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कम लागत में गोबर उत्पाद निर्माण व्यवसाय कैसे शुरू करें | Gobar Product Manufacturing Business at Low Investment in Hindi

गोबर उत्पाद निर्माण व्यवसाय (Gobar Product Manufacturing Business) की विस्तृत जानकारी, गोबर से कंडा बनाने का व्यवसाय, गोबर आधारित अगरबत्ती, धूपबत्ती व हवन कप बनाने का व्यवसाय, गोबर व्यवसाय का महत्व, गोबर उत्पाद बनाने की लगत, गोबर के फायदे

यदि आप एक ऐसे इनोवेटिव बिजनेस आईडिया की खोज/तलास में हैं जिसे सीमित लागत लगाकर लम्बे समय तक बेहतर मुनाफा कमाया जा सकता हो, तो गाय का गोबर एक ऐसा विकल्प है जो आपके आने वाले भविष्य के बेहतर रास्ते आसानी से खोल सकता है. जी हां! आपने सही सुना गाय का गोबर.

आप जानते ही है आज हम जिस भी उत्पाद/वस्तु का उपयोग करते हैं उनमें से अधिकतर उत्पाद या वस्तुएं कार्बन का उत्सर्जन स्वत: ही करती हैं, यह अतिरिक्त उत्सर्जित कार्बन न हमारे लिए अच्छा होता है और न ही हमारे पर्यावरण के लिए. ऐसे में गौवंश से उत्पन्न हुए गोबर से उत्पाद निर्माण एक ऐसी सकारात्मक पहल है, जिसके तहत गोबर से उन उत्पादों/वस्तुओं का निर्माण किया जाता है जो पूरी तरह से आर्गेनिक होने के साथ-साथ इको-फ्रेंडली भी होती हैं.

पर्यावरण की सुरक्षा में अपना बहुमूल्य योगदान हम सबकी प्राथमिक अनिवार्यता है. तो क्यों न ऐसे व्यवसाय का चुनाव किया जाए, जिसको अपनाने से हमारा पर्यावरण बिल्कुल सुरक्षित रहे और हम अपने व्यवसाय से बेहतर मुनाफा भी कमा/बना पायें.

गोबर-उत्पाद-निर्माण-व्यवसाय

देशी गाय के गोबर से दैनिक उपयोग में लिए जाने वाले ढेरों उत्पादों का निर्माण आसानी से किया जा सकता है. परन्तु गोबर आधारित उत्पाद निर्माण व्यवसाय शूरू करने से पूर्व इच्छुक उद्यमी/व्यवसायीय/किसान के लिए Gobar Product Making Business Plan को विस्तार से समझने की आवश्यकता है क्योंकि किसी व्यवसाय को शुरू करने से लेकर सफल बनाने तक एक ही रणनीति काम करती है और व है- चरण दर चरण आगे बढ़ते जाना.

आज इस पोस्ट के माध्यम से हम आपके साथ एक ऐसे व्यवसाय (गोबर उत्पाद निर्माण व्यवसाय) की जानकारी साझा करने जा रहे हैं, जिसकी मांग निकट भविष्य में तीव्रता से बढ़ने वाली है. इस पोस्ट के अलावा गोबर उत्पाद निर्माण से सम्बंधित और भी पोस्ट जल्द ही आपको यहीं पढने को मिलेंगे… बने रहिये हमारे साथ…

एक गुजारिश और! पोस्ट अगर पसंद आये तो इसे अपने दोस्तों और जरूरतमंद लोगों को share जरूर करें. आपका एक share शायद किसी को उसके भविष्य की नई दिशा दिखा दे… तो चलिए शुरू करते हैं-

अनुक्रमिका

गोबर उत्पाद निर्माण व्यवसाय की संभावनाएं व महत्व (Prospects and importance of cow dung product manufacturing business)-

प्रकृति की देन है गाय! और गाय की देन है गोबर, जिसमें व्यवसाय की अपार संभावनाएं निकट भविष्य में पैदा होने वाली हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि जैसे-जैसे पृथ्वी के सीमित संसाधन समाप्त होते जाएंगे, हमें झक मारकर ऐसे संसाधनों पर आश्रित होना ही होगा, जो निरंतर हमारी आवश्यकताओं की पूर्ती करा सके.

तो यहां प्रश्न उठता है कि अगर हमें भविष्य में ऐसा करना ही है तो क्यों न अभी से तैयारी की जाए? बिल्कुल सही हमें अभी से तैयारी करने की प्राथमिक आवश्यकता है और गोबर तो प्राचीन समय से ईंधन के रूप में आज तक उपयोग में लिया जा रहा है. बल्कि अब तो उन्नत तकनीक और किये जा रहे शोधों से गोबर से विभिन्न तरह के उत्पादों का निर्माण भी आसानी से किया जा रहा है.

गोबर एक स्वत: अपघटित होने वाला गौ अपशिष्ट (Cattle/Cow Waste) है. लेकिन गोबर आधारित उत्पाद निर्माण में विशेष सामग्रियों को मिलाकर गोबर के स्वत: अपघटन की दर को बहुत की लम्बी अवधि (लगभग 90 से 1000 वर्ष तक) का बनाया जा सकता है और यह पूरी तरह से संभव भी है.

हमारे पूर्वज गाय को पूजते थे, इसलिए नहीं कि गाय का दूध हमारा पहला आहार होता था, बल्कि इसलिए क्योंकि गाय से मिलने वाला प्रत्येक पदार्थ हमारी मानव सभ्यता के अस्तित्व को कायम रखने में सबसे अहम भूमिका निभाता था और आज भी है.

मौजूदा समय में जब से कोरोना जैसी वैश्विक महामारी ने अपना प्रकोप फैलाया है, गोबर से बनने वाले उत्पादों की मांग पहले से काफी हद तक बढ़ चुकी है. समाज के जागरूक लोग आर्गेनिक/गोबर आधारित उत्पादों के उपयोग को लेकर अच्छा-खासा रूचि दिखा रहे हैं. जिससे निकट भविष्य में गोबर आधारित उत्पाद निर्माण व्यवसाय शुरू करना, व्यवसाय की सफलता और व्यवसाय के बेहतर मुनाफे को इंगित करता है.

गोबर के फायदे (Benefits of Cow Dung)-

गाय के गोबर में गुणों का भंडार समाया रहता है. पुरातन काल से गाय के गोबर से घरों की दीवार व फर्श को लीपा जाता है. ऐसा इसलिए क्योंकि गोबर में एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं जो सूक्ष्म बैक्टीरिया को स्वत: हो समाप्त कर देते है.

गोबर से बना कंडा जिसे ईन्धन के रूप में प्रयोग में लिया जाता है, जब सुलगाया जाता है तो उससे उत्पन्न धुँआ जहाँ एक तरफ वातावरण को शुद्ध करता हैं वही दूसरी और अनचाहते कीट-पतंगों व मच्छरों से निजात दिलाता है. गाय के गोबर के लाभ व उपयोग जानने के लिए नीचे पढ़ें-

गाय के गोबर से क्या लाभ है?

1. गोबर का प्राथमिक उपयोग ईंधन के रूप में.
2. देशी गाय के गोबर का औषधि के रूप में उपयोग.
3. गाय का गोबर मोबाइल रेडिएशन से बचाव करने में सक्षम.
4. फ्रिज व इलेक्ट्रोनिक्स उत्पादों से निकलने वाले रेडिएशन से बचाव.
5. कैंसर जैसी बीमारी की रोकथाम में सहायक.
6. गोमूत्र और गोबर का सेवन करने से महिलाओं की नार्मल डिलीवरी को बढ़ावा मिलता है.
7. रासायनिक खाद की अपेक्षा गाय के गोबर से बनी प्राकृतिक खाद के उपयोग से मिट्टी की उर्वरक क्षमता बनी रहती है, और फसलों का उत्पादन भी अधिक मात्रा में होता है.
8. गोबर के कंडों को जलाने पर उत्पन्न धुआं सूक्ष्म कीटाणु, बैक्टीरिया, मच्छर, मक्खी, भुनगे आदि से राहत दिलाता हैं, इसके अलावा गोबर उपलों/कंडों के धुंए से वातारवरण में मौजूद दुर्गंध का नाश भी आसानी से हो जाता है.
9. गाय के गोबर की राख (भस्म) को त्वचा पर लगाने पर गोबर त्वचा संबंधी समस्याओं जैसे- दाद-खाज खुजली व दुर्गन्ध आदि से बचाव में सहायता मिलती है.
10. वर्तमान में गोबर से भवन निर्माण सम्बन्धी उत्पाद जैसे- ईंट, प्राकृतिक प्लास्टरप्राकृतिक पेंट आदि का निर्माण भी किया जा रहा है, जो उच्च मुनाफे को इंगित कर रहा है और भविष्य में इसमें कई संभानाएं देखी जा रही हैं. साथ ही इन उत्पादों को सरकार प्रगाढ़ता से बढ़ावा भी दे रही है.

गोबर उत्पाद निर्माण मार्केट पोटेंशियल (Dung Products Manufacturing Market Potential)-

खाद्य और कृषि संगठन के अनुसार, भारतीय डेयरी बाजार का मूल्य लगभग 30 बिलियन डॉलर है क्योंकि भारत 160 मिलियन टन दूध का उत्पादन करता है जिसे प्रति वर्ष 75 मिलियन से अधिक डेयरी फार्मों से पूरा किया जाता है.

अधिक संख्या में पशुधन मौजूद होने से पशु अपशिष्ट (animal waste) का भी उत्पन्न होना स्वाभाविक है. बड़ी मात्रा में गोबर उत्सर्जित होने के कारण उपयोगी गोबर वेस्ट का प्रबंधन (Management of cow dung waste) किया जाना जरूरी हो जाता है, प्रबंधन के दृष्टिगत गोबर की उपयोगिता (utility of cow dung) स्वत: स्पष्ट होने लगती है.

मौजूदा समय में गाय के गोबर के अनेकों उत्पादों का निर्माण (manufacturing of products) किया जा रहा है, व्यवसायिक दृष्टी से आंकलन करने पर गोबर उत्पादों का मार्केट पोटेंशियल लगातार बढ़ता जा रहा है. हालाँकि हम सभी जानते हैं कि पृथ्वी पर मौजूद प्राकृतिक संसाधन सीमित हैं और धीरे-धीरे समाप्ति की ओर बढ़ रहें.

ऐसे में हमें उन जीवों और प्राकृतिक देन को सहेजना और सुरक्षित रखना जरूरी है जो हमारी प्राथमिक आवश्यकताओं की पूर्ती के लिए उत्तरदायी है.

आज जैसे-जैसे सामान्य/आमजनों में प्राकृतिक उत्पादों के प्रति जागरूकता बढ़ रही है, जिसके कारण लोग केमिकल आधारित उत्पादों से पल्ला झाड़कर आर्गेनिक उत्पादों की ओर रुख करने लगे हैं. जो कि organic products/गोबर से बने उत्पादों की बाजार पकड़ का सूचक है और इसमें लगातार वृद्धि होती जा रही है.

एक अध्ययन के अनुसार कोरोना काल के बाद organic products विशेषकर गोबर आधारित उत्पादों की मांग 10 से 22 फीसदी तक बढ़ चुकी है, साल 2025 तक गोबर आधारित उत्पादों की खपत लगभग 03 से 10% प्रति वर्ष की दर से बढ़ने की सम्भावना है.

गोबर उत्पाद निर्माण करने के लिए मशीनरी (Required Machinery)-

गोबर उत्पाद निर्माण व्यवसाय अंतर्गत व्यवसायिक तौर पर गाय के गोबर (Cow Dung) से उत्पादों का निर्माण करने के लिए कुछ मशीनरी की आवश्यकता होती है. अमूमन गोबर से कई तरह के उत्पादों का निर्माण किया जाता है, यहां मशीनों का चुनाव करने से पहले निर्मित किये जाने वाले उत्पाद का चुनाव करना जरूरी होता है.

हालांकि एक उद्यमी के तौर पर इच्छुक उम्मीदवार के दिमाग में गोबर मशीन की कीमत से सम्बंधित कई प्रश्न हमेशा गोता लगते रहते हैं, जिसका समाधान खोजना/निकालना या प्रश्नों के प्रति जिज्ञासु होना एक प्रखर दिमाग की पहचान है.

देखिये! जिज्ञासु होना एक सकारात्मक विचार है लेकिन गोबर आधारित उत्पाद बनाने के लिए मशीनरी में निवेश करने से पहले अनिवार्य है कि आप/इच्छुक उद्यमी Gobar Product Manufacturing Plan को अच्छे से समझे क्योंकि गोबर से अलग-अलग उत्पादों का निर्माण करने के लिए अलग-अलग तरह की मशीनों को प्रयोग में लिया जाता है. साथ ही कुछ उत्पाद ऐसे भी हैं जिनका निर्माण हाथों से भी किया जाता है.

व्यवसायिक तौर पर गोबर से बने उत्पादों का निर्माण करने वाली मशीनों की विक्रय दर 35,000 से शुरू होकर लगभग 02 लाख रूपये तक या इससे ऊपर भी जा सकती है. इसके अलावा इच्छुक उद्यमी/व्यवसायीय इन मशीनों को अपने वांछित उत्पाद निर्माण के मुताबिक फेर-बदल करके भी निर्मित करा अथवा करवाया जा सकता है.

गोबर उत्पाद निर्माण व्यवसाय का पंजीकरण (Dung Product Manufacturing Business Registration)-

व्यवसायिक स्तर पर गोबर आधरित उत्पादों को बनाने और बाजार में बिक्री करने के लिए Gobar Products Manufacturing Business का पंजीकरण कराना अनिवार्य है. व्यवसाय का पंजीकरण कराने से सरकार द्वारा व्यवसाय शुरू करने के लिए लोन व सब्सिडी जैसी सुविधा भी सुलभ हो जाती है.

गोबर उत्पाद निर्माण व्यवसाय शुरू करने के लिए नीचे बताए गए प्रमाणों से प्रमाणन कराना होता है-

  1. MSME (उद्यम पंजीकरण)
  2. GST No (टैक्स पंजीकरण)
  3. NOC (No Objection Certificate) प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अनापत्ति प्रमाण पत्र

गोबर आधारित उत्पाद निर्माण के लिए स्थान की आवश्यकता (Required Place)-

व्यवसायिक तौर पर गोबर आधारित उत्पादों का निर्माण व्यवसाय स्थापित करने के लिए इच्छुक उद्यमी/किसान अथवा व्यवसायीय को कम से कम 2500 sqft area की आवश्यकता होती है, जहां मशीन व प्रोडक्शन आदि के लिए कम से कम 1000 sqft area में शेड (छत) होना जरूरी है.

शेष क्षेत्र को खुला छोड़ दिया जाता है क्योंकि उत्पाद को प्रारंभिक ढांचा दे देने के बाद निर्मित उत्पाद को सूरज की तपन से खुले वातावरण/मौसम में सुखाया जाता है. गोबर से बने उत्पादों को खुले वातावरण/मौसम में सूखने के लिए 03 से 10 दिन लग सकते हैं. यह पूरी तरह से मौसम पर निर्भर करता है.

गोबर आधारित उत्पादों का निर्माण व्यवसाय स्थापित करने के लिए इच्छुक उद्यमी/किसान अथवा व्यवसायीय को ऐसे स्थान का चुनाव करना चाहिए जो रिहाइसी क्षेत्रों से कुछ दूरी पर स्थित हो, साथ ही वाहनों आदि के आवागमन में कोई समस्या न होती हो. आपके चयनित स्थान पर पानी आदि की व्यवस्था का होना अनिवार्य है, इसके अलावा यदि मशीनरी से निर्माण करना चाहते हैं तो बिजली कनेक्शन की भी जरूरत होगी.

गोबर से बनने वाले उत्पाद व उनका व्यवसाय (Dung Products and their Business)-

एक उद्यमी के तौर पर इच्छुक उम्मीदवारों का प्रश्न हो सकता है कि… आखिर गोबर से क्या-क्या बनता है? देखिये! यूं तो गाय के गोबर से मौजूदा समय में अनेकों उत्पादों का निर्माण किया जाता है, पर शहरी व कस्बाई क्षेत्रों के बाजारों में कुछ चुनिन्दा उत्पाद ही दिखाई देते हैं, गोबर से बने कुछ ऐसे उत्पाद जिनकी उपयोगिता आज लगभग भारत के सभी घरों की प्राथमिकता बनती जा रही है.

यह उत्पाद ऐसे है जिन्हें हो सकता हो कि आपने भी उपयोग में लिए हो. आइये जानते हैं आखिर कौन-कौन से हैं ये उत्पाद और व्यवसायिक स्तर पर इनका निर्माण कैसे होता है?

गोबर से क्या क्या बनता है?

1. गोबर से बनने वाले कंडे/उपले
2. गोबर से अगरबत्ती, धूपबत्ती व हवन कप का निर्माण
3. गोबर से बनी ईंट
4. गोबर से बनी लकड़ी
5. गोबर से बनी मूर्तियां, दीये व गमले
6. गोबर से बना प्राकृतिक साबुन
7. ऑर्गैनिक/प्राकृतिक प्लास्टर,
8. गोबर से प्राकृतिक/वैदिक पेंट
8. गोबर से बनाएं कागज
9. गोबर से बनाएं खाद (गोबर कम्पोस्ट और वर्मी कम्पोस्ट)
10. गोबर आधारित बायोगैस प्लांट

गोबर उत्पाद निर्माण व्यवसाय के तहत उपलों व कंडों का व्यवसाय (Business of Cow Dung Cakes)-

भारत में आज शायद ही कोई ऐसा होगा जिसने गोबर से बने उपलों अथवा कंडों (Cow dung cake) का नाम नहीं सुना होगा. असल में गोबर से बने उपले व कंडे पिछली कई सदियों से ईंधन के रूप में उपयोग किये जा रहे हैं और यह प्रक्रिया आज भी जारी है. गोबर से उपलों व कंडों को बनाना बहुत ही सरल प्रक्रिया है, जिसे हाथों व मशीनरी आदि दोनों तरह से आसानी से बनाया जा सकता है.

गोबर-से-कंडा-बनाने-का-व्यवसाय

व्यवसायिक स्तर पर कंडों व उपलों का निर्माण करने के लिए आज भी पारंपरिक तरीके (हाथों) का ही इस्तेमाल किया जाता है. जो कि हर दृष्टी से उच्च लाभ को प्रदर्शित करता है. मौजूदा बाजार में एक king size (लगभग 15 इंच लम्बा) कंडे की कीमत 10 से 15 रूपये के बीच देखने को मिलती है, जिसे बनाने में लागत अधिकतम 03 रूपये तक आती है.

कंडा व उपला बनाने के लिए गीले गोबर में सूखा भूसा, खर-पतवार व घास (60 : 40) के अनुपात से मिलाया जाता है, इन चीजों को मिलाना इसलिए भी जरूरी है ताकि सूखने के बाद कंडा व उपला आसानी से और देर तक जलता रहे.

गोबर से कंडा बनाने की मशीन कितने की आती है?

गोबर से लकड़ी बनाने वाली में एक विशेष प्रकार की डाई लगाकर गोबर से कंडों का निर्माण आसानी से किया जा सकता है. गोबर से लकड़ी बनाने वाली मशीन की कीमत 45,000 रूपये से शुरू हो जाती है. वांछित डाई बनवाने के लिए आपको अतिरिक्त व्यय करना होगा.

गोबर से अगरबत्ती, धूपबत्ती व हवन कप बनाने का व्यवसाय (Agarbatti, Dhoopbatti and Hawan Kalash making Business from Cow Dung)-

गोबर उत्पाद निर्माण व्यवसाय के तहत गोबर से बनी अगरबत्ती व धूपबत्ती का व्यवसाय शरू करना भी एक सदाबहार चलने वाला उच्च लाभ देने वाला व्यवसाय है, जिसे किसी भी इच्छुक उद्यमी अथवा कारोबारी द्वारा कम निवेश के साथ आसानी से शुरू किया जा सकता है.

धार्मिक क्रिया-कलापों में देव मूर्तियों की पूजा व आराधना अगरबत्ती, धूपबत्ती, दीये, हवन कप के साथ फूलो से की जाती हैं. वर्तमान बाजार में कई मच्छर रोधी (Mosquito Repellent) केमिकल आधारित अगरबत्ती, धूपबत्ती धड़ल्ले से बिक रही हैं. जिनका उपयोग भी दैनिक दर पर बढ़ता जा रहा है.

गोबर-से-अगरबत्ती-धूपबत्ती-बनाने-का-व्यवसाय

असल में केमिकल आधारित अगरबत्ती, धूपबत्ती मच्छरों से मुक्ति तो दिलाती हैं लेकिन साथ कई घातक बीमारियों को भी आकर्षित करने का काम करती हैं. क्या आप जानते हैं कि पूजा, आराधना के लिए उपयोग में ली जाने वाली अधिकतर वस्तुओं का निर्माण व मच्छर रोधी अगरबत्ती, धूपबत्ती बनाने के लिए गाय का गोबर ही पर्याप्त है?

अगरबत्ती, धूपबत्ती व हवन कप बनाने के लिए रॉ मटेरियल (Raw Material for Making Agarbatti, Dhoopbatti & Havan Cup from Cow Dung)-

गोबर से अगरबत्ती, धूपबत्ती व हवन कप बनाने के लिए इन रॉ मटेरियल की आवश्यकता होती है-

  1. गाय का गोबर का चूर्ण- 500 ग्राम
  2. हवन सामग्री का चूर्ण- 250 ग्राम (मच्छर रोधी बनाने में उपयोग न करें)
  3. आम की लकड़ी का चूर्ण- 180 ग्राम
  4. मैदा लकड़ी का चूर्ण- 50 ग्राम
  5. राल का चूर्ण- 20 ग्राम
  6. गाय का घी- 12 ग्राम (मच्छर रोधी बनाने में उपयोग न करें)
  7. कपूर का तेल- 10 ग्राम
  8. नीम तेल- 25 ग्राम (मच्छर रोधी बनाने के लिए)
  9. गंगाजल- आवश्यकतानुसार (मच्छर रोधी बनाने में उपयोग न करें)

नोट- उपरोक्त बतायी गई सामग्री मात्रा के अलावा गोबर से अगरबत्ती, धूपबत्ती व हवन कप बनाने की और भी विधियां हो सकती हैं.

आवश्यक मशीनरी (Required Machinery)-

गोबर से अगरबत्ती व धूपबत्ती बनाने के लिए कुछ मशीनों कि आवश्यकता होती है. ये मशीने हैं-

  • मिक्सिंग मशीन
  • अगरबत्ती व धूपबत्ती मेकिंग मशीन
  • पैकिंग मशीन आदि

अगरबत्ती व धूपबत्ती व्यवसाय की पूरी जानकारी के लिए पढ़ें- कैसे शुरू करें अगरबत्ती व धूपबत्ती बनाने का व्यवसाय

हवन कप बनाने की मशीन कितने की आती है?

गाय के गोबर से हवन कप बनाने की मशीन की कीमत 20,000 प्रति इकाई से शुरू हो जाती है. विभिन्न आकार के कप बनाने के लिए अलग-अलग आकार की डाई का प्रयोग किया जाता है.

हवन कप में कौन सी सामग्री भरी जाती है?

पीपल, बेल, नीम, पलाश, गूलर की लकड़ी अथवा छाल, चंदन की लकड़ी, अश्वगंधा, मुलैठी और ब्राह्मी की जड़, तिल, जौ, शक्कर, चावल/धान, लौंग, गाय का घी, गुग्गल, लोभान और इलायची के साथ सूखा नारियल के टुकड़े आदि को मिलाकर हवन कप की सामग्री तैयार की जाती है.

अगरबत्ती व धूपबत्ती बनाने की मशीन की कीमत क्या है?

व्यवसायिक स्तर पर अगरबत्ती व धूपबत्ती का निर्माण मशीन से किया जाता है, जिसकी कीमत 35,000 रुपये से लेकर 1.75 लाख रूपये या इससे ऊपर भी जा सकती है. मशीनों का चयन व्यवसाय की कार्य क्षमता के अनुसार किया जाता है.

गोबर उत्पाद निर्माण व्यवसाय पर लागत (Cost on dung product manufacturing business-)-

गोबर से बने उत्पादों का निर्माण (Cow Dung Products Manufacturing) करने के लिए विशेष तौर पर मशीनरी पर बड़ी लागत आती है. अमूमन कच्चे माल के रूप में लिया जाने वाला गाय का गोबर जिसका अधिकतम मूल्य 05 से 15 रूपये प्रति किलोग्राम की दर से किसी भी गौशाला अथवा पशुधन स्थान से आसानी मिल जाता है.

गोबर उत्पाद निर्माण उद्योग/उद्यम के तहत निवेश एक बार ही मशीनरी मात्र में करना होता है. यदि आपके पास शुरूआती स्तर पर निवेश लायक धनराशी नहीं है, तो आप गोबर से बने उत्पादों का निर्माण स्वयं अथवा मैनपावर लगाकर हाथों से भी करवा सकते हैं. यहाँ व्यवसाय की लागत के रूप में कर्मचारी वेतन, मशीनरी, कच्चा माल, चयनित स्थान पर लगानी होगी.

गोबर उत्पाद निर्माण व्यवसाय शुरू करने के लिए लोन (Loan for cow dung product manufacturing business-)-

भारत सरकार की वेस्ट टू वेल्थ (Waste to Wealth) योजना के तहत प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP)कौशल विकास योजना के अंतर्गत इच्छुक उद्यमी को वांछित व्यवसाय की कुल लागत पर लगभग 35% तक की सब्सिडी/अनुदान मिल सकता है.

सब्सिडी/अनुदान का लाभ लेने के लिए इच्छुक उद्यमी को अपने व्यवसाय का पंजीकरण सूक्ष्म, मध्यम व लधु उद्योग (MSME) के तहत करना अनिवार्य है. पंजीकरण करा लेने के बाद MSME वांछित व्यवसाय का ब्यौरा बैंक को भेज देगा. जहां सब्सिडी की रकम बैंक से लोन मंजूर/अनुमोदित होने के बाद 05 से 07 कार्य दिवसों में उसी बैंक में जमा कर दी जाती है.

गोबर उत्पादों की मार्केटिंग (Marketing of cow dung products)-

व्यवसायिक दृष्टी से गोबर आधारित उत्पादों की मार्केटिंग के लिए स्थानीय खुदरा व थोक बाजार के अलावा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म जैसे- खुद की वेबसाइट अथवा e-commerce जैसी वेबसाइटो का सहारा लेना एक कारगर पहल है. इसके अलावा सोशल मीडिया जैसे फेसबुक, whats app जैसे एप्लीकेशन भी आपके कारोबार/बिजनेस को अच्छी ग्रोथ दिला सकते हैं.

सुझाव (Suggestion)-

आज जिस तरह से प्रदूषण का खतरा बढ़ता जा रहा है, इस बढ़ते प्रदूषण की रोकथाम के लिए हमें ऐसे उत्पादों को उपयोग में लेना आवश्यक है, जो देखने में सुन्दर, उपयोगिता में भरोसेमंद और कार्बन उत्सर्जन को कम से कम अथवा न के बराबर करे. गाय के गोबर से बने उत्पाद ऐसे हैं जो लगभग हमारी सभी जरूरतों को पूरा करने की क्षमता रखते हैं. परन्तु विडंबना यह है मौजूदा फैशन के दौर में हम भारतीय अपनी पुरातन सभ्यता को भूल चुके हैं.

ऐसी स्तिथि में गोबर आधारित उत्पादों से सभी को जागरूक करना बेहद ही आवश्यक है. मेरे सुझाव में गाय के गोबर से बने उत्पादों की उपयोगिता से बड़े स्तर पर सभी जनसामान्य को जागरूक करने के लिए किसी ऐसी गैर सरकारी संस्था (NGO) से संपर्क करें जो समाज के उन स्तरों तक पहुंच सकती हो, जहां किसी भी मार्केटिंग एजेंसी अथवा विज्ञापन का आसानी से पहुचना दुर्लभ हो.

गोबर उत्पाद निर्माण व्यवसाय में मुनाफा (Profit in Gobar Product Manufacturing Business)-

गोबर उत्पाद निर्माण के कारोबार/व्यवसाय में मुनाफा शुरूआती चरण में काफी कम होता है, लेकिन जैसे-जैसे उद्यम/व्यवसाय पुराना होता जाता है. व्यवसाय के ग्राहक बढ़ने लगते हैं, बेहतरीन गुणवत्ता के गोबर आधारित उत्पादों पर मूल लागत से लगभग दोगुना मुनाफा आसानी से कमाया जा सकता है.

वहीं यदि चरण दर चरण व्यापक रूप से गोबर आधारित उत्पादों की मार्केटिंग की जाए तो प्रति वर्ष 50 हजार की लागत पर 01 से सवा लाख रूपये का मुनाफा बहुत ही आसानी से कमाया जा सकता है. (यह संभावित मुनाफा एक सफल कारोबारी द्वारा बताया गया है.)

अंत में-

हमारा उद्देश्य उन इच्छुक उम्मीदवारों, उद्यमियों और किसानों को बेहतर और विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराना है जो गोबर आधारित उत्पाद निर्माण व्यवसाय के क्षेत्र में अपना भविष्य देख रहे हैं अथवा बनाना चाहते है.

आशा है आपको इस लेख “कैसे शुरू करें गोबर उत्पाद निर्माण व्यवसाय” से गोबर उत्पाद (dung product manufacturing) उद्यम/व्यवसाय, व्यापार अथवा कारोबार के बारे में पूरी जानकारी जरूर मिली होगी, साथ ही… यदि कुछ पूछना चाहते हों तो कृपया comment box में जरूर लिखें.

पोस्ट में दी गई जानकारी अच्छी लगी हो तो इसे अपने दोस्तों व जरूरतमंद लोगों के साथ share अवश्य करें, आपका एक share किसी को बेहतर दिशा प्रदान कर सकता है. अभी तक के लिए-

शुभकामनाएं आपके कामयाब और सफल व्यापारिक भविष्य के लिए.

धन्यवाद!

जय हिंद! जय भारत!

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3 COMMENTS

  1. मुझे गोबर से संबंधित बिजनेस करने के लिए प्रायोगिक तरीके से ट्रेनिंग करने की आवश्यकता है ।में झारखंड के देवघर जिले का निवासी हूं।
    बिजनेस करने वाले से संपर्क करने में मदत करे जिसके यहा जाकर ट्रेनिग और जानकारी प्राप्त कर सकू।
    ,🙏🙏🙏🙏

    • आप खादी ग्रामोद्योग द्वारा प्रशिक्षण ले सकते हैं… जहाँ आप व्यवसाय से सम्बंधित विस्तृत जानकारी और बारीकियां जान पाएंगे.

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