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घर से शुरू करें आलू भुजिया नमकीन बनाने का व्यवसाय | Aloo Bhujia Making Business in hindi

आलू भुजिया नमकीन बिजनेस कैसे शुरू करें (How to start aloo bhujiya making business), छोटे स्तर पर आलू भुजिया नमकीन बनाने की विधि, नमकीन की मार्केटिंग, छोटे व बड़े स्तर पर नमकीन कारोबार की लागत, नमकीन बनाने के लिए मसालों का चयन, आलू भुजिया नमकीन की पैकिंग, PMEGP subsidiary, नमकीन व्यवसाय में मुनाफा

हल्के फुल्के खाद्य उत्पादों की जरुरत आज लगभग हर घर को होती है. यह उत्पाद खाने में बेहद स्वादिष्ट होने के साथ-साथ किफायती दामों पर लगभग हर किराना स्टोर्स पर आसानी से मिल जाते हैं. स्वभाविक तौर पर हम स्वतंत्र रूप से कह सकते हैं कि “दुनिया में सब कुछ बिकना बंद हो सकता है लेकिन खाद्य उत्पादों की बिक्री कभी बंद नहीं हो सकती” क्योंकि भोजन हमारी प्राथमिक जरूरतों में से एक है, जिसकी भारी मांग बाजार/मार्केट में हमेशा बनी ही रहती है.

अमूमन आज हम किसी किराना दुकान पर नमकीन जैसे उत्पाद को खरीदने जाते हैं तो हमारे सामने अनेको तरह की नमकीन के पैकेट रख दिए जाते हैं, जिनमें से हम उसी नमकीन को लेना पसंद करते हैं जो खाने में स्वादिष्ट होती है। यदि आप स्वाद के शौक़ीन हैं तो निश्चित तौर पर आलू भुजिया नमकीन जरूर खरीदेंगे.

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आलू भुजिया नमकीन व्यवसाय (Aloo Bhujia Making Business)

आलू भुजिया नमकीन स्वाद में बेहद स्वादिष्ट होने के साथ किफायती दरों पर आसानी से किसी किराना स्टोर्स पर मिल जाती है. जिससे आलू भुजिया जैसे उत्पाद को बनाने के व्यवसाय शुरू करना किसी भी उद्यमी के लिए लम्बे समय का उच्च लाभ देने वाला विकल्प साबित हो सकता है.

तो अब प्रश्न उठता है कि कैसे आलू भुजिया नमकीन बनाने के व्यवसाय (aloo bhujia making business) को कितनी पूँजी लगाकर शुरू किया जा सकता है, क्या छोटे स्तर पर भी शुरू किया जा सकता है, अगर हां तो कैसे? किन-किन मशीनों और मटेरियल की जरूरत पड़ती है?

और क्या नमकीन व्यवसाय को शुरू करने के लिए पंजीकरण कराना अनिवार्य है? इन सब सवालो के जवाब पाने के लिए आपको सबसे पहले Namkeen Business Plan को अच्छे से समझना बेहद जरूरी है.

नमकीन का महत्व (Importance of Namkeen)-

Namkeen business आप गाँव और शहर दोनों जगह शुरू कर सकते हो। इस व्यवसाय को आप कम लागत में भी स्टार्ट करके अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं।

नमकीन की डिमांड शादी, पार्टी, birth day पार्टी या कोई अन्य लगभग सभी तरह की पार्टी व आयोजनों के अवसरों पर बहुत ज्यादा की जाती है इसलिए नमकीन खाद्य पदार्थ की डिमांड बहुत ज्यादा है। हालांकि किसी भी खाद्य उत्पाद का प्रोडक्शन करने के बाद उसमे मंदी का सामना नहीं करना पड़ता है, लेकिन इसमें घराने वाली कोई बात नहीं है,

क्योंकि खाद्य उत्पाद की खपत जब तक मनुष्य का जीवन है तब तक होती ही रहेगी. इसलिए आज के इस खास लेख में मैं आपको Namkeen Business Plan के अंतर्गत आलू भुजिया नमकीन बनाने की पूरी जानकारी दूंगा ताकि आप Namkeen Plant लगाकर अपना खुद का व्यवसाय शुरू कर सकें।

आलू भुजिया नमकीन व्यवसाय शुरू करने के लिए आवश्यक स्थान (Required Space)- 

छोटे स्तर पर या घर से आलू भुजिया नमकीन बनाने का व्यवसाय (namkeen making process) शुरू करने के लिए कम से कम 80 से 100 वर्ग फुट स्थान की जरूरत होती है। यदि आपके घर पर पर्याप्त स्थान मौजूद है तो आलू भुजिया नमकीन बनाने का काम आप अपने घर से भी शुरू कर सकते हैं।

घर पर आलू भुजिया नमकीन बनाना (aloo bhujia making या namkeen manufacturing) शुरू करने से पहले यदि आपके घर में छोटे बच्चे हैं तो उनकी सुरक्षा जरूर सुनिश्चित कर लें।

वहीं यदि आप बड़े स्तर पर आलू भुजिया नमकीन बनाने का व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको कम से कम 1200 वर्ग फुट स्थान की आवश्यकता होगी। जहां 1000 वर्ग फुट क्षेत्र पूरी तरह से प्रदूषण, धूल, मिट्टी व बारिस से संरक्षित होना चाहिए।

इस 1000 वर्ग फुट क्षेत्र का डिजाइन ऐसे किया जाना चाहिए जिसमें मशीनों के स्थान फिक्स/निर्धारित हों और साथ ही कच्चे माल से लेकर तैयार उत्पाद को सुरक्षित रखने के स्थान सुव्यवस्थित किए गए हों। 

आपके कार्य स्थल पर बिजली व पानी की उपलब्धता का होना अनिवार्य है, क्योकि बड़े स्तर पर नमकीन बनाने के लिए ये दोनों घटकों का होना प्राथमिक चरण में से एक है। 

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आलू भुजिया व्यवसाय में कर्मियों की आवश्यकता (Required Manpower)-

बड़े स्तर पर आलू भुजिया व्यवसाय/कारोबार शुरू करने पर आपको कम से कम 04 से 10 कर्मियों (मैनपावर या लेबर) की जरूरत होती है, ये कर्मचारी मैनेजर, मार्केटर/सेल्समैन, रेसिपी मेकर और लेबर/सफाई कर्मी आदि हो सकते हैं. 

आलू भुजिया नमकीन  बनाने के लिए कच्चा माल (Raw Material)-

आलू भुजिया नमकीन बनाने के लिए लगने वाले रॉ मटेरियल लोकल/स्थानीय बाजार में आसानी से मिल जाते हैं, लेकिन एक व्यवसायी को अपना उद्यम/बिजनेस शुरू करने से पहले यह जरूर सुनिश्चित कर लेना चाहिए कि वह जो रॉ मटेरियल सामान्य बाजार से ले रहा है क्या वह बेहतरीन गुणवत्ता का है या नहीं?

नमकीन व्यवसाय के तहत आलू भुजिया नमकीन (aloo bhujia recipe making) बनाने के व्यवसाय में उच्च गुणवत्ता के मसालों (aloo bhujia ingredients) व आलू का ही उपयोग किया जाता है। ये रॉ मटेरियल हैं-

  1. आलू (400 ग्राम)
  2. चना बेसन (100 ग्राम)
  3. मोठ दाल बेसन (100 ग्राम)
  4. गरम मसाला (3 ग्राम या 1/2 चाय चम्मच)
  5. लाल मिर्च पाउडर (3 ग्राम या 1/2 चाय चम्मच)
  6. काली मिर्च पाउडर (3 ग्राम या 1/2 चाय चम्मच)
  7. सेंधा नमक (5 ग्राम या 1 चाय चम्मच व स्वादानुसार)
  8. हल्दी पाउडर (01 से 1.25 ग्राम या 1/4 चाय चम्मच)
  9. प्रकृतिक खाद्य तेल
  10. शुद्ध पेयजल (आवश्यकतानुसार)

नोट बड़े स्तर पर आलू भुजिया नमकीन बनाने के लिए बताई गई सामग्री मात्रा को गुणन के आधार पर बढाया जा सकता है. उपरोक्त सामग्री में आलू के स्थान पर चना बेसन और मोठ बेसन की समान मात्रा को बढ़ाकर बेसन भुजिया बनाई जा सकती है। यदि कोई दिक्कत आती है तो कमेंट में लिखें।

आलू भुजिया नमकीन व्यवसाय के लिए आवश्यक मशीनरी (Required Machinery)-

व्यवसायिक तौर पर आलू भुजिया नमकीन व्यवसाय शुरू करने के लिए छोटे व बड़े दोनों स्तरों पर कुछ मशीनरी की आवश्यकता होती है. ये मशीनरी है-

छोटे स्तर पर मशीनरी व बर्तन (Machinery On Small Scale)-

  1. सेव मशीन मैनुअल
  2. धातु की कढ़ाई
  3. धातु की बड़ी छन्नी
  4. गैस स्टोव व गैस सिलिन्डर या इलेक्ट्रिक कुकटॉप
  5. तसला (प्लास्टिक/धातु)
  6. डिजिटल वेट मशीन
  7. हीट सीलिंग मशीन पैकिंग के लिए

बड़े स्तर पर मशीनरी (Machinery On large Scale)-

  1. Dough Kneader Machine
  2. Namkeen sev making machine
  3. Batch fryer machine
  4. Masala coating/mixing machine
  5. Digital Weight Machine
  6. Packing machine
  7. Plastic Tub

नोट- उपरोक्त मशीनों का चुनाव आप अपने कारोबार/व्यवसाय की कार्यक्षमता आधार पर ही करें।

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उपरोक्त मशीनरी को आप अपने लोकल मार्केट से ले सकते/सकती हैं यदि लोकल बाजार में यह मशीने नहीं मिल पा रही हैं तो इस आप ऑनलाइन भी नीचे दी गई वेबसाइटस से खरीद सकते/सकती हैं-

  1. www.indiamart.com 
  2. www.amazon.com

आलू भुजिया नमकीन बनाने की विधि (Namkeen Making Process)-

आलू भुजिया नमकीन व्यवसाय के तहत आलू भुजिया नमकीन बनाने की विधि को …. चरणों में पूरा किया जाता है-

प्रथम चरण-

  • आलू भुजिया नमकीन बनाने के लिए सबसे पहले आलूओं को एक पात्र में उबाला जाता है, उबल जाने के बाद आलूओं को ठंडा कर मीसकर/मसलकर एक समान बना लिया जाता है. आप इसे कद्दूकस भी कर सकते/सकती हैं.

दूसरा चरण-

  • दूसरे चरण की शुरुआत में एक स्वच्छ तसला या टब लेना है, इस पात्र में सबसे पहले चना बेसन, मोठ बेसन फिर कद्दूकस किये हुए आलू व इसके बाद बाकी के मसाले एक के बाद एक डालने हैं, फिर इसमें थोड़ा सा प्राकृतिक खाद्य तेल और आवश्यकतानुसार पानी मिलकर सारे मिश्रण को आपस में अच्छी तरीके से आटे की तरह गूंथना है. 
  • ध्यान रहे आटे को नरम ही रखना है, आटा गुंथ जाने के बाद इस गुंथे हुए आटे को कम से कम 15 मिनट तक किसी सूती कपडे से ढककर छोड़ दें. बड़े स्तर पर मिश्रण (आटा) गूंथने का काम Dough Kneader Machine की सहायता से किया जाता है, 

तीसरा चरण-

  • आटे का डो तैयार कर लेने के बाद तीसरे चरण में आलू भुजिया नमकीन को तलने के लिए कढ़ाई में तेल भरकर स्टोव आदि से गर्म कर लेना है, इसके बाद सेव बनाने वाली मशीन में 1 नंबर की जाली लगाकर तैयार आटे/डो को भर लेना है, इसके बाद गर्म तेल में सेव मशीन से निकलने वाली सेव को डालना शुरू करना है. 
  • जैसे सेव गर्म तेल के संपर्क में आते हैं तलने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है, यहां आपको थोड़ी फुर्ती से काम करना है (एक बार में लगभग पूरी सेव मशीन से सेव बनाने का प्रयास करें) लगभग 25 से 30 सेकेंड बाद एक तरफ से तल चुकी सेव को पलटकर दूसरी तरफ से कम से कम 05 सेकेंड तक पूरी तरह तलना है.
  • ऐसा करने से आपकी आलू भुजिया अच्छे से पक जाएगी. तीसरा चरण पूरा होते ही तैयार आलू भुजिया नमकीन खाने योग्य बन जाती है. जो पूरी तरह से पारंपरिक तरीके से बनी है.

सुझाव-

तेल को इतना गर्म करना होता है कि तेल से भाप न उड़े. यदि भाप ऊपर उठ रही है तो समझ लीजिये तेल आवश्यकता से अधिक गर्म हो चुका है, इसका समाधान- गैस/भट्टी बंद कर दें और तेल को कुछ देर के लिए ठंडा होने दें.

बड़े स्तर पर आलू भुजिया नमकीन बनाने की विधि-

  • बड़े स्तर पर आलू भुजिया नमकीन सेव बनाने का काम Namkeen sev making machine से और तलने का काम Batch fryer machine द्वारा किया जाता है, इस मशीन को अपरेट करने में 01 कर्मचारी की जरूरत/आवश्यकता होती है. 
  • हालांकि बड़े स्तर पर आलू भुजिया का आटा/डो, चना बेसन, मोठ दाल बेसन, नमक, खाद्य तेल और आवश्यकतानुसार पानी मिलाकर ही तैयार किया जाता है और फिर इस तैयार आटे या डो को सेव बनाकर Batch fryer machine में फ्राई/तल लिया जाता है.
  • आलू भुजिया सेव Batch fryer machine में फ्राई/तल जाने के बाद इन सेव पर मसालों की कोटिंग Masala coating machine की मदद से जाती है. यह कोटिंग प्रक्रिया लगभग 15 से 20 मिनट तक चलती है. सेव पर मसालों की कोटिंग पूरी होते ही आलू भुजिया पूरी तरह से खाने योग्य बन जाती है.

सुझाव-

आप Masala coating machine को वैकल्पिक तौर पर ले सकते हैं क्योंकि आज जो भी नामी उत्पाद बाजार में उपलब्ध हैं, वे मसालों की कोटिंग की अपेक्षा पारंपरिक तरीके से आटे/डो में ही सारे मसालों को मिलाकर आलू भुजिया नमकीन का निर्माण करते हैं.

  • तीसरे चरण के बाद तैयार आलू भुजिया नमकीन (aloo bhujia namkeen) को पैकिंग के भेजा या पैकिंग की जाती है. छोटे स्तर पर आलू भुजिया नमकीन की पैकिंग हीट सीलिंग मशीन से एक-एककर प्लास्टिक पाउच में सील किया जाता है. वहीँ बड़े स्तर पर पैकिंग का पूरा काम ऑटोमेटिक मशीन के द्वारा वजन/ग्राम को निश्चित करके किया जाता है.

नोट- व्यवसायिक तौर पर खाद्य तेल के रूप में ताड़ का तेल (Palm Oil), कनोला ऑयल या सूरजमुखी तेल का उपयोग किया जाता है। आप अपनी इच्छानुसार किसी भी खाद्य तेल का चुनाव कर सकते/सकती हैं। उपरोक्त विधि के अलावा आलू भुजिया नमकीन की बनाने की अन्य रेसिपी भी हो सकती है।

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नमकीन व्यवसाय का पंजीकरण (Registration)-

नमकीन व्यवसाय शुरू करने के लिए आपको इन लाइसेंसों को लेना जरूरी है-

  1. MSME Registration (सूक्ष्म, मध्यम एवं लघु उद्योग पंजीकरण)
  2. GST Registration (जीएसटी पंजीकरण)
  3. Trade License (ट्रेड लाइसेंस)
  4. Trademark License (ट्रेड मार्क लाइसेंस)
  5. FSSAI License (भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण पंजीकरण)
  6. IEC Code (आईईसी कोड)- यदि आप निर्यात करना चाहते हैं तो आईईसी कोड लेना अनिवार्य है।

छोटे स्तर पर या घर से शुरू करने के लिए आप केवल भारत सरकार द्वारा विकसित किये गए उद्यमी पोर्टल MSME पर अपने व्यापार की लागत के अनुरूप सूक्ष्म, मध्यम और लघु उद्योग अंतर्गत किसी एक श्रेणी में पंजीकरण करा सकते/सकती हैं,

साथ ही आपको टैक्स आदि के लिए GST No. भी लेना अनिवार्य है। भविष्य में जब आपका कारोबार बढ़ेगा, आपको बाकी के पंजीकरण कराना अनिवार्य है।

नमकीन की पैकिंग (Namkeen Packing)-

किसी भी Product/उत्पाद की पैकिंग उसके ब्रांड वैल्यू को बनाने और बढ़ाने का काम करती है। नमकीन के कारोबार में पैकिंग का सबसे मुख्य काम होता है, व्यवसायिक तौर पर पैकिंग बनाने में अधिकतर भड़कीले रंगों का ही उपयोग किया जाता है। ऐसा इसलिए क्योकि भड़कीले रंगों में अपना एक अलग ही आकर्षण होता है जो किसी भी उपभोक्ता या ग्राहक को अपनी ओर खीचने में सक्षम होता है. 

अपनी भड़कीली रंगों की विशेष पैकिंग के कारण अधिकतर खुदरा दुकानों में नमकीन जैसे उत्पाद शो-पीस या सजावट की तरह ऐसे रखे जाते हैं, जिससे जल्द से जल्द नमकीन जैसे उत्पाद ग्राहक की नजर में आएं और ग्राहक इन्हें देखते ही खरीद ले.

आकर्षक और मोहक पैकिंग बनवाने के लिए आप सबसे पहले अपने क्षेत्रीय प्रिंटर्स/मुद्रक से संपर्क करें, यदि आपके क्षेत्र में प्रिंटिंग व डिज़ाइनिंग आदि का काम नहीं होता है तो पैकिंग बनवाने के लिए आप इंटरनेट पर मौजूद वेबसाइटो की मदद ले सकते/सकती है. 

सुझाव- 

  • नमकीन पैकिंग की डिजाइन के लिए किसी जानकार ग्राफिक्स डिजाइनर की सहायता जरूर लें। साथ ही उत्पाद बनाने में उपयोग किए गए घटकों का उल्लेख उत्पाद की पैकेजिंग पर अनिवार्य रूप से करें। 
  • व्यापार की शुरुवात आप खुदरा बाजार में छोटे पाउच से ही शुरू करें. 
  • बाजार में Product की खपत का आंकलन कर आप बड़े ग्राम या पाउच के प्रोडक्ट/उत्पाद उतार सकते/सकती हैं.

आलू भुजिया नमकीन की मार्केटिंग (Namkeen Business Marketing)-

नमकीन व्यवसाय लगभग मार्केटिंग आधरित बिजनेस है, इस बिजनेस में उत्पाद की जितनी अच्छी मार्केटिंग की जाती है, परिणाम में उतना अच्छा मुनाफा भी मिलता है. यदि आप छोटे स्तर से नमकीन कारोबार शुरू कर रहे हैं तो छोटे स्तर पर सबसे अच्छा तरीका है कि आप सबसे पहले अपने आस-पास के किराना दुकानों या स्टोर्स की ओर रुख करें,

क्योंकि आपके पास के किराना दुकानें आपको अच्छे से जानते होंगे, जिससे आपके माल के खपत होने कि संभावना बढ़ जाती है। 

छोटे स्तर पर प्रचार के लिए आप अपने बाजार क्षेत्र में जगह-जगह पर पोस्टर, बैनर, फ्लैक्स व स्टीकर आदि चस्पा करवा सकते हैं, साथ ही अखबार में पैम्पलेट डलवाकर प्रचार कर सकते हैं। 

वहीं यदि आपने बड़े सर पर नमकीन कारोबार या बिजनेस शुरू किया है तो बड़े स्तर के विज्ञापनों पर ध्यान देने की जरूरत है. बड़े विज्ञापन जैसे- अखबार पृष्ठ, पत्रिका पृष्ठ और TV विज्ञापन और Digital Marketing आदि का सहारा ले सकते/सकती हैं।

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इसके साथ ही यदि आप स्वयं मार्केटिंग करने में समय नहीं दे पा रहे हैं तो किसी नामी मार्केटिंग एजेंसी या संस्था से अपने उत्पाद की मार्केटिंग करवा सकते/सकती हैं. हां यह बात सही है कि किसी मार्केटिंग एजेंसी या संस्था से मार्केटिंग करवाने में अच्छा-खासा खर्च आता है, लेकिन आपके उत्पाद की ब्रांड वैल्यू भी बढ़ने लगती है, लोग आपके प्रोडक्ट को अच्छे से जानने और पहचानने लगते हैं. 

बड़े-बड़े नामी ब्रांड जो आज बाजार पर राज कर रहे हैं उन्होंने अपने उत्पाद की मार्केटिंग बहुत अच्छे से करी है या करवाई है. तो अब चुनाव आपका है कि आप अपने उत्पाद का प्रचार-प्रसार या मार्केटिंग कैसे करना अथवा करवाना चाहते/चाहती है.

प्रतिस्पर्धी को पहचानना (Identify Your Competitor)-

जब आप अपने उत्पाद को बाजार/मार्केट में उतरेंगे तो बाज़ार में आपको पहले से ही आपके उत्पाद के प्रतिस्पर्धी मिलेंगे। हो सकता है कि यह आपको कभी कभी हतोत्साहित कर सकता है लेकिन इससे घबराने की बात नहीं है आपको अपने प्रतिस्पर्धी को चुनना होगा और अपने उत्पाद को बेहतर से बेहतरीन बनाना होगा।

जब आप अपने प्रतिस्पर्धी को चुन या पहचान लेते हैं तो आपको एक मकसद मिल जाता है और आप अपने मकसद को पूरा करने के लिए पूरी तन्मयता से लग जाते हैं। एक सफल व्यापारी का यही लक्षण होता है कि वह अपने मकसद, अपने लक्ष्य को समर्पित होता है।

मनोविज्ञान के अनुसार भी यह बात पूरी तरह से सिद्ध हो कि “जब हम किसी से competition करना शुरू करते हैं, तो हमारा दिमाग सामान्य की अपेक्षा तेज गति से कार्य करने लगता है, और हमेशा नए-नए विचार उत्पन्न करने लगता है. जिससे हमारी कार्य क्षमता (productivity) बढ़ जाती है.”

आलू भुजिया नमकीन का मूल्य निर्धारण (Price Stability)-

किसी भी नए उत्पाद को बाजार में बिक्री करने के लिए सबसे अहम भूमिका निभाता है उसका मूल्य। और यह बात सार्वभौम सत्य है क्योंकि आज खासकर कोरोनाकाल के बाद लगभग कई देशों में मंहगाई बढ़ चुकी है जिसका असर कुछ हद तक हमारे देश भारत पर भी पड़ा है। 

इसलिए बाजार को देखते हुए आप अपने उत्पाद का मूल्य बाजार में मौजूद अन्य उत्पादों की अपेक्षा कुछ कम ही रखें लेकिन उत्पाद की गुणवत्ता से कोई समझौता न करें, बेहतरीन गुणवत्ता के कारण आपका उत्पाद धीरे-धीरे मार्केट/बाजार में प्रसिद्ध होने लगेगा और जिससे आप अपने कारोबार को छोटे से बड़े स्तर पर विस्तारित कर सकते हैं। कम मूल्य पर उत्पाद बेचने की शुरुवात आपको अपने लोकल मार्केट से ही करनी चाहिए।

नमकीन व्यवसाय के लिए लोन (Loan)-

लघु उद्योग को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार ने मेक इन इण्डिया के तहत प्रधानमंत्री रोजगार योजना (PMRY), कौशल विकास योजनाप्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP द्वारा अधिकतम 35% तक) आदि के माध्यम आपको आसानी से ऋण/लोन मिल सकता है.

इसके लिए आपको अपनी कंपनी या फर्म के पंजीकरण संख्या से सरकारी योजनाओं के तहत आवेदन करना होगा. सरकारी योजनाओं के तहत लघु उद्योग हेतु ऋण/लोन लेने के लिए आप अपने क्षेत्रीय/स्थानीय सरकारी बैंक की शाखा से आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं.

नमकीन व्यवसाय की कुल लागत (Total Business Cost)-

नमकीन का व्यापार बड़ी ही छोटी कीमत पर शुरू किया जा सकता है, छोटे स्तर पर शुरू करने के लिए कम से कम 40 से 70 हजार रुपए की लागत लगती है जिसमें आपको रॉ मटेरियल और पैकिंग लेना होगा। जिसे आप अपने घर से भी शुरू कर सकते हैं। 

अगर आप नमकीन कारोबार के क्षेत्र में आना चाहते/चाहती हैं तो मेरी राय यही है कि आप इसे कम पूंजी लगाकर छोटे स्तर से, घर से ही शुरू करें। जिससे आप भारी/अवांछित जोखिम से बच सकते हैं और छोटे स्तर पर व्यापार करने से आपको बाजार को समझने का मौका भी मिलता है। 

वहीं अगर आप इस व्यवसाय को बड़े स्तर पर करना चाहते/चाहती हैं तो आपको बड़ी मशीनरी के साथ पैकिंग की मशीन (ऑटोमेटिक, सेमी-ऑटोमेटिक) और बड़ी क्षमता के तराजू आदि की जरूरत पड़ेगी इस complete setup की लागत लगभग 04 लाख रूपए से शुरू हो जाती है। 

नमकीन व्यवसाय के जोखिम (Business Risks)-

नमकीन के कारोबार में एक ही खास जोखिम होता और वह है, समय बीतने के साथ नमकीन जैसे उत्पाद ख़राब हो जाते है, यदि आप छोटे स्तर पर नमकीन का बिजनेस शुरू करते हैं तो यह जरूर निश्चित कर लें कि आपके उत्पाद या प्रोडक्ट की बाजार/मार्किट में खपत कितनी हो रही है, इस खपत के हिसाब से ही आप अपना माल तैयार करें.

नमकीन व्यवसाय में मुनाफा (Profits in Namkeen Business)-

मुनाफा या लाभ शब्द मौलिक तौर पर एक ऐसा शब्द है जो हर किसी को एक नई प्रेरणा देता है. कुरकुरी नमकीन कारोबार में मुनाफे की कोई सीमा तय नहीं है, नमकीन जैसे बिजनेस में मुनाफा पूरी तरह से आपकी मार्केटिंग पर निर्भर करता है,

सामान्य तौर पर खुदरा मार्केट में 5 रुपए के एक पाउच पर 90 पैसे से लेकर 01 रूपए तक मुनाफा कमाया जा सकता है. वहीँ यदि बड़े स्तर पर मुनाफे की बात करें तो हर महीने 30,000 से 1,00,000 रूपए या इससे भी ऊपर हर महीने कमाया जा सकता है. (यह संभावित धनराशि एक नमकीन कारोबारी द्वारा बताई गई है)

FAQ.

नमकीन बनाने वाली मशीन कितने में आती है?

घरेलू स्तर पर नमकीन फरसान (Namkeen farshan) बनाने के लिए आवश्यक मशीन आपके घर के किचन में ही आसानी से मिल सकती हैं, लेकिन वहीं यदि आप नमकीन कारोबार को बड़े स्तर पर शुरू करना चाहते हैं

तो व्यवसायिक स्तर पर नमकीन निर्माण के लिए आपको Dough Kneader Machine (कीमत 8500 से शुरू), Namkeen sev making machine (कीमत 18,500 से शुरू भार के अनुसार चयन), Batch fryer machine (कीमत 50,000 से शुरू भार के अनुसार चयन), Masala coating/mixing machines (कीमत 14,000 से शुरू भार के अनुसार चयन) की आवश्यकता होगी.

नमकीन कितने प्रकार का होता है?

वर्तमान बाजार में नमकीन उत्पादों में बहुत विविधता मौजूद है, नमकीन जैसे उत्पादों का निर्माण पूरी तरह से ग्राहक की रूचि और स्वाद के अनुरूप किया जाता है. बाजार में मौजूद कुछ नमकीन उत्पाद ऐसे हैं जिन्हें सभी के द्वारा पसंद किया जाता है.

जैसे- आलू भुजिया, बेसन भुजिया, खट्टी-मीठी नमकीन, salted नमकीन, चिडवा नमकीन, रिबन, गाठी सेव नमकीन, भकरवाडी नमकीन आदि.

घर से व्यवसाय शुरू करने पर नमकीन व्यवसाय का पंजीकरण कराना जरूरी होता है?

खाद्य सामग्री से सम्बंधित किसी भी व्यवसाय का व्यापार करने के लिए FSSAI License – भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरणMSME तथा GST No से पंजीकरण कराना अनिवार्य होता है.

नमकीन उत्पाद की मार्केटिंग में कितना खर्च आ सकता है?

यह निर्भर करता है कि आपने अपने Namkeen Manufacturing Business को कितनी पूँजी लगाकर शुरू किया है. सामान्य तौर पर नमकीन जैसे उत्पाद की मार्केटिंग में व्यवसाय की कुल लागत के बराबर चरण दर चरण खर्च आ सकता है, लेकिन मार्केटिंग की यह लागत पूरी तरह से नमकीन उद्यमी/व्यवसायी द्वारा ही निर्धारित की जा सकती है.

अंत में-

एक हल्के और स्वास्थ्य वर्धक भोजन विकल्प के रूप में माने जाने के साथ किफ़ायती, स्वादिष्ठ और हर जगह आसानी से उपलब्ध होने के कारण आलू भुजिया नमकीन की मांग और लोकप्रियता बढ़ रही है और निकट भविष्य में नमकीनों की मांग काफी बड़े स्तर पर बढ़ने की सम्भावना है. 

नोट- किसी भी व्यवसाय को शुरू करने से पहले बाजार/मार्केट रिसर्च एवं खपत का आंकलन अनिवार्य रूप से अवश्य करें. ऐसा करने से आपको व्यवसाय में आने वाले जोखिम और दिक्कतों का सामना करने में आसानी हो जाएगी और बाजार में डिमांड के अनुरूप आप अपने products का निर्माण भी अच्छे से कर पाएंगे.

आशा है आपको इस लेख “आलू भुजिया नमकीन व्यवसाय” से नमकीन बनाने के व्यवसाय, उद्यम, व्यापार और कारोबार के बारे में पूरी जानकारी जरूर मिली होगी, साथ ही… यदि कुछ छूट गया हो या कुछ पूछना चाहते हों तो कृपया comment box में जरूर लिखें. तब तक के लिए-

“शुभकामनाएं आपके कामयाब और सफल व्यापारिक भविष्य के लिए.”

धन्यवाद!

जय हिंद! जय भारत!

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