, उद्यमियों, व्यवसायियों, व्यापारियों और कारोबारियों को बेहतर से बेहतर जानकारी प्रदान करना है, जो चप्पल बनाने के बिजनेस को करने के इच्छुक हैं और इस बिजनेस में अपना भविष्य में देख रहे हैं.

नोट- किसी भी बिजनेस को शुरू करने से पहले बाजार/मार्केट रिसर्च एवं खपत का आंकलन अनिवार्य रूप से अवश्य करें. ऐसा करने से आपको बिजनेस में आने वाले जोखिम और दिक्कतों का सामना करने में आसानी हो जाएगी और बाजार में डिमांड के अनुरूप आप अपने products का निर्माण भी अच्छे से कर पाएंगे.

आशा है आपको इस लेख ‘चप्पल बनाने का बिजनेस कैसे शुरू करें’ से चप्पल/slipper business/बिजनेस, व्यापार व कारोबार के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी जरूर मिली होगी, साथ ही… यदि कुछ छूट गया हो या कुछ पूछना चाहते हों तो कृपया comment box में जरूर लिखें. तब तक के लिए-

“शुभकामनाएं आपके कामयाब और सफल व्यापारिक भविष्य के लिए”

धन्यवाद!

जय हिंद! जय भारत!

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