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अपने किचन गार्डन में लगाएं छोटी इलायची का पौधा | Growing Cardamom Plant in Kitchen Garden

छोटी इलायची का पौधा (Cardamom Plant), cardamom plant flower, black cardamom plant, green cardamom plant, how to grow cardamom plant at home, गमले में इलायची उगाने का तरीका

छोटी इलायची का पौधा: मूल रूप से दक्षिण भारत में उगाई जाने वाली बड़ी/छोटी इलायची (black/green cardamom plant) भारतीय मसालों की शान है. व्यक्तिगत तौर पर छोटी इलायची का काम मुंह की दुर्गन्ध को दूर भागने के अलावा mouth freshener के रूप में किया जाता है. परन्तु असल में छोटी इलायची हमारे भोजन की गुणवत्ता बढ़ाने वाला एक अतुलनीय मसाला है.

मौजूदा मार्केट में जो छोटी इलायची मिलती है, उसे तैयार करने के लिए विभिन्न प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है. ऐसे में यदि आप पूरी तरह से शुद्ध छोटी इलायची का सेवन करना चाहते हैं तो आपको अपने किचन गार्डेन/टेरेस गार्डेन में छोटी इलायची के पौधे को जरूर लगाना चाहिए.

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छोटी इलायची का पौधा गमले अथवा ग्रो बैग में बड़ी सरलता से लग भी जाता है, परन्तु किचन गार्डेन/टेरेस गार्डेन के तहत सफलता पूर्वक छोटी इलायची के पौधे को लगाने के लिए कुछ घटकों को ध्यान में रखना जरूरी है. मसलन-

पौधा कहाँ से मिल सकता है?, पौधा को किस तरह की मिटटी पसंद है?, पौधा कैसे वातावरण में अच्छे से पनपता है?, पौधे को कितने पानी की आवश्यकता होती है? इसके अलावा पौधा कब तक फल देगा? व गमले में इलायची कैसे लगाएं? आइये शुरू करते है अपनी विस्तृत चर्चा-

छोटी इलायची का पौधा कहाँ से मिलेगा-

अमूमन छोटी इलायची का पौधा क्षेत्रीय/स्थानीय पौध नर्सरियों में मिल सकता है. लेकिन यह पूरी तरह से जरूरी नहीं है, हमारे द्वारा किये गए सर्वे में छोटी इलायची का पौधा बहुत सी नर्सरियों में उपलब्ध नहीं था. इसका कारण पूछने पर पता चला कि ग्राहक इसकी डिमांड नहीं करते.

इस सर्वे से स्पष्ट होता है कि आज अधिकतर किचन गार्डेन लवर्स को छोटी इलायची के पौधे के बारे में कोई जानकारी नहीं है. किचन गार्डेन/टेरेस गार्डेन के तहत अधिकतर हाइब्रिड किस्म के पौधों का ही चयन किया जाता है. छोटी इलायची के पौधे को खरीदने के लिए सबसे पहले आप अपने क्षेत्र की स्थानीय नर्सरी का अवलोकन करें.

यदि छोटी इलायची का पौधा आपके स्थानीय नर्सरी में नहीं मिल पा रहा है तो आप इस पौधे को ऑनलाइन भी मंगा सकते/सकती हैं. ऑनलाइन खरीदने के लिए → amazon और flipkart जैसी e-commerce website पर विजिट करें.

छोटी इलायची के पौधे के लिए मिटटी तैयार करना (Preparation of Soil Media)-

किचन गार्डेन/टेरेस गार्डेन के तहत हाइब्रिड छोटी इलायची के पौधे का रोपण करने के लिए हमें जिस तरह की मिटटी की आवश्यकता होती है. उसे बहुत ही आसानी से घर पर तैयार किया जा सकता है. मिटटी तैयार करने के लिए हमें … घटकों/सामग्री की आवश्यकता होती है-

गार्डन-में-लगाएं-छोटी-इलायची-का-पौधा-Growing-Cardamom-Plant
क्र0सामग्रीमात्रा 
1साधारण गार्डेन मिटटी04 भाग 
2नदी की रेत (मोरंग)03 भाग 
3नीम खली100 ग्राम 
4बोन मील50 ग्राम 
5गोबर/वर्मी कम्पोस्ट03 भाग 
6स्टोन पाउडर50 ग्राम 
7वांछित गमला/ग्रो बैग15 X 15” 

दोनों ही प्रकार की बड़ी व छोटी इलायची का पौधा उगाने के लिए मिटटी का pH मान 5 से 7.5 के बीच होना जरूरी है.

इलायची के लिए अनुकूल वातावरण/जलवायु-

छोटी इलायची का पौधा उष्णकटिबंधीय जलवायु में पनपने वाला पौधा है. इसके अलावा इलायची के पौधे को humidity भी बहुत पसंद है. छोटी इलायची के पौधे को 10 डिग्री से 35 डिग्री सेल्सियस तापमान की आवश्यकता होती है। किचन गार्डेन/टेरेस गार्डेन के तहत छोटी इलायची के पौधे को ग्रीन शेड के अन्दर रखा जाता है.

मानक तापमान से अधिक तापमान बढ़ोत्तरी होने पर इलायची के पौधे की ग्रोथ शिथिल हो जाती है, इसलिए किचन गार्डेन/टेरेस गार्डेन के तहत यह जरूरी है कि इलायची के पौधे को तेज गर्मी से बचाने के लिए शेड/बायोनेट आदि में रखा जाए.

इलायची के पौधे पर कीट नियंत्रण-

यूं तो छोटी इलायची के पौधे पर कीटों का कोई ख़ास आक्रमण नहीं होता है, परन्तु कभी-कभी ओवर वाटरिंग और पोषक तत्वों की कमी के कारण फंगस और परजीवी आश्रय देखने को मिलता है. पोषक तत्वों के निवारण के लिए पौधे की मिट्टी में नीम खली और कम्पोस्ट खाद को कम से कम 02-02 मुट्ठी हल्की गुड़ाई के साथ मिला दें. प्रत्येक 03 माह में यह जरूर करें. आपका पौधा फिर से लहलहा उठेगा.

साथ ही परजीवी आश्रय से निजात पाने के लिए नीम तेल को पानी में मिलाकर पौधे के हर भाग पर स्प्रे करें, जल्द ही छुटकारा मिल जायेगा. इसके अलावा यदि परजीवी आश्रय जीवों से छुटकारा नहीं मिल पा रहा है तो ट्राईकोडर्मा नामक दवा को पानी में मिलाकर पौधे पर स्प्रे करें.

छोटी इलायची के फायदे-

छोटी इलायची मूल रूप से एक औषधीय पौधा है, जिसका उपयोग (Cardamom uses and benefits) मसाले के तौर पर बहुत अधिक किया जाता है। यदि सही तरीके और निर्धारित मात्रा में बड़ी व छोटी इलायची का सेवन किया जाए तो इलायची मनुष्य शरीर के अनेक रोगों को स्वत: ही दूर कर देती है. छोटी इलायची-

  1. सिर दर्द से राहत (Benefits in headache relief) दिलाती है
  2. मुँह के रोगों से राहत (Benefits in mouth problems relief)
  3. गला सम्बन्धी रोग निवारण में छोटी इलायची के फायदे (Green cardamom benefits – cure throat Problems)
  4. अनावश्यक उल्टी बंद करने में छोटी इलायची के फायदे (Benefits of elaichi uses in vomiting problems)
  5. दमा-खाँसी के इलाज में राहत (Benefits of elaichi fighting with asthma & cough)
  6. हृदय को स्वस्थ और मजबूत बनाने में मदद (Cardamom powder medicinal uses in heart problems)
  7. कब्ज़, गैस और पेचिश से राहत में छोटी इलायची का चूर्ण सबसे लाभदायक (Benefits of green cardamom in constipation, gastritis & stopping dysentery)
  8. पेशाब की समस्याओं के निवारण में छोटी इलायची का उपयोग (Medicinal uses of cardamom to cure urine problems)
  9. पथरी के प्राकृतिक इलाज में इलायची के फायदे (Beneficial in kidney stone treatment)
  10. शीघ्रपतन और नपुसंकता/नामर्दी जैसी समस्याओं से राहत (Beneficial in impotence and premature ejaculation)
  11. रक्त विकार निवारण में इलायची का प्रयोग (Green cardamom helping in blood disorder)
  12. दिमाग को मजबूत बनाने के लिए छोटी इलायची का उपयोग (Strong mental health by using of cardamom)
  13. हिचकी बंद करने में छोटी इलायची है सबसे लाभकारी (Using cardamom in hiccups relief)
  14. पाचन तंत्र मजबूत बनाने में इलायची का गुणकारी उपयोग (Beneficial to boost digestive system)
  15. शरीर के विषाक्त तत्वों से निजात पाने में  (Beneficial in detoxification)
  16. स्वप्नदोष जैसी समस्या में कारगर है इलायची का सेवन (Benefit in nightfall problems)

छोटी इलायची खाने के नुकसान-

अमूमन संतुलित मात्रा में इलायची का सेवन (01 ग्राम प्रति दिन) करने पर किसी भी प्रकार के दुष्परिणाम देखने को नहीं मिलते है, वहीं अगर संतुलित मात्रा से अधिक मात्रा में बड़ी/छोटी इलायची का सेवन किया जाए तो इलायची के कुछ दुष्परिणाम देखने को मिलते हैं. मसलन-

  • पथरी बनने की समस्या- आवश्यकता से अधिक मात्रा में सेवन करने से पेट इलायची को पचा नहीं पाता, जिस कारण यह इक्कठा होकर पथरी की समस्या को जन्म दे सकती है.
  • एलर्जी की समस्या- अधिक मात्रा में सेवन करने से सुगंध पहचान/परख में एलर्जी की समस्या पनप सकती है.
  • गर्भपात की समस्या- गर्भावस्था वाली महिलाओं को इलायची का सेवन लगभग न के बराबर ही करना चाहिए, क्योंकि इलायची को पचाने के लिए थोड़ी अधिक ऊर्जा की जरूरत होती है, अपच की अवस्था में गर्भपात भी हो सकता है.
  • त्वचा पर धब्बे की समस्या- आवश्यकता से अधिक मात्रा में इलायची का सेवन करने से छाती में दर्द व त्वचा पर लाल रंग के धब्बे की समस्या उभर सकती है.

FAQ.

इलायची के पौधे से फल कब तक मिल सकते हैं?

अमूमन व्यवसायिक तौर अथवा सामान्य स्तर पर रोपित किये गए इलायची के पौधे को फल देने में कम से कम 02 साल से लेकर 04 साल तक लग जाते हैं.

छोटी इलायची का पौधा कैसे उगाये?

इलायची का पौधा उगाने के लिए एक ही कारगर तरीका है- परिपक्व इलायची के बीज से पौधे का अंकुरण करना.

छोटी इलायची की खेती कहां होती है

भारत में बड़ी व छोटी इलायची की खेती दक्षिण भाग के राज्यों- केरल, कर्नाटक, तमिलनाडू आदि में व्यवसायिक स्तर पर की जाती है.

किचन गार्डन में फल देने के लिए इलायची का पौधा कितने दिन में तैयार होता है?

अमूमन इलायची के पौधे से फल (इलायची) प्राप्त करने के लिए पौधे को कम से कम 02 वर्षों का समय लग जाता है. इस दरमियान इलायची के पौधे को अनुकूल वातावरण की आवश्यकता पूर्ती करनी जरूरी होती है.

इलायची के फूल कैसे होते हैं?

इलायची पौधे के फूल (cardamom plant flower) सफ़ेद, लाल और पीले रंग के जंजीर/लड़ीदार (क्रमवार श्रंखलायुक्त) होते हैं, जो निषेचित होने के बाद यही फूल इलायची में परिवर्तित हो जाते हैं.

अंत में-

हमारा उद्देश्य सभी किचन गार्डनिंग व टेरेस गार्डनिंग (बागवानी) प्रेमियों को बेहतर से बेहतर जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे अपनी बागवानी योग्यताओं को बेहतर से बेहतरीन बना सके और अपने द्वारा तैयार की गई ऑर्गेनिक सब्जियों, फलों, फूलों व मसालों से लाभ उठा सकें.

आशा है आपको इस लेख ‘अपने किचन गार्डन में लगायें छोटी इलायची का पौधा (Cardamom Plant)’ से किचन व टेरेस गार्डनिंग के तहत मसाले के पौधे के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी जरूर मिली होगी, साथ ही यदि आप और भी जानना चाहते है तो हमारे Telegram चैनल से जुड़ें.

साथ ही यदि कुछ छूट गया हो तो कृपया comment box में जरूर लिखें. लेख अच्छा लगा हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ share करना बिल्कुल न भूलें. अभी तक के लिए इतना ही—-

“शुभकामनाएं! आपकी कामयाब और सफल बागवानी के लिए”

धन्यवाद!

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