उत्पाद निर्माणकैसे शुरू करें घर से नहाने के साबुन बनाने का व्यवसाय |...

कैसे शुरू करें घर से नहाने के साबुन बनाने का व्यवसाय | How to start Bath Soap Making Business form home

नहाने के साबुन बनाने का व्यवसाय: साबुन आज हमारे दैनिक जीवन का एक अभिन्न हिस्सा बन चुका है फिर चाहे वह नहाने का साबुन हो, कपड़े धोने का हो या फिर बर्तन धोने का ही हो, हम अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में प्राथमिक स्वच्छता बनाने के लिए क्लीनिंग एजेंट जैसे- नहाने के साबुन आदि का उपयोग प्राथमिकता पर करते ही हैं। प्राथमिक स्वच्छता के दृष्टिगत साबुनों की मांग हमेशा बाजार/मार्केट में बनी ही रहती है। 

मुख्य रूप से नहाने के साबुन का उपयोग त्वचा को क्षति पहुचाने वाले बैक्टीरियाओं को खत्म करने के अलावा त्वचा को साफ व कोमल बनाने एवं सौन्दर्य प्रसाधन के रूप में किया जाता है। आज मार्केट में नहाने के साबुनों के व्यापार में कई विविधताएं देखने को मिलती हैं, मसलन हर आयु वर्ग के लिए एक अलग साबुन उपलब्ध हैं,

नहाने-के-साबुन-बनाने-का-व्यवसाय-Bath-Soap-Making-Business

इन विविधताओं को देखते हुए नहाने के साबुन (Bath Soap) का व्यापार अच्छे से फल-फूल भी रहा है, साथ ही व्यवसायिक तौर पर इन संभावनाओं को देखते हुए नहाने के साबुन का व्यवसाय शुरू करना किसी भी नए उद्यमी के लिए एक लाभकारी विकल्प भी साबित हो सकता है।

अनुक्रमिका

कैसे शुरू करें नहाने के साबुन बनाने का व्यवसाय (How to Start Bath Soap Making Business)-

क्या आप खुद का साबुन (नहाने के साबुन) बनाने का व्यवसाय शुरू करने का सपना देख रहे/रहीं हैं और इस व्यवसाय को कम पूंजी लगाकर शुरू करना चाहते/चाहती हैं? तो आप सही स्थान पर पहुंच चुके/चुकी हैं।

देखिये! साबुन आज हर घर की जरूरत बन चुका है, अपनी उपयोगिता के चलते साबुन बनाने का व्यवसाय शुरू करना एक लंबी अवधि का लाभ देने वाला विकल्प है, और कम लागत लगाकर इस व्यवसाय को आप अपने घर से भी शुरू कर सकते/सकती हैं।

आज हम इस लेख के माध्यम से आपको नहाने/स्नान (Bath Soap) के लिए प्रयोग में लिए जाने वाले साबुन के बारे में विस्तृत चर्चा करने जा रहे हैं। मसलन बाथ सोप या नहाने का साबुन कैसे बनाया जाता है, कौन-कौन से अवयवों (Raw Material) और मशीनरी की आवश्यकता पड़ेगी, साबुन को सुंदर आकार कैसे दिया जाता है और सुंदर पैकिंग कर मार्केट में कैसे बेंच सकते हैं?

इस लेख में यह भी जानकारी दी जाएगी कि साबुन बनाने के व्यवसाय को आप छोटे स्तर पर कम लागत लगाकर घर से कैसे शुरू कर सकते/सकती हैं और वही यदि आप साबुन के कारोबार को बड़े स्तर पर करना चाहते/चाहती हैं तो इसके लिए आपको किन-किन चीजों और मशीनरी की आवश्यकता लगेगी? चलिये शुरू करते हैं-

साबुन व्यवसाय की संभावनाएं (Prospects of Bath Soap Business)-

साबुन के व्यवसाय/कारोबार में अपार संभावनाएं हमेशा बनी/मौजूद रहती हैं, क्योकि जिस उत्पाद की हर घर में जरूरत हो उस उत्पाद का व्यवसाय लगाना एक अच्छा और कभी न रुकने वाला व्यवसाय होता है, साथ ही ऐसे कारोबार को करने से अच्छा मुनाफा या लाभ भी कमाया या लिया जा सकता है। 

आज हमारा बाजार/मार्केट नहाने के साबुनों की विविधता से भरा पड़ा है। जहां हर आयु वर्ग के लिए अलग-अलग तरह के साबुन उपलब्ध और बेचे जाते हैं।

चूंकि नहाने का साबुन सौंदर्य प्रसाधन का एक प्रकार है जो त्वचा/चमड़ी को साफ करने व खतरनाक त्वचाजन्य रोगों और बैक्टीरियों से बचाने के साथ पसीने की दुर्गंध को दूर करने का काम करता है। इसलिए साबुन की उपयोगिता पहले से अपेक्षा काफी हद तक बढ़ चुकी है। 

और वैसे भी जब से कोरोना वायरस (जिसे सरकार द्वारा वैश्विक महामारी भी घोषित गया है) ने दुनिया में दस्तक दी है तब से साबुनों का इस्तेमाल अपने उच्चतम शिखर पर पहुंच चुका है, अपने विशेष गुणों के चलते आज साबुन अपनी उपयोगिता सिद्ध कर चुके हैं।

इन्ही संभावनाओं को देखते हुए साबुन का कारोबार (Bath soap business) स्थापित करना एक अच्छा और लाभ प्रदान करने वाला विकल्प साबित हो सकता है।

कितने तरीकों से शुरू कर सकते हैं नहाने के साबुन का व्यवसाय (In how many ways can you start the business of bath soap)-

आज बाजार में जो भी नहाने के साबुन उपलब्ध हैं उन साबुनों को बनाने की प्रक्रिया 02 तरीकों से संपन्न की जाती है, यदि आप नहाने के साबुन का व्यवसाय या कारोबार करना चाहते/चाहती हैं तो इसके लिए आपको इन दोनों तरीकों को जानना प्राथमिक तौर पर बेहद अनिवार्य है क्योंकि इन दोनों तरीकों को समझकर आप चुनाव कर सकते/सकती हैं कि किस तरीके को अपनाकर अपना साबुन का व्यवसाय शुरू करना शुरू करें- 

नहाने के साबुन का व्यवसाय करने के लिए यह 02 तरीके है-

  1. हाथों से बनाए जाने वाले पारंपरिक तरीके से नहाने के साबुन (Handmade Organic Bath Soap)
  2. मशीनरी की सहायता से बने नहाने के साबुन (Machine Made Bath Soap)

हाथों से बनाए जाने वाले नहाने के साबुन (Handmade Organic Bath Soap)-

यदि आप अपने घर से साबुन का कारोबार शुरू करना चाहते/चाहती हैं तो Handmade Organic Bath Soap बनाने का तरीका (method) आपके लिए एक बेहतर विकल्प साबित हो सकता है। 

हैंडमेड साबुनों की गुणवत्ता (Quality) सबसे बेहतर और उच्च होती है अपनी बेहतरीन गुणवत्ता के कारण आज ये हैंडमेड साबुन बाजार/मार्केट में अपनी अच्छी पकड़ बनाए हुए हैं। एक सर्वे के मुताबिक अधिकांश लोग इन हैंडमेड साबुनों को उच्च गुणवत्ता के कारण प्रयोग में लेना पसंद करते हैं। 

हालांकि यह सत्य है कि मशीन की तुलना में हैंडमेड साबुनों को बनाने में अच्छी ख़ासी मेहनत लगती है लेकिन अच्छी मेहनत के अच्छे दाम भी मिलते हैं, Handmade Organic Bath Soap की बेहतरीन गुणवत्ता के कारण हैंडमेड साबुन की हमेशा अच्छी कीमत पर बाजार में बिक्री की जाती है।

यदि आप छोटे स्तर पर कम लागत या पूंजी लगाकर नहाने के साबुन का व्यवसाय शुरू करना चाहते/चाहती हैं तो नहाने के साबुन बनाने के इस तरीके को अपनाकर अपना कारोबार शुरू कर सकते/सकती हैं। साबुन बनाने के इस तरीके में आप अपनी इच्छानुसार साबुन बनाने की सामग्री या कच्चा माल (रॉ मटेरियल) को ले सकते हैं।

हैंडमेड साबुन बनाने का रॉ मटेरियल (Raw Materials for Making Handmade Bath Soap)-

हैंडमेड आर्गेनिक नहाने का साबुन बनाने के लिए क्या-क्या लगता है? यह रॉ मटेरियल आपके स्थानीय/लोकल मार्केट/बाजार में आसानी से मिल सकता है। इसके रॉ मटेरियल के रूप में कुछ/कई प्राकृतिक तैलों, सुगंधित द्रव्यों और कास्टिक सोडे की जरूरत होती है। जरूरी रॉ मटेरियल इस प्रकार हैं-

  1. नारियल तैल (थोक मूल्य- 160 रुपए प्रति लीटर) – 100 Gram
  2. ताड़ तैल (थोक मूल्य- 98 रुपए प्रति लीटर) – 325 Gram
  3. अरंड तैल (थोक मूल्य- 110 रुपए प्रति लीटर) – 75 Gram
  4. कास्टिक सोडा- पपड़ी- (थोक मूल्य- 50 रुपए प्रति किलो) – 75.50 Gram
  5. प्रकृतिक रंग (थोक मूल्य- 8 रुपए प्रति डिब्बी) – 5 Gram वैकल्पिक
  6. सुगंधित तैल या इत्र (थोक मूल्य- 700 से 1500 रुपए प्रति लीटर) – 4 Gram और 
  7. आसुत जल (थोक मूल्य- 60 रुपए प्रति 05 लीटर) – 189 Gram

नोट-

  1. उपरोक्त विधि में मटेरियल की मात्रा ग्राम में ली गई है.
  2. हैंडमेड आर्गेनिक नहाने के साबुनों का बनाने लगभग सभी प्रकृतिक तैलों से किया जा सकता है, साथ ही तैलों का चुनाव ग्राहक की मांग, पसंद व आवश्यकतानुसार भी किया जा सकता है।

घर पर साबुन कैसे बनाते हैं?

घर पर नहाने का हैंडमेड आर्गेनिक साबुन बनाने के लिए प्राकृतिक तेलों, lye water के साथ mixing tools और molding dyes की आवश्यकता होती है. विस्तृत जानकारी के लिए पूरा लेख पढ़ें.

आवश्यक मशीनरी और औज़ार (Necessary machines, tools & equipments)-

रॉ मटेरियल के बाद दूसरी आवश्यक चीज है रॉ मटेरियल से नहाने का साबुन बनाने वाली मशीनरी और औजारों की। हैंडमेड आर्गेनिक Bath soaps का बनाने करने के लिए आवश्यक मशीनरी और औजार इस प्रकार हैं-

EquipmentEstimated Cost
Hand Blender (Metal Body को प्राथमिकता)1200 रुपए प्रति पीस से शुरू
Wood Or Plastic Spatula कम से कम 0465 रुपए प्रति पीस से शुरू
02 Steel Containers (01 छोटा और 01 बड़ा)300 से 600 रुपए प्रति पीस से शुरू
Eye Protection Spectacles90 रुपए प्रति पीस से शुरू
Rubber Hand Gloves12 रुपए प्रति जोड़े से शुरू
Molding Paper20 रुपए प्रति पीस से शुरू
Soap Molds या सांचा200 रुपए प्रति पीस से शुरू
Soap Cutting Instrument1800 रुपए प्रति पीस से शुरू
Soap Printing Stamp (Brass metal stamp)1200 रुपए प्रति पीस से शुरू
Peel Knife15 रुपए प्रति पीस से शुरू
डिजिटल तराजू600 रुपए प्रति पीस से शुरू

उपरोक्त बताए गए रॉ मटेरियल व सामग्री की कीमत समय-समय पर बाजार उतार-चढ़ाव के कारण घट-बढ़ सकती है। यदि आपके लोकल मार्केट में यह रॉ मटेरियल नहीं मिल पा रहा है तो इसे आप ऑनलाइन भी आर्डर दे सकते/सकती हैं. इसके लिए आप इन वेबसाइट्स की मदद ले सकते/सकती है-

इसे भी देखें- कम लागत में शुरू करें नमकीन बनाने का व्यवसाय

  1. www.indiamart.com 
  2. www.amazon.com 
  3. www.flipkart.com

घर से साबुन व्यवसाय स्थापित करने हेतु आवश्यक स्थान (Required Area at small scale)- 

छोटे स्तर पर हैंडमेड आर्गेनिक Bath soaps का बनाने करने के लिए आपको कम से कम 500 वर्ग फुट के स्थान की जरूरत होती है। जहां आप अपना हैंडमेड साबुन का बनाने शुरू कर सकते/सकती हैं। अगर आपके घर में पर्याप्त स्थान है तो आप इस व्यवसाय की शुरुवात अपने घर से ही कर सकते/सकती हैं। साथ ही व्यापार बढ़ने पर अपने कार्य स्थल के स्थान में बढ़ोत्तरी भी की जा सकती हैं।

वहीं यदि आप बड़े स्तर पर हैंडमेड आर्गेनिक नहाने के साबुन बनाने का व्यवसाय/उद्यम स्थापित करना चाहते हैं तो आपको कम से कम 1200 sqft से 2500 sqft स्थान की आवश्यकता होगी. जहां चयनित स्थान पूरी तरह से धूल, बारिस प्रदूषण व बारिस आदि से संरक्षित होना जरूरी है

इसे भी पढ़ें- घर से कैसे शुरू करें लिक्विड हैंड वॉश बनाने का व्यवसाय

तथा चयनित स्थान पर कच्चा व तैयार माल/उत्पाद के साथ संचालित की जाने वाली मशीनों के स्थान व कर्मचारियों के आने जाने का स्थान सुनिश्चित किया जाना आवश्यक होता है. व्यवसायिक तौर पर साबुन बनाने की फैक्ट्री यदि किसी कामर्शियल क्षेत्र के अंतर्गत आती हो तो सबसे उत्तम है.

इसके साथ ही आपके चयनित स्थान पर बिजली व पानी की व्यवस्था का होना और क्रय-विक्रय सम्बन्धी क्रिया-कलापों के सुगम संचालन के लिए वाहनों के आवगमन की व्यवस्था भी होनी जरूरी है. शेष जानकारी के लिए पूरी पोस्ट पढ़ें…

नहाने का साबुन बनाने की विधियां (Processes of Bath Soap Making)-

छोटे स्तर पर हैंडमेड आर्गेनिक Bath soaps बनाने के लिए मुख्य रूप से 03 विधियों (Methods) का प्रयोग किया जाता है। ये विधियां (process) हैं-

  1. Hot Process Method 
  2. Cold Process Method
  3. Melt and Pour Process Method (Double Boiler Method)

इस लेख में हम आपके लिए Cold Process Method (जिसे सबसे सुरक्षित विधि माना जाता है) से हैंडमेड साबुनों के बनाने का तरीके को बताने जा रहे हैं- 

आवश्यक सुरक्षा उपकरण (Necessary Safety Equipment)-

नहाने के साबुन बनाने की प्रक्रिया को शुरू करने से पूर्व हमें अपनी त्वचा और शारीरिक अंगो आदि की सुरक्षा के लिए कुछ सुरक्षा उपकरण पहनने होते हैं क्योंकि साबुन बनाते समय यदि मिश्रण छलक कर शरीरिक अंगो व त्वचा आदि के संपर्क में आता है तो एलर्जी, जलन, खुजली के लक्षण दिख सकते हैं. इसलिए सुरक्षा उपकरण अनिवार्य रूप से पहनना जरूरी है. ये सुरक्षा उपकरण हैं-

  1. Eye Protection Spectacles (पारदर्शी चश्मे)
  2. Thick Hand Gloves (रबर के मोटे दस्ताने)
  3. Face Mask (चेहरे को सुरक्षा के लिए मास्क) और
  4. Rubber Boots (रबर के जूते)

Cold Process Method-

Cold Process Method जिसे हिंदी में ठंडी विधि भी कहा जाता है, सबसे सुरक्षित और आसान विधि है, इस विधि को कुछ चरणों में पूरा किया जाता है. चलिए शुरूवात करते हैं इस विधि से नहाने के ऑर्गेनिक साबुन बनाने की विधि की-

प्रथम चरण-

सबसे पहले हमें अपनी सुरक्षा के लिए हाथों के दस्ताने (Gloves) और आँखों की सेफ्टी के लिए चश्मा (Spectacles) लगा लेना है क्योंकि फर्स्ट स्टेप में हम lye-water बनाने की प्रकिया को कम्पलीट करेंगे, जिसमें कास्टिक सोडा (सोडियम हाइड्रा ऑक्साइड- NaOH) को आसुत जल (Distilled Water) में डालकर lye-water बनाना है.

यहां 01 छोटे स्टील कंटेनर में डिजिटल तराजू से नापकर कास्टिक सोडा और आसुत जल लेना है और लकड़ी के Spatula की मदद से दोनों को आपस में मिक्स कर ठंडा होने तक छोड़ दें.  यह lye-water लगभग 6 से 8 घंटो के बाद प्रयोग लायक बन जाता है, lye-water बन जाने के बाद ही दूसरा चरण शुरू किया जाता है.

वैधानिक चेतावनी-

कास्टिक सोडा को पानी में डालते ही एक रासायनिक प्रकिया शुरू हो जाती है, जिससे हानिकारक भाप निकलती है और जिस पात्र में lye-water बनाया जा रहा है वह भी अत्यधिक गर्म हो जाता है, तो इस प्रकिया को सुरक्षित ढंग और एकाग्र ध्यान से ही करें.

दूसरा चरण-

दूसरे चरण में हम तैलों का मिश्रण तैयार करेंगे, सबसे पहले दूसरे स्टील कंटेनर को लें और इसमें नारियल तैल, ताड़ तैल व अरंड तैल को Hand blender की सहायता से आपस में मिक्स कर लें, इसके बाद इस मिश्रण में जिस रंग आप साबुन बनाना चाहते/चाहती है, उसे अपने वांछित रंग अनुसार मिलकर blend या मिक्स कर दें, इसके बाद इसमें perfume या इत्र मिलाकर 1 से 2 मिनट तक blend या मिक्स करें.

तीसरा चरण-

तैलों के मिश्रण और lye-water तैयार हो जाने के बाद अब बारी आती है तीसरे चरण की. तीसरे चरण की शुरुवात करने से पहले हाथों और आँखों को सुरक्षित रखने वाले उपकरणों को अनिवार्य रूप से पहन लें. तीसरे चरण  में इन दोनों मिश्रणों (प्रथम और दुसरे चरण के मिश्रणों) को आपस में मिलाना है.

इसे भी जरूर पढ़ें- गोबर से वैदिक प्लास्टर बनाने का व्यवसाय कैसे शुरू करें

तैलों के मिश्रण में lye-water को धीरे-धीरे मिलाएं. साथ ही Spatula की मदद की मदद से मिश्रण को एक दिशा में ही चलाते रहें, इन मिश्रणों के आपस में मिलने से Saponification की प्रक्रिया शुरू हो जाती है. जो तैलों के मिश्रण को साबुन में परिवर्तित कर देती है. (यह मिश्रण भी गर्म हो सकता है, इसलिए सुरक्षा सावधानी प्राथमिक चरण है)

चौथा चरण-

Saponification की प्रक्रिया शुरू हो जाने के बाद इस मिश्रण को जल्द से जल्द soap molds या साबुन के सांचों में भरकर जमाया जाता है जो लगभग 24 घंटों में जमकर ठोस साबुन की शक्ल ले लेता है. लेकिन अभी यह बना हुआ साबुन इस्तेमाल करने योग्य नहीं हुआ है. तो अब आता है आर्गेनिक नहाने के साबुन बनाने का अंतिम चरण.

नोट- मिश्रण को molds में भरने के बाद अपने बर्तनों और औजारों को समय से जरूर साफ कर लें अन्यथा दाग-धब्बे पड़ सकते हैं.

पांचवां चरण-

ठोस साबुन बन जाने के बाद इसे कम से कम 25-30 दिनों के लिए क्यूरिंग के लिए खुली हवा में छोड़ना होता है, जहां क्यूरिंग के दौरान साबुन से हानिकारक तत्व स्वत: ही निकल जाते हैं और अंत में हमें नहाने योग्य प्राकृतिक (ऑर्गेनिक) साबुन प्राप्त होता है. इसके बाद आप साबुन पर नाम आदि की मोहर/stamping कर सकते/सकती हैं.

पांचवे चरण के समाप्त होते ही आपका नहाने का साबुन तैयार हो जाता है, इसके बाद आप साबुन को एक सुन्दर पैकिंग में पैक कर बाजार में बेंच सकते/सकती हैं.

नोट- हैंडमेड ओर्गेनिक बाथ सोप बताई गई विधि व रेसिपी के अलावा अन्य रेसिपी से भी बनाया जा सकता है। अन्य रेसिपी जानने के लिए कमेंट करें, साथ ही नए अपडेट के लिए हमारे telegram channel से जरूर जुड़ें।

बड़े स्तर पर नहाने के साबुन का व्यवसाय शुरू करना (Bath Soap Making Business at Big Scale)-

यदि आप Bath Soap या नहाने के साबुन का व्यवसाय या कारोबार बड़े स्तर पर करना चाहते/चाहती हैं तो आपको साबुन व्यवसाय शुरू करने के लिए लगभग 08 से 12 लाख रुपए की लागत या पूंजी लगाने की आवश्यकता होगी, जिसमें कच्चा माल (Raw Material), मशीनरी और पैकिंग के साथ शुरुवाती मार्केटिंग भी शामिल है। प्लांट लगाने के लिए जगह/स्थान आपको अलग से लेना होगा।

बड़े स्तर पर साबुन का व्यवसाय शुरू करने के लिए जरूरी रॉ मटेरियल-

बड़े स्तर पर नहाने के साबुन का व्यवसाय शुरू करने के लिए आपको नीचे दिये गए चीजों की आवश्यकता होगी-

  1. Soap Noodles (थोक मूल्य- 3,000 से 4,500 रुपए प्रति 50 किलो)
  2. Soap Stone Powder (थोक मूल्य- 250 से 400 रुपए प्रति 50 किलो)
  3. Natural Soap Color (थोक मूल्य- 400 से 1100 रुपए प्रति 500 ग्राम) और
  4. Fragrance या Perfume (थोक मूल्य- 300 से 4500 रुपए प्रति लीटर)

नोट- कच्चे माल/रॉ मटेरियल की यह कीमत समय-समय पर बाजार के उतार-चढ़ाव के कारण घट-बढ़ सकती है।

बड़े स्तर पर साबुन का व्यवसाय शुरू करने के लिए जरूरी मशीनरी-

बड़े स्तर पर नहाने के साबुन का व्यवसाय शुरू करने के लिए आपको इन मशीनों की आवश्यकता होगी-

soap-making-business
  1. मिक्सिंग मशीन (Mixing Machine)- जिसमें रॉ मटेरियल जैसे- Soap Noodles, Soap Stone Powder, Color और Perfume आदि को मिक्स कर पेस्ट की शक्ल देने की कोशिश की जाती है। इस मशीन की कीमत 45,000 रुपए से शुरू होती है। आप अपने व्यवसाय क्षमता के मुताबिक ही मशीन का चुनाव करें।
  • मिलर मशीन (Miller Machine)- मिक्सिंग के बाद मिलर मशीन की मदद से मिक्स मटेरियल को चिकना (Smooth) और चमकदार किया जाता है। इस मशीन की कीमत 60,000 रुपए से शुरू होती है। आप अपने व्यवसाय क्षमता के मुताबिक ही मशीन का चुनाव करें।
  • Plodder Machine- मिलर मशीन से निकलने के बाद मटेरियल को Plodder मशीन से गुजारा जाता है जहां Plodder मशीन मटेरियल को सोप के बड़े loaf Bar (बड़ी बट्टी) में बदल देती है। जिसे अगले स्तर की मशीन पर भेज दिया जाता है। इस मशीन की कीमत 01 लाख रुपए से शुरू होती है। आप अपने व्यवसाय क्षमता के मुताबिक ही मशीन का चुनाव करें।

इसे भी देखें- कम लागत में शुरू करें मशरूम की खेती

  • सोप कटिंग मशीन (Soap Cutting Machine)- Plodder मशीन से निकले soap loaf bar की कटिंग के लिए सोप कटिंग मशीन की मदद ली जाती है, जिसमें सोप कटिंग Die (डाइ) लगी होती है, जिससे साबुनों की कटिंग और मनचाहा आकार दिया जाता है। इस मशीन की कीमत 22,000 रुपए से शुरू होती है। आप अपने व्यवसाय क्षमता के मुताबिक ही मशीन का चुनाव करें।
  • सोप प्रिंटिंग मशीन (Soap Printing Machine)- सबसे आखिर में आती है Soap Printing Machine. जिसका काम साबुन पर नाम व डिजाइन को छापने का होता है, इसमें Dye (डाइ) के माध्यम से साबुन पर प्रिंटिंग की जाती है। इस मशीन की कीमत 12,000 रुपए से शुरू होती है। आप अपने व्यवसाय क्षमता के मुताबिक ही मशीन का चुनाव करें.

ये मशीने ऑटोमेटिक, सेमी औटोमेटिक और मैनुअल तीनों माडल्स में आती हैं। मशीनों की यह कीमत समय-समय पर बाजार के उतार-चढ़ाव के कारण घट-बढ़ सकती है। इन मशीनों को ऑनलाइन ऑर्डर करने के लिए आप www.indiamart.com वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

बड़े स्तर पर नहाने के साबुन के बनाने का व्यवसाय शुरू करने के लिए आवश्यक जगह-

नहाने के साबुन की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने के लिए कम से कम 1,000 से 2,500 वर्ग फुट के स्थान या जगह की अवश्यकता होती है, जहां आप रॉ मटेरियल, जरूरी मशीनरी और साबुन की पैकिंग आदि के स्थान को स्थापित कर अपना नहाने आदि के साबुन बनाने का व्यवसाय या कारोबार शुरू कर सकते/सकती हैं.

बड़े स्तर पर नहाने के साबुन बनाने की विधि (Process of Soap Making)-

  • प्रथम चरण सबसे पहले 50 किलो के सोप नूडल्स को मिक्सर में डालकर लगभग 05 मिनट तक मिक्स किया जाता है, इसके बाद इस मिक्सचर में डेढ़ किलो सोप स्टोन पाउडर (Dolomite Powder) को मिलाकर फिर से 05 मिनट के लिए मिक्स किया जाता है. इसके बाद मिश्रण में यथावश्यक रंग और लगभग 500 से 750 ml सुगंध (perfume) मिलाकर 02 मिनट और मिक्स किया जाता है.
  • दूसरा चरण– इसके बाद इस मिक्सचर को मिलर मशीन में डाला जाता है, जहां मिक्सचर में बच गए रोड़ी आदि को बारीक कर पूरे मिक्सचर को एक समान बनाया जाता है.  (आवश्यकतानुसार पानी भी मिलाया जा सकता है)
  • तीसरा चरण– पूरे मिक्सचर को एक समान बनाने के बाद मिलर मशीन से निकले माल को Plodder मशीन में डाल दिया जाता है, जहां Plodder मशीन मटेरियल को एक निश्चित आकार में साबुन के बड़े-बड़े Soap loaf Bar (साबुन की बड़ी बट्टी) में बदल देती है.

इसे भी पढ़ें- घर से शुरू करें नेल पॉलिश बिजनेस

  • चौथा चरण– चौथे चरण में, Plodder मशीन से निकले बड़े-बड़े Soap loaf Bar (साबुन की बड़ी बट्टी) को मनचाहे या पैमाने आकार (साबुन बट्टी आकार) में सोप कटिंग मशीन की सहायता से काट लिया जाता है. साबुन कटिंग के अधिकांश पैमाने साबुन के वजन के अनुरूप रखे जाते हैं.
  • पांचवा चरण– पांचवा चरण ही साबुन बनाने की प्रक्रिया का अंतिम चरण है. साबुनों को बट्टी या bars में काटने के बाद साबुन बट्टी को सोप प्रिंटिंग मशीन की मदद से नाम व आकर्षक डिजाइन दिया जाता है, अंतिम चरण को पूरा करते ही साबुन प्रयोग लायक बन जाता है.

पांचवे चरण के समाप्त होते ही आपका नहाने का साबुन तैयार हो जाता है, इसके बाद आप साबुन को एक सुन्दर पैकिंग में पैक कर बाजार में बेंच सकते/सकती हैं. अब बारी आती साबुन के पैकिंग की-

साबुन की पैकिंग तैयार करना (Packaging in Soap Making Business)-

बाजार का सबसे बड़ा कड़वा सच यह है कि उत्पाद चाहे जितना बढ़िया हो लेकिन अगर उसकी पैकिंग अच्छी और सुंदर नहीं दिखती तो उस उत्पाद की बिक्री न के बराबर ही होती है, इसलिए यह बेहद जरूरी है कि आप अपने जिस भी उत्पाद को मार्केट बेचने के लिए उतारें, उसे एक अच्छी और सुंदर पैकिंग के साथ ही उतारें।

साबुन पैकिंग की डिजाइन के लिए किसी जानकार ग्राफिक्स डिजाइनर की सहायता जरूर लें। साथ ही उत्पाद बनाने में उपयोग किए गए घटकों का उल्लेख उत्पाद की पैकेजिंग पर अनिवार्य रूप से करें।

छोटे और बड़े दोनों स्तर पर साबुन पैकिंग का खर्च लगभग बराबर ही आता है। नहाने के साबुन की पैकिंग 02 तरीकों से की जाती है।

  1. हाथों से (Manpower लगाकर)
  2. पैकिंग मशीन की मदद से

हां हाथों से पैक करने में थोड़ी मेहनत जरूर लगती है लेकिन इस बात को समझ लीजिये कि बिना मेहनत के कुछ भी हासिल नहीं होता, और ये तो आपका कारोबार, आपकी रोजी-रोटी है, तो मेहनत भी आपको ही करनी पड़ेगी।

वहीं यदि आप साबुन पैकिंग को बड़े स्तर पर करना चाहते/चाहती हैं तो ऑटोमेटिक मशीन (Automatic Soap Wrapping Machine) भी बाजार से ले सकते हैं, इस मशीन की कीमत कम से कम 01 लाख रुपए से शुरू होकर 03 लाख रुपए से भी ऊपर तक जा सकती है। चुनाव आपका है क्योंकि व्यापार या यूं कहूं कि भविष्य आपका है। 

सैंपलिंग और क्वालिटी टेस्ट (Quality Testing)-

अपना उत्पाद को पूरी तरह से complete करने के बाद इसकी गुणवत्ता की टेस्टिंग (TFM- Total Fatty Matter) के लिए साबुन के सैंपल को Quality Test कराना होता है, इसके लिए आप किसी विश्लेषण प्रयोगशाला (analysis laboratory) से संपर्क कर सकते हैं। जहां से हरी झंडी मिलने के बाद आप अपना उत्पाद मार्केट/बाजार में उतार सकते हैं।

इसे भी जरूर पढ़ें- सोलर पैनल बिजनेस की शुरुआत कैसे करें

साबुन निर्माण व्यवसाय का पंजीकरण (Business Registration)-

बाजार में नहाने के साबुन का व्यापार शुरू करने से पहले आपको अपनी कम्पनी/एजेन्सी का पंजीकरण कराना अनिवार्य है, क्योंकि पंजीकरण या रजिस्ट्रेशन लेना ही किसी भी व्यापार को शुरू करने के लिए पहला मानक है. पंजीकरण के बाद ही आप अपनी कम्पनी/एजेन्सी और उत्पाद का प्रचार मार्केट/बाजार में कर सकते हैं.

नहाने के साबुन का व्यापार शुरू करने के लिए आप भारत सरकार द्वारा विकसित किये गए उद्यमी पोर्टल MSME पर अपने व्यापार की लागत के अनुरूप सूक्ष्म, मध्यम और लघु उद्योग अंतर्गत श्रेणियों में पंजीकरण करा सकते हैं. इसके साथ ही आपको GST No. भी लेना अनिवार्य है, उत्पाद की गुणवत्ता के लिए ISO Certification भी करा सकते हैं. इसके अतिरिक्त ये प्रमाणन भी जरूरी हैं-

  1. Trade License
  2. Trade Mark License
  3. NOC form Fir & Pollution Control Board
  4. IEC (for export)

क्या मुझे भारत में हस्तनिर्मित साबुन बेचने के लिए किसी लाइसेंस लेने या पंजीकरण कराने की आवश्यकता है?

औषधि और प्रसाधन सामग्री अधिनियम के अनुसार, साबुन जैसे सौंदर्य प्रसाधनों आदि के बनाने व उनकी बिक्री के नियम हर राज्य में भिन्न होते हैं। इसलिए यह आवश्यक है कि प्राकृतिक/ओर्गेनिक उत्पादों का थोक व खुदरा व्यापार करने के दृष्टिगत प्रमाणन, पंजीकरण या लाइसेंस लेना अनिवार्य है। यह एक भारत सरकार द्वारा निर्धारित किया गया मानक है।

साबुन उत्पाद की मार्केटिंग (प्रोमोशन करना)-

अब तक आपने अपने नहाने के साबुन व्यवसाय के सारे मापदंड पूरे कर लिए हैं और अब आता है सबसे अहम काम मतलब अपने उत्पाद का प्रचार-प्रसार या मार्केटिंग करना। तो इसके लिए सबसे अच्छा तरीका है कि आप सबसे पहले अपने आस-पास के किराना दुकानों या स्टोर्स की ओर रुख करें,

क्योंकि आपके पास के किराना दुकानें आपको अच्छे से जानते होंगे, जिससे आपके माल के खपत होने कि संभावना बढ़ सकती है। इसके साथ ही छोटे-बड़े होटल, स्पा सेंटर, रिसॉर्ट और ब्यूटी सैलून आदि से भी थोक बिक्री हेतु संपर्क कर सकते हैं।

इसे भी पढ़ें- कम लागत में कैसे शुरू करें गोबर उत्पाद निर्माण व्यवसाय

यदि आप छोटे स्तर पर व्यापार शुरू कर रहे हैं तो प्रचार के लिए आप अपने बाजार क्षेत्र में जगह-जगह पर पोस्टर चस्पा करवा सकते हैं, साथ ही अखबार में पैम्पलेट डलवाकर प्रचार कर सकते हैं। इसके साथ ही जैसे-जैसे आपका कारोबार बढ़ता जाए आप और बड़े स्तर के विज्ञापन (अखबार, पत्रिका और digital marketing) का भी सहारा ले सकते हैं।

इच्छुक उद्यमी के लिए अपने उत्पाद की विस्तृत मार्केटिंग के लिए online digital marketing (जैसे- banner ads, video ads तथा email marketing) भी एक सकारात्मक कारगर रणनीति है. ऑनलाइन मार्केटिंग करने के लिए उद्यमी को एक website setup करनी/करवानी होगी. जिसकी लागत 10,000 रूपये तक सालाना आ सकती है.

सुझाव-

आप अपने उत्पाद के साथ कई आकर्षक स्कीमें दें, और साथ ही कुछ मात्रा में Product के सैंपल भी मुफ्त में दें। स्वाभाविक तौर पर शुरुवाती मार्केटिंग पर खर्च आपके कुल व्यवसाय लागत के लगभग चौथाई भाग के बराबर आ सकता है। रोजाना की दर से उपयोग किए जाने वाले प्रत्येक उत्पाद की मार्केटिंग करनी अनिवार्य प्राथमिक चरण है।

मूल्य निर्धारण-

किसी भी नए उत्पाद को बाजार में बिक्री करने के लिए सबसे अहम भूमिका निभाता है उसका मूल्य और यह बात सार्वभौम सत्य है क्योंकि आज खासकर कोरोनाकाल के बाद लगभग कई देशों में मंहगाई बढ़ चुकी है जिसका काफी हद तक असर हमारे देश भारत पर भी पड़ा है। 

इसलिए बाजार को देखते हुए आप अपने उत्पाद का मूल्य बाजार में मौजूद अन्य उत्पादों की अपेक्षा कुछ कम ही रखें लेकिन उत्पाद की गुणवत्ता से कोई समझौता न करें,

इसे भी देखें- कम निवेश से शुरू करें पशु आहार बनाने का व्यवसाय

बेहतरीन गुणवत्ता के कारण आपका उत्पाद धीरे-धीरे मार्केट/बाजार में प्रसिद्ध होने लगेगा और जिससे आप अपने कारोबार को छोटे से बड़े स्तर पर विस्तारित कर सकते हैं। कम मूल्य पर उत्पाद बेचने की शुरुवात आपको अपने लोकल मार्केट से ही करनी चाहिए।

साबुन व्यवसाय के लिए लोन (Loan for Soap Making Business)-

नहाने के साबुन का व्यवसाय शुरू करने के लिए आपको अपनी फर्म/कंपनी/एजेंसी का रजिस्ट्रेशन/पंजीकरण MSME (सूक्ष्म एवं लघु उद्योग) के अंतर्गत करना होगा, इस रजिस्ट्रेशन या पंजीकरण के माध्यम से आप किसी भी बैंक से लोन के लिए apply कर सकते हैं. जो आपको आपके व्यवसाय स्तर के आंकलन के मुताबिक लोन दे सकता है.

लघु उद्योग को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार द्वारा मेक इन इण्डिया के तहत प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना (PMEGP) कौशल विकास योजना आदि के माध्यम आपको आसानी से ऋण/लोन मिल सकता है.

इसके लिए आपको अपनी फर्म/कंपनी/एजेंसी के पंजीकरण संख्या से सरकारी योजनओं के तहत आवेदन करना होगा. सरकारी योजनओंके तहत लघु उद्योग हेतु ऋण/लोन लेने के लिए आप अपने क्षेत्रीय सरकारी बैंक की शाखा से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं.

व्यापार के बिल व ब्यौरा तैयार करना-

अधिकतर नए व्यापारी कोई भी नया व्यापार लागत लगाकर शुरू तो कर देते हैं लेकिन लागत के रूप में खर्चे गए पैसों का हिसाब सही ढंग से नहीं रखते, जो कि एक उभरते हुए व्यापारी के लिए अच्छी बात नहीं है. आज के इस डिजिटल दुनिया में अपने खर्चों को सूचीबद्ध करना बहुत ही आसान है. इसके लिए आज ढेरों software और application मौजूद हैं. 

यदि आप एक smart phone अपने पास रखते हैं तो Google play store पर billing और accounting से जुडी ढेरो application मौजूद हैं. आप उनमें से किसी एक उपयोग कर सकते हैं. इन application में आप अपने तैयार समान के बिल बनाने से लेकर अपनी लागत का ब्यौरा भी सुरक्षित रख सकते है, और इससे आपको पता रहेगा कि आपने अपने बिजनेस में अब तक कुल कितनी लागत लगाई है और कितना मुनाफा किया है.

साबुन व्यवसाय में मुनाफा (Profit in Soap Manufacturing Business)-

अब बात करते है मुनाफे या लाभ की, जो हर एक व्यवसायी, व्यापारी और कारोबारी को सबसे उच्च स्तर का प्राप्त करने की अभिलाषा होती है, मौलिक तौर पर मुनाफा शब्द एक ऐसा शब्द है जो हर किसी को एक नई प्रेरणा देता है. 

कोरोना काल ने साबुन व्यवसायियों के लिए कई लाभ सम्भावनाओं को पैदा किया है। अमूमन उच्च गुणवत्ता के 100 ग्राम Handmade Bath Soap पर लागत पैकिंग सहित लगभग 18 से 27 रुपए तक आती है जिसे खुदरा मार्केट में 40 से 45 रुपए तक बेचा जाता है।

वही यदि साबुन का बनाने मशीनरी से किया जा रहा है तो यह लागत काफी कम हो जाती है, मशीनरी की सहायता से उत्पादन करने आप नहाने के साबुन से 30 हजार से 01 लाख रुपए या इससे भी ऊपर हर महीने कमा सकते हैं. 

साबुन बनाने का सामान कहां मिलेगा?

नहाने का साबुन बनाने के लिए जिस कच्चे माल की आवश्यकता होती है, उसे इच्छुक उद्यमी अपने स्थानीय तेल व रसायन बाजार (Oil and chemical market) से बड़ी ही सरलता से प्राप्त कर सकता है.

वही यदि सामग्री के अनुरूप कच्चा माल/रॉ मटेरियल स्थानीय बाजार में नहीं मिल पा रहा है तो इच्छुक उद्यमी online भी किफायती दरों पर आसानी से खरीद सकता है.

नहाने के साबुन में क्या क्या मिलाया जाता है?

हैंडमेड आर्गेनिक bath soap बनाने के लिए प्राकृतिक खाद्य तेल की निर्धारित मात्रा में [कॉस्टिक सोडा (NaOH) और dm water के मिश्रण से तैयार] lye को मिलाकर बने पेस्ट को सांचों में जमाकर तैयार किया जाता है.

चेहरा धोने के लिए सबसे अच्छा साबुन कौन सा है?

चेहरा अथवा त्वचा को धोकर साफ व स्वच्छ बनाने के लिए सबसे उत्तम आर्गेनिक साबुन को माना जाता है. जिसे बनाना बहुत ही आसान है…. लेकिन विडंबना यह है कि कोई बनाना नहीं चाहता…

TFM क्या होता है?

Total Fatty Matter (TFM) वह पैमाना है, जिसके तहत मापा जाता है कि नहाने के साबुन में वसा (Fat) की कितनी है.

गोरा होने वाला साबुन कैसे बनाया जाता है?

त्वचा को गोरा करने वाला साबुन बनाने के लिए organic bath soap में मलाई व आलू के रस को मिलाकर बनाया जा सकता है. आर्गेनिक bath soap को बनाने की विधि ऊपर लेख में बताई जा चुकी है.

अंत में-

आज जैसे-जैसे हमारा समाज स्वच्छता के प्रति जागरूक हो रहा वैसे-वैसे साबुनों की उपयोगिता और साबुन व्यवसाय के कारोबार में नई संभावनाएं पैदा होती जा रही है। जिसके चलते नहाने के साबुन बनाने का व्यवसाय लगाना एक फायदेमंद विकल्प साबित हो सकता है।

नोट- किसी भी व्यवसाय को शुरू करने से पहले बाजार/मार्केट रिसर्च एवं खपत का आंकलन अनिवार्य रूप से अवश्य करें. ऐसा करने से आपको व्यवसाय में आने वाले जोखिम और दिक्कतों का सामना करने में आसानी हो जाएगी और बाजार में डिमांड के अनुरूप आप अपने products का बनाने भी अच्छे से कर पाएंगे.

आशा है आपको इस लेख ‘घर से कैसे शुरू करें साबुन बनाने का व्यवसाय’ से नहाने के साबुन का व्यवसाय व कारोबार के बारे में पूरी जानकारी जरूर मिली होगी, साथ ही… यदि कुछ छूट गया हो या कुछ पूछना चाहते हों तो कृपया comment box में जरूर लिखें. तब तक के लिए-

“शुभकामनाएं आपके कामयाब और सफल व्यापारिक भविष्य के लिए.” 

धन्यवाद!

जय हिंद! जय भारत!

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular