बिजनेस आईडियाबिजनेस में फेल होने के कारण | Reasons for Failure in Business

बिजनेस में फेल होने के कारण | Reasons for Failure in Business

बिजनेस में फेल (Failure in Business): नमस्कार साथियों! आज हम ऐसे विषय पर चर्चा करने जा रहे हैं जो वास्तव में बहुत ही गंभीर विषय है. हो सकता है कि आपमें से कई लोग इस एक वाक्य “बिजनेस में फेल होने के कारण (Reasons for Failure in Business)” को जानते और समझते हों

लेकिन क्या वास्तविकता में आपमें से किसी ने उन तथ्यों, कारणों और विफलताओं पर गहन शोध करने की कोशिश की, जिस कारण एक चलता हुआ सफल कारोबार देखते ही देखते फेल/ठप्प हो जाता है.

आज इस लेख के माध्यम से हम उन तथ्यों, कारणों और विफलताओं पर हमारे द्वारा किये गए विस्तृत शोध/सर्वे और व्यापारिक ज्ञान की बातें साझा करने जा रहे हैं, जिन्हें यदि आपने गहराई से समझ लिया तो यह निश्चित है कि आप अपने बिजनेस में कभी फेल नहीं होंगे. साथ ही गिरते बिजनेस को उसकी बुलंदियों तक पहुंचाना कैसे है, इसके बारे में भी बात करेंगे.

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तो यदि आप इस पोस्ट तक पहुंच चुके हैं तो वेबसाइट को subscribe कर लें… ताकि बिजनेस और कारोबार से जुडी दिलचस्प बाते आपको आगे लगातार मिलती रहें. बिजनेस में फेल होने के विषय पर चर्चा शुरू करने से पहले कुछ प्रश्नों को समझना जरूरी है. मसलन-

बिजनेस क्या है? अथवा क्या होता है? (What is Business)

अधिकतर नए उद्यमियों के लिए यह प्रश्न एक पहेली मात्र है. अधिकतर के लिए वस्तु/उत्पाद की खरीद-फरोख्त करने तथा उस वस्तु पर मार्जिन तय कर मुनाफा कमाना ही बिजनेस है, जबकि यह सटीक नहीं है. असल में बिजनेस मूलरूप से “समस्या का समाधान” होता है और इसी समाधान की लागत पर मुनाफा कमाना बिजनेस का लक्ष्य (business goal) होता है.

लेकिन बिजनेस में फेल होने वाले अधिकतर उद्यमी इसे तब सीखते हैं जब वे अपना उद्यम/startup fail कर चुके होते हैं.

बिजनेस कितने प्रकार का होता है?

व्यवसायिक तौर पर बाजार का गहराई से आंकलन करने पर बिजनेस, कारोबार, व्यापार अथवा व्यवसाय के मात्र 02 प्रकार देखने को मिलते हैं.

1. उत्पाद निर्माण व्यवसाय (Product Manufacturing Business)
2. सेवा प्रदान करने का व्यवसाय (Service Providing Business)

मौजूदा बाजार के मुताबिक पूरी दुनिया में जितने भी बिजनेस अथवा कारोबार अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हैं, इन्ही दोनों के अंतर्गत ही आते हैं.

बिजनेस में जानकारी का क्या महत्व होता है?

क्या आप जानते हैं कि अधिकतर नए startup fail क्यों हो जाते हैं? देखिये अधिकतर नए startup business fail होने का मूल कारण मूलरूप से उन्हें अपने startup business की पूरी जानकारी का न होना होता है. मतलब चरणबद्ध तरीके से कैसे अपने startup को उसकी बुलंदियों तक पहुंचाना है, इसमें संशय रहता है.

बिजनेस में फेल होने के मुख्य कारण (Main reason to failure in business)-

लगातार बदलते परिवेश के कारण आज हमारा जीवन जीने का सलीका निरंतर बदलता जा रहा है, ये पिछले ज़माने की बात हुआ करती थी कि परिवार में केवल एक कमाता था, जिससे सभी सदस्यों का भरण-पोषण हुआ करता था. निरंतर बदलते फैशन के दौर में मंहगाई लगातार बढती जा रही है, ऐसे में हर एक को अपनी जरूरों को पूरा करने के लिए व्यक्तिगत स्तर पर कमाना (आय का स्रोत बनाना) जरूरी हो गया है.

लेकिन जिस गति से दुनिया की जनसंख्या बढ़ रही है, उसको देखते हुए एक बात स्पष्ट हो जाती है कि सभी को नौकरी नहीं मिल सकती, भीड़ का एक बड़ा वर्ग अपनी प्राथमिक आय कमाने के लिए हमेशा संघर्ष करता है. इन कठिन परिस्थितियों में अपनी उत्तरजीविता बनाए रखने के लिए एक सकल आय का जरिया मात्र एक बिजनेस ही बचता है.

परन्तु उद्यम अथवा व्यवसाय के क्षेत्र में अपना भविष्य/करियर बनाना भी नए उद्यमियों अथवा इच्छुक लोगों के लिए एक चुनौती पूर्ण कार्य तब साबित हो सकता है, जब उन्होंने बिजनेस के तौर-तरीके, नियम और पर्याप्त वांछित जानकारी को एकाग्रता से समझा न हो और भ्रामक जानकारी से प्रेरित होकर बिजनेस में निवेश कर दिया हो.

ऐसे में दो तरह के परिणाम मिल सकते हैं-

  1. बिजनेस में घाटा (loss in business)
  2. आशा से अधिक बिजनेस में मुनाफा (unexpected profit in business)

ये दोनों परिणाम निवेश की रणनीति (investment strategy) और उत्पाद अथवा सेवा की खपत पर निर्भर करते हैं. इसके अलावा मौजूदा बाजार भी काफी हद तक जिम्मेदार हो सकती है. तो प्रश्न उठता है कि खुद को बिजनेस में फेल होने के कारणों से कैसे बचाया जा सकता है? किन-किन तथ्यों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है?

आइये इसे गहराई से समझने की कोशिश करते है- हमारे द्वारा किये गए व्यक्तिगत स्तर के सर्वे में अमूमन कुछ बिंदुओं ने इसे परिभाषित करने की कोशिश की है. यदि आप अथवा इच्छुक उद्यमी इन तथ्यों पर गहनता से समझता है तो वह खुद को सफल कारोबारियों की श्रेणी में अपनी उपस्थिति दर्ज करा सकता है.

बिजनेस में फेल होने के मुख्य बिंदु हैं-

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  1. भ्रामक जानकारी से प्रेरणा लेना
  2. उद्देश्य परिवर्तन
    1. बिजनेस का चुनाव
  3. बिजनेस के लिए वित्तीय प्रबंधन की रणनीति विहीन होना
  4. उत्पाद का महत्व, मांग व खपत का आंकलन
  5. उत्पाद की मार्केटिंग और विज्ञापन पर ध्यान न देना
  6. तय दर की अनिश्चितिता
  7. नई रणनीति विकसित पर ध्यान न देना
  8. मनोविज्ञान और मनोदशा ज्ञान बोध में कमी

भ्रामक जानकारी से प्रेरणा लेना (Taking inspiration from misleading information)-

मौजूदा समय में भ्रामक सूचनाओं का दौर चल रहा है. अक्सर नया बिजनेस शुरू करने अथवा new startup start करने वाले नए उद्यमी, उनके द्वारा प्राप्त की जा रही सूचनाओं का गहराई से विश्लेषण करना नहीं चाहते, जिस कारण जाने-अनजाने में उन्हें अपने बिजनेस में असफलता (failure in business) का शिकार होना पड़ता है.

हमारे द्वारा किये गए सर्वे में एक बात को विशेष रूप से नोटिस किया गया कि बिजनेस शुरू करने की चाह रखने वाले अधिकांश उद्यमी ऐसे YouTube वीडियो व सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली सूचनाओं से प्रेरित मिले जो जल्द से जल्द अमीर बनना चाहते हैं.

जबकि वास्तविकता तो यह है कि सोशल मीडिया जैसे प्लेटफार्मों पर प्रसारित होने वाली अधिकतर सूचनाओं में व्यवसाय का ओवर-वियू (सक्षिप्त) ही देखने को मिलता है.

ऐसी स्थिति में भ्रामक जानकारियों से प्रेरित होकर यदि कोई अपने उद्यम/startup की शुरुआत करता है, तो इस सम्भावना को बल मिलता है कि भविष्य में उसे अपने बिजनेस में फेल होने की समस्या झेलनी पड़े. तो ऐसे में क्या किया जा सकता है?

सुझाव-

देखिये! बिजनेस कोई ऐसा उपक्रम या घटक नहीं है, जिसे एक बार में ही मुनाफे लायक बनाया जा सके, यह मूलरूप से चरण दर चरण क्रमबद्ध चलने वाली प्रक्रिया है, जिसमें समयानुसार बाजार की मांग के मुताबिक कदम उठाये जाते हैं.

  • यदि आप अपने आपको खुद के बिजनेस में फेल होने से बचाना चाहते हैं तो सबसे पहले आपको इंटरनेट पर मौजूदा भ्रामक जानकारियों से बचनेपुख्ता जानकारियों के स्रोत को खोजने की आवश्यकता है.
  • वांछित व्यवसाय की मार्केट डिमांड और मार्केटिंग से सम्बंधित व्यय का आंकलन सबसे अहम भूमिका में होता है, इसे गहराई से समझना इच्छुक उद्यमी के लिए अतिआवश्यक है.

उद्देश्य परिवर्तन (Change goal)-

जिन उद्यमियों के पास बिजनेस की रणनीति नहीं होती वे बार-बार अपने बिजनेस के उद्देश्य को बदलते हैं और अंत में बिजनेस में असफलता हो हांसिल करते हैं. यह मुख्य तथ्य है जिस कारण लोग अपने बिजनेस में फेल हो जाते है. अक्सर देखा गया है कि अधिकतर नए startup शुरुआत के एक साल के अन्दर ही अपना दम तोड़ देते हैं.

इसका मूल कारण यह है कि जिन्होंने अपना startup किया उन्होंने अपने बिजनेस की गंभीरता/संजीदगी को न समझकर शौकिया तौर पर ही काम किया. ऐसे में उनके बिजनेस में फेल के कारणों में 4 संभावनाएं पैदा हो सकती है-

  1. भ्रामक जानकारियों से प्रेरित होना/सही बिजनेस के चुनाव में कमी
  2. पैसे की कमी/लागत प्रबंधन की रणनीति का विलोपन (cost management strategy)
  3. बिजनेस में अरुचि/उद्देश्य परिवर्तन (disinterest in business)
  4. पारिवारिक दबाव के कारण उद्देश्य परिवर्तन

देखिये! व्यक्ति का लक्ष्य (focus on target) अथवा उद्देश्य तभी परिवर्तित होता है, जब उसे उस काम में संतुष्टि (मजा न आ रहा हो) न मिल रही हो अथवा व्यवसायिक जानकारी की कमी हो. ऐसे में हमारी तरफ से नए उद्यमियों को एक ही सलाह है कि आप ऐसे बिजनेस अथवा काम को करिए जिसमें आपका मन रमे साथ ही आप अपने उस काम से पैसा भी बना पायें.

आज जो भी अपने बिजनेस के शिखर पर पहुंचे हैं, वे सभी केवल उस एक ही काम को करते हैं, जिसमें उनका मन लगता है, धीरे-धीरे वे अपने काम में इतना दक्ष हो चुके हैं कि उनका मुकाबला कोई नहीं कर सकता, और वे अपने काम से अच्छा पैसा भी कमा लेते हैं. तो यहां पर प्रश्न आता है कि अपने किस हुनर को बिजनेस में बदला जा सकता है? या बिजनेस का चुनाव कैसे किया जाता है?

बिजनेस का चुनाव (Business selection)-

किसी भी बिजनेस का चुनाव मार्केट की मांग और उद्यमी की निपुणता के आधार पर किया जाता है. आप जानते ही हैं कि बिजनेस मूलरूप से 02 प्रकार का होता है. तो प्रश्न यहां यह है कि बिजनेस का चुनाव किस आधार पर किया जाए?

देखिये! व्यवसाय का चुनाव करने से पूर्व 03 बातों पर विचार करने की आवश्यक्ता होती है-

  1. बाजार की स्थिति (Market Position)
  2. लागत और उत्पाद खपत की उपलब्धता
  3. सेवा की मांग व कच्चे माल की उपलब्धता

व्यवसाय का चुनाव करने के बाद मुख्य भूमिका में आता है चयनित स्थान. जी हां! आप जिस स्थान का चयन करने जा रहे हैं, उससे पूर्व आपको यह विशेष तौर पर आंकलन कर लेना है कि आपके वांछित बिजनेस के मुताबिक वहां पर ग्राहक/उपभोक्ता की उपलब्धता है या नहीं?

बिजनेस में वित्तीय प्रबंधन की रणनीति का विहीन होना (Lack of strategy of financial management in business)-

किसी भी बिजनेस को उसके उच्चतम शिखर पर पहुँचाने के लिए बिजनेस लागत का बजट तैयार करना जरूरी होता है. बिजनेस में खुद को फेल होने से बचाने के लिए आपको अपने व्यवसाय की एक प्रभावी वित्तीय प्रबंधन रणनीति (effective financial management strategy) अवश्य बनानी चाहिए.

हमारे द्वारा किये गए सर्वे में कई नए उद्यमियों के business plan में देखा गया कि उन्होंने ने अपने बिजनेस की शुरुआत बिना किसी वित्तीय प्रबंधन रणनीति बनाए किया है. जिस कारण उनमें से अधिकतर का startup परवान चढ़ने के बजाये सीधा गिरावट/घाटे में चला गया और अतंत: वे अपने बिजनेस में फेल हो गए.

तो प्रश्न उठता है कि इच्छुक उद्यमी खुद को अपने बिजनेस में फेल होने से बचने के लिए किस प्रकार वित्तीय प्रबंधन रणनीति विकसित करे, जिससे वह अपने बिजनेस में घाटा कम से कम खाए?

सुझाव-

देखिये! वित्तीय प्रबंधन की रणनीति तैयार करने के लिए बिजनेस के 4 घटकों और उनकी भागीदारी को समझना जरूरी है. यहां हम एक प्रभावी वित्तीय प्रबंधन रणनीति का विवरण देने जा रहे हैं, जिसमें घटक व उनकी भागीदारी का अनुपात (लागत मूल्य) भी दर्शाया गया हैं. पहले वर्ष के लिए ये रणनीति है-

क्रमघटकभागीदारी
1उत्पाद निर्माण (मशीनरी, कच्चा माल, वाहन, स्थान आदि) अथवा सेवा प्रदान व्यवसाय में चयनित स्थान पर विशेष लागत40%
2मार्केटिंग (सभी पंजीकरण व विज्ञापन आदि)25%
3ऑफिस/स्टाफ खर्च (वेतन भत्ता आदि)25%
4बैकअप मनी (रेस्ट मनी)10%

उपरोक्त चार्ट तालिका में जो घटक व उनकी भागीदारी सुझाई गई है. वह हर प्रकार के बिजनेस में लागू होती है. चाहे manufacturing business हो या फिर service providing business. किसी भी तरह का व्यवसाय शुरू करने के लिए बताये गए चारों घटकों का प्रबंधन किया जाना जरूरी होता है.

यही चारों घटक व्यवसाय/बिजनेस की नींव (foundation of business) का काम करते हैं. पहले वर्ष के लिए यह एक प्रभावी रणनीति है, लेकिन जैसे-जैसे आपका बिजनेस बढ़ता/पुराना होता जाता है आपको इसमें आंशिक फेरबदल करने की आवश्यकता है. मसलन दूसरे वर्ष में इसे नीचे दी गई तालिका के अनुसार बदलाव करें-

 क्रमघटकभागीदारी
1उत्पाद निर्माण (कच्चा माल, वाहन आदि) अथवा सेवा प्रदान व्यवसाय में नई ब्रांच पर लागत30%
2मार्केटिंग (ब्रांड बनाने के लिए)30%
3ऑफिस/स्टाफ खर्च (वेतन भत्ता आदि)25%
4बैकअप मनी (रेस्ट मनी + पहले वर्ष का मुनाफा)15%

उपरोक्त बताई गई रणनीति एक प्रभावी वित्तीय प्रबंधन रणनीति है, जिसे कई कसौटियों पर आप खुद परख सकते है… साथ ही इस वित्तीय प्रबंधन रणनीति को अपनाकर यदि आप अपना startup करते हैं, तो काफी हद तक आप अपने आपको बिजनेस में फेल होने कारणों से बचा सकते हैं.

व्यवसाय का महत्व, उत्पाद मांग व बाजार का आंकलन (Importance of business, product demand and market assessment)-

किसी भी राष्ट्र की उन्नति का आधार व्यवसाय के महत्व को परिभाषित करने के लिए काफी है. मौजूदा समय में चीन एक ऐसा देश है, जिसके उत्पाद लगभग पूरी दुनिया में उपयोग में लिए जाते हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि चीन लगभग सभी तरह के उत्पाद का निर्माण कर अन्य देशों में एक्सपोर्ट करता है. एक्सपोर्ट के जरिये कमाया गया मुनाफा चीन की अर्थव्यवस्था में एक बड़ा योगदान देती है.

चीन यह जानता है कि उसके ग्राहक/उपभोताओं को क्या चाहिए, कैसा चाहिए और कितना चाहिए. यदि आप भी उत्पाद की मांग और उसकी खपत का आंकलन करना चाहते हैं, तो शुरूआती स्तर पर आपको अपने मौजूदा मार्केट में उस तथ्यों को खोजने की आवश्यकता है, जिससे ग्राहक/उपभोक्ता संतुष्ट नहीं है.

इस चीज को सीखने के लिए आपको दिमाग के business mindset की तरह सोचना होगा. क्यों कुछ लोग कम पढ़े लिखे होकर भी अच्छा मुनाफा कमा लेते हैं? और क्यों कुछ लोग मास्टर होते हुए भी अपने उद्यम/बिजनेस से औसत ही मुनाफा बना पाते हैं?

देखिये आंकलन करना कोई पैदाइशी गुण नहीं है, समय के साथ इसे विकसित करना होता है. फिल्ड में उतरना पड़ता है. वीडियो देखने से अगर बिजनेस start होता तो शायद आज कोई बेरोजगार नहीं होता. ये वचन थोड़े कडुवे जरूर हैं लेकिन पूरी तरह से सच और सटीक हैं. आप आजमा सकते हैं.

आंकलन करना इसलिए भी जरूरी है क्योंकि आप किस प्रकार से बाजार में अपनी उपस्थिति दर्ज कराना चाहते हैं. मसलन- यदि आप परामर्श की सेवा (consultation service) देना चाहते हैं, तो सबसे पहले आपको देखना होगा कि आपकी मार्केट में क्या इसकी जरूरत है भी या नहीं? यदि है तो अन्य लोग किस प्रकार से अपने बिजनेस को संचालित कर रहे हैं साथ ही आप कैसे उसमें सुधार और नयापन ला सकते हैं? आप हमें comment box में जरूर बताएं.

अमूमन देखा गया है कि अधिकतर नए उद्यमी ऐसे स्थान व ऐसी मार्केट का चयन कर लेते हैं जहां पर उनके प्रतिस्पर्धी पहले से ही मजबूत स्थिति में मौजूद होते है. ऐसी स्थिति में बहुत ही प्रबल सम्भावना बनती है कि एक नया व्यवसाय शुरू होने से पहले ठप्प हो जाए.

इसलिए यह जरूरी है कि अपना startup शुरू करने से पहले वांछित मार्केट का आंकलन किया जाना जरूरी है. इससे आप अपने प्रतिस्पर्धियों को पहचानने और उनकी कमियों को खोजने में मदद मिलती है. जिससे आपकी बिजनेस रणनीति अन्य की अपेक्षा उचें पायदान पर पहुच जाती है और आपकी बिजनेस में फेल होने की सम्भावना कम हो जाती है.

उत्पाद की मार्केटिंग और विज्ञापन पर ध्यान न देना (Ignoring the marketing and advertising of the product)-

मौजूदा दौर में मार्केटिंग किये बिना किसी भी प्रकार के बिजनेस को सफल बना पाना एक टेढ़ी खीर है. यह एक शाश्वत सत्य है, सुई से लेकर पुर्जे तक को बेचने के लिए उसकी प्रभावी मार्केटिंग की जाती है. आज जो ब्रांड बाजार पर राज कर रहे हैं, निशिचत ही उन्होंने अपने बिजनेस की तगड़ी मार्केटिंग की है.

यदि आप खुद को अपने बिजनेस में फेल होने के कारणों से बचाना चाहते हैं, तो यह जरूरी है कि आप मार्केटिंग के कांसेप्ट और प्रभावी रणनीतियों के तहत विज्ञापनों के महत्व को गहनता से समझें. अक्सर देखा गया है कि नए उद्यमी मार्केटिंग को विज्ञापन की संज्ञा मानते हैं जो कि पूरी तरह से सटीक नहीं है. विज्ञापन, मार्केटिंग का प्रकार जरूर है, लेकिन विज्ञापन मार्केटिंग नहीं है.

समाज/उपभोक्ताओं में उत्पाद की जागरूकता व्याप्त करने हेतु कई अलग-अलग स्तर की मार्केटिंग की जाती है. जिसमें एक बड़ा स्तर विज्ञापन का होता है. यदि आप मार्केटिंग के बारे में और विस्तार से जानना चाहते हैं इस पोस्ट उत्पाद की मार्केटिंग को पढ़ें.

तय दर की अनिश्चितिता (Uncertainty of fixed rate)-

लेकिन जैसे ही कुछ उन्हें कुछ मुनाफा होने लगता है, वे बेढंग तरीके से दरें/कीमतें बढ़ा देते हैं. जबकि लागत में कोई इजाफा नहीं होता. जिसके परिणाम स्वरूप 02 प्रकार की परिस्थितियां बनती हैं-

  1. ऊंची दरों के कारण ग्राहकों का कम हो जाना (वे ग्राहक जो ऊंची दर वहन नहीं कर सकते, आपके उत्पाद अथवा दी जाने वाली सेवा को छोड़कर अन्य की ओर जा सकतेहैं)
  2. अन्य प्रतिस्पर्धियों को मौका देना (कई बार अनाप-शनाप ढंग से बढाई गई दरें आपके competitor के business के फलने-फूलने का मौका दे सकती हैं.)

हमारे द्वारा किये गए सर्वे में नए उद्यमियों के व्यवहार और उनकी रणनीतियों में अमूमन देखा गया कि वे बिजनेस के शुरूआती दौर में अपने उत्पाद अथवा सेवा, उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराने की दर को ग्राहकों के अनुकूल ही रखते हैं.

देखिये! अर्थशास्त्र के अनुसार बाजार एक लोचदार उपक्रम है जो कठोर नियमों पर काम करता है. बाजारों में दरों की घटने-बढ़ने की रणनीति अर्थशास्त्र के इस नियम पर काम करती है- “मांग बढ़ने पर दरें घट जाती हैं, और मांग घटने पर दरें  बढ़ जाती हैं.” यदि आपने इस नियम का आंकलन सही समय पर लगा लिया, तो आप कभी भी अपने बिजनेस में फेल नहीं होंगे.

आप जानते ही हैं कि मौजूदा दौर महंगाई का दौर है, ऐसे में यदि आप अपने बिजनेस में फेल होने से बचना चाहते हैं तो आप द्वारा उपलब्ध कराये जा रहे अपने उत्पाद अथवा सेवा की दर पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है. क्योंकि अब वो समय चल रहा है, जिसमें एक-एक ग्राहक को जोड़कर ही बिजनेस सफल बनाया जा सकता है.

इसका आशय यह है कि आप अपने उत्पाद अथवा सेवा की दर/कीमत को बाजार का आंकलन (market assessment) कर इतना रखें जिससे समाज का हर वर्ग आसानी से वहन कर सके. ऐसा करने से एक तरफ आपको मुफ्त मार्केटिंग का लाभ (benefits of free marketing) भी मिलेगा और आपके ब्रांड की दूर-दूर तक प्रसिद्धि भी संभव है.

अंत में-

हमारा उद्देश्य उन इच्छुक उम्मीदवारों, उद्यमियों, व्यवसायियों, व्यापारियों और कारोबारियों को बेहतर से बेहतरीन जानकारी प्रदान करना है, जो  एक बेहतर रणनीति बनाकर अपने व्यवसाय को उच्च से उच्चतम शिखर तक पहुंचने के इच्छुक हैं और अपने निर्मित उत्पाद अथवा सेवा से अच्छा मुनाफा भी कमाना चाहते हैं.

नोट- किसी भी बिजनेस को शुरू करने से पहले वांछित उत्पाद अथवा सेवा की मार्केट रिसर्च एवं खपत का आंकलन अनिवार्य रूप से अवश्य करें. ऐसा करने से भविष्य में आने वाले जोखिम और दिक्कतों का सामना करने में आसानी हो जाएगी और अपने बिजनेस के प्रतिस्पर्धियों को पहचानने के अलावा बाजार डिमांड (market demand) के अनुरूप आप अपने products/service की सुविधा का प्रतिपादन भी अच्छे से कर पाएंगे.

आशा है इस लेख “बिजनेस में फेल होने के कारण” से आपको बिजनेस/कारोबार एवं उद्योग जगत से जुड़े कई प्रश्नों का समाधान और व्यवसाय से सम्बंधित गहन जानकारी जरूर मिली होगी, साथ ही… यदि कुछ पूछना चाहते हों तो कृपया comment box में जरूर लिखें. लेख पसंद आया हो तो इसे अपने दोस्तों व जरूरतमंदों के साथ share करना न भूलें. अभी तक के लिए इतना ही-

शुभकामनाएं आपके कामयाब और सफल व्यापारिक भविष्य के लिए.

धन्यवाद!

जय हिंद! जय भारत!

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