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कैसे शुरू करें एक सफल कारोबार | How to Start a successful Business in hindi

प्रत्येक व्यवसाय/उद्यम एक समाधान विचार और प्रखर सोच का परिणाम होता है, फिर चाहे किसी समस्या का समाधान करना हो या फिर किसी उत्पाद अथवा मौजूदा सेवा (रणनीति) में सुधार करना हो. एक सफल कारोबार के लिए उठाये गये पहले कदम में ही अधिकतर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है,

पर उठाया गया पहला कदम अपने परिणाम स्वरूप अद्भुत जानकारी और अनुभव भी लाता है जो वास्तव में किसी भी सामान्य व्यक्ति को आम से ख़ास बना देता है. हालांकि यहां हमें यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि हमारा विचार सभी के लिए व्यवहार्य है भी या नहीं?

हममें से कई लोगों के जहन/दिमाग में कई शानदार विचार (business idea) हमेशा कुल-बुलाते या हिलोरे मारा करते हैं, जिनसे प्रेरित होकर हम अपना खुद का कारोबार शुरू करने तथा अच्छा मुनाफा (पैसा) कमाने का सपना देखते हैं.

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कैसे शुरू करें एक सफल कारोबार | How to Start a successful Business in hindi

लेकिन समस्या तब आ जाती है जब हम अपने इस सपने को हकीकत में लाने की कोशिश करते हैं तो हममें से कईयों को अपने सपने को हकीकत में साकार करने में असफलता का डर सताने लगता है, जिस कारण कई प्रतिभावान लोग भी व्यवसाय के जोखिमों को देखकर पीछे हट जाते हैं और अपने सपने को छोड़कर किसी दूसरे के सपनों (नौकरी) को साकार करने में लग जाते हैं.

हालांकि वर्तमान दुनिया के बदलते परिवेश के कारण कई लोगों में अपनी नौकरी छोड़कर अपना खुद का व्यवसाय शुरू करने और व्यवसाय के जोखिमों से लड़ने की तीव्र अभिलाषा दृणता से बढती जा रही है. क्योंकि नौकरी की आयु सीमा तय है, लेकिन एक सफल कारोबार की कोई सीमा नहीं होती.

ऐसा इसलिए क्योंकि जब भी कोई एक सफल व्यवसाय अथवा कारोबार खड़ा करता है तो इस सफल व्यवसाय के पीछे उसके जीवन का सारा अनुभव और ज्ञान लगा होता है और यह शाश्वत सत्य है कि ज्ञान और अनुभव की कोई आयु सीमा नहीं होती…

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किसी भी कारोबार या business को zero level से शुरू करने से लेकर उच्चतम शिखर पर पहुचाने या ले जाने तक की यात्रा कठिनाइयों और संघर्षों से भरी होने के साथ-साथ बहुत ही ज्ञानवर्धक और अद्भुत होती है. और इस यात्रा का मार्ग हर वो कारोबारी, व्यवसायीय, उद्यमी एवं व्यापारी तय करता है जो हर हाल में सफलता की सीढी चढकर अपने कारोबार और व्यापार को सफलता के शिखर पर पहुचाना चाहता है.

यह बात बिलकुल सत्य है कि सफलता के शिखर पर पहुंचना कोई आसान काम नहीं है, मतलब सफलता हमेशा आसानी से मिल जाए यह जरूरी नहीं, लेकिन निरंतर लगे रहने से सफलता एक दिन मिलती जरूर है.

ऐसा इसलिए क्योंकि जब आप चरणबद्ध तरीके से सफलता की सीढी के पहले पायदान पर कदम रखते हैं तो आपको कई समस्याओं, मुसीबतों और संघर्षों का सामना करना पड़ता है, जिससे हममें से कई प्रतिभावान लोग भी हार मानकर अपना हाथ छुड़ाकर तात्कालिक सुखों की ओर भागना पसंद करते हैं,

लेकिन वहीं यदि आप इन समस्याओं, मुसीबतों और संघर्षों से भागने की अपेक्षा इनका डटकर मुकाबला करना शुरू करते हैं, आपका आने वाला भविष्य एक बेहतर मोड़ ले लेता है और आपका यह गुण ही बताता है कि भविष्य में आप एक सफल और धनवान इन्सान जरूर बनेंगे. हालाँकि कई बार समस्याओं, मुसीबतों और संघर्षों का सामना करते समय कभी-कभी हममें से कई लोगों का आत्मविश्वास भी डगमगा जाता है,

लेकिन इससे घबराने की जरूरत नहीं क्योंकि यह क्षणिक ही होता है इससे बचने के लिए आपको थोड़े से मोटिवेशन की जरूरत होती है. जब भी आपका आत्मविश्वास डगमगाए तो कुछ समय के लिए सब कुछ छोड़कर बिलकुल एकांत में चले जाएँ और अपने मन व दिमाग को शांत करने की कोशिश करें, मन या दिमाग को शांत करने के लिए आप instrumental relaxing music सुनने के उपाय को कर सकते हैं. यह एक बेहतर होने के साथ कारगर विकल्प भी है.

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एक सफल कारोबार (business) को शुरू करने के लिए इच्छुक कारोबारी, व्यवसायीय, उद्यमी और व्यापारी को अपने लक्ष्य पर निशाना साधते हुए लगातार अपने लक्ष्य को पाने की कड़ी मेहनत से काम करते रहना पड़ता है. जिसमें समस्याओं और मुसीबतों का सामना करना और उन्हें हल करने के साथ अपने कारोबार या व्यवसाय को बेहतर से बेहतरीन बनाने पर एकाग्रचित होना होता है.

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ऐसा करने से इच्छुक कारोबारी को कई तरह के तजुर्बे और सीख मिलती है और बार-बार गिरकर फिर से उठ खड़ा होने वाला साहस का गुण भी अन्दर कूट-कूट कर भर जाता है, आप कभी भी किसी से हार नहीं मानते या यों कहे कि आपके जीवन में हार नाम का कोई शब्द होता ही नहीं. इसी सकारात्मक विचार के साथ आज की इस पोस्ट में हम आपको एक सफल व्यवसाय, व्यापार या कारोबार कैसे शुरू करते हैं की विस्तृत जानकारी देने की कोशिश करेंगे….चलिए शुरू करते हैं-

बिजनेस का महत्व (Importance of Business)-

आज हमारे समाज एक बड़ा वर्ग चंद पैसों के लिए एक छोटी सी नौकरी करके अपना जीवन पूरी तरह से व्यतीत कर रहा है, क्यों? क्योंकि सामान्यतः हममें से कईयों की सोच यही होती है कि एक बस एक अच्छी नौकरी मिल या लग जाए तो हमारी जिन्दगी सही चलने लगेगी.

मैं यह नहीं कह रहा हूँ कि आप नौकरी न करें, बिल्कुल करें! और शुरूआती स्तर पर सभी को नौकरी करनी भी चाहिए क्योंकि जब आप कहीं पर काम करना शुरू करते हैं तो आपको कई तरह के अनुभव मिलते हैं, आपको मिले ये अनुभव ही आपके भविष्य की दिशा को तय करते हैं कि भविष्य में आप कहां तक जा सकते हैं.

लेकिन वहीँ यदि अपने अनुभवों का सही समय व तरीके से उपयोग नहीं करते या कर पाते तो समय बीतने के साथ उम्र के दूसरे पड़ाव पर आपके पास सीमित साधनों के अलावा और कुछ नहीं होता और दूसरे पड़ाव (वृद्धावस्था) पर आपका शरीर भी साथ नहीं देता. तो क्या किया जाए?

देखिये! आज जिस तरह से हमारा समाज बदल रहा है, या यूं कहा जाए कि जिस तरह से जनसँख्या बढ़ रही है, इसको देखते हुए केवल नौकरी की आय के बरोसे बैठना मूर्खता मात्र है, अभी हाल ही में कोरोना वायरस जैसी वैश्विक महामारी ने दुनिया में अपना प्रकोप फैलाया है,

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जिसके चलते कईयों को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा, स्थिति यहां तक बिगड़ गई कि हस्ते-खिलखिलाते परिवारों में भी भोजन जैसी प्राथमिक जरूरत भी पूरी नहीं हो पाई. असल में इस वैश्विक महामारी ने हमें यह बता दिया है कि अब समय आ चुका है कि अब हम आय के केवल एक स्रोत पर निर्भर नहीं रह सकते है, हमें अपनी उत्तरजीविता के लिए अन्य कई स्रोत को भी बनाना होगा.

तो अब प्रश्न उठता है कि आय के नए स्रोत बनाने के लिए हमें क्या-क्या करना चाहिए? तो इसका साधारण एवं सटीक उत्तर है- खुद का बिजनेस/व्यापार या खुद का कारोबार. अब आपमें से कुछ का मनाना या प्रश्न हो सकते हैं, जैसे-

  1. हमारे पास इतनी पूँजी नहीं है कि हम अपना खुद का बिजनेस शुरू कर पाएं,
  2. बिजनेस तो करना चाहते हैं पर परिवार से मदद नहीं मिलती,
  3. बिजनेस तो जोखिमों से भरा होता है,
  4. बिजनेस/व्यापार के असफल होने का डर,

ये कुछ बुनियादी सवाल हैं जो लगभग सभी नए उम्मीदवारों के जहन में सबसे पहले आते हैं, जिनके ऊपर गहन मंथन करने के बाद 100 में लगभग 90 प्रतिशत लोग बिजनेस, व्यापार या खुद का कारोबार शुरू करने से पहले ही हार मान लेते हैं और अपनी पुरानी जिंदगी में वापस लौटकर चंद पैसों की नौकरी (नौकरशाही) करना ही पसंद करते हैं.

और आपको पता होगा ही है कि पूरी दुनिया में मात्र 10 प्रतिशत लोग ही ऐसे हैं जो दुनिया पर राज करते हैं और दुनिया की हर चीज उनके पास हैं, ये 10 प्रतिशत लोग ही आमिर क्यों हैं? क्योंकि इन्होंने अपने सपने को पूरा करने के लिए कारोबार या बिजनेस का रास्ता चुना और सफल होने के लिए कठिन संघर्ष किया और अंत में लक्ष्य के प्रति एकाग्रचित होकर उसे हांसिल भी किया.

अगर आप किसी सफल कारोबारी (Successful Business Man) से उसकी सफलता के बारे में पूछे तो आपको पता चलेगा कि उन्होंने सफलता पाने के लिए कितना और किस हद तक संघर्ष को झेला है. आज दुनिया में जितने भी अमीर बने हैं वे सभी अपना बिजनेस करके ही अमीर बने हैं.

देखिये! कारोबार अथवा व्यवसाय या व्यापार आपको उतनी ही सफलता देता है, जितनी आप मेहनत करते हैं. एक बिजनेस को शुरू करने के बाद चरणबद्ध तरीके से पग दर पग शिखर तक पहुंचना एक लम्बी अवधि का काम है, जिसमें एक उद्यमी या कारोबारी को पूरे धैर्य के साथ सफलता की सीढ़ी पर कदम दर कदम संभाल कर उच्च शिखर पर पहुंचना होता है.

कारोबार कैसे शुरू करें (How to Start Business)-

अगर आप अपना कारोबार शुरू करना चाहते हैं तो सबसे पहले इस बात को अपने दिमाग में अच्छे से बैठा लें-“कोई भी व्यवसाय छोटा नहीं होता, बस व्यवसाय की शुरुआत छोटे स्तर पर होती है.” तो इसी सकारात्मक विचार के साथ बात करते हैं कि आखिर एक सफल व्यवसाय को शुरू करने के लिए क्या-क्या जरूरी होता है?

देखिये! किसी भी कारोबार या व्यवसाय को शुरू करने से पहले इच्छुक व्यक्ति/उद्यमी या व्यवसायीय को खुद से कुछ जरूरी प्रश्नों को पूंछना व उनका जवाब खोजना होता है. मसलन यह सवाल हो सकते हैं-

  1. आखिर वह कारोबार या व्यापार के क्षेत्र में आना क्यों चाहता है?
  2. व्यवसाय या कारोबार शुरू करने का उद्देश्य क्या है?
  3. व्यवसाय से क्या प्राप्त करना चाहते हैं और कितने समय में प्राप्त करना चाहते हैं (लक्ष्य क्या है) ?
  4. वांछित व्यवसाय के लाभ व हानियाँ क्या है?
  5. क्या व्यवसाय के रूप में उत्पाद बनाना चाहते हैं या केवल अपनी सर्विसेज देकर ही मुनाफा कमाना चाहते हैं या फिर अपनी हॉबी को व्यवसाय का रूप देना चाहते है?

यह कुछ मौलिक (बेसिक) परन्तु सबसे गहन मंथन करने वाले प्रश्न हैं जो किसी भी नए उभरते हुए कारोबारी, व्यवसायीय, उद्यमी तथा व्यापारी को खुद से जरूर करने चाहिए और इन प्रश्नों के उत्तर से जब तक आप खुद संतुष्ट न हों तब तक किसी भी तरह के कारोबार, व्यापार, व्यवसाय व उद्योग/उद्यम में निवेश न करें अन्यथा आपको मुनाफे के स्थान पर नुकसान उठाना पड़ सकता है.

इन प्रश्नों के उत्तर मैं दे सकता हूँ, लेकिन वह केवल मेरा दृष्टिकोण होगा. इसलिए कुछ प्रश्नों के उत्तर ऐसे होते हैं, जिन्हें आपको खुद ही खोजने चाहिए ऐसा इसलिए क्योकि जब आप कुछ खोजना शुरू करते हैं तो आपको नई-नई चीजे पता चलती हैं जो आपके अनुभव और ज्ञान को उच्च से उच्चतम शिखर पर पंहुचा देती हैं और आपको अपनी दिशा स्वयं ही दिखाई देने लगती है.

व्यवसाय की रणनीति (Business Strategy)-

व्यवसाय की रणनीति (Business Strategy) बनाने से प्रत्येक उद्यमी को यह पहचानने में मदद मिलती है कि व्यवसाय अंतर्गत क्या संभव है और क्या नहीं? असल में यह एक नक्शा है जो इच्छुक उद्यमी के लक्ष्यों को निर्धारित करता है और स्पष्ट रूप से यह भी बताता है कि उन लक्ष्यों तक कैसे पहुंचा जाये?

एक बार जब यह तय हो जाता है कि कौन-सा व्यवसाय या कारोबार (business) करना है तो इसके बाद बारी आती है व्यापार की रणनीति बनाकर चरणबद्ध तरीके से अपने कारोबार को शुरूआत करने की. एक व्यवसायी/कारोबारी के तौर पर हमें अपने कारोबार की रणनीति कुछ इस प्रकार बनानी चाहिए-

बिजनेस विचार प्रकार (Business Idea & Type)-

एक शानदार अनोखा विचार (Unique Idea) पूरी दुनिया को बदलने की ताकत रखता हैं, और यह बात हर तरह के business पर भी लागू होती है. किसी भी व्यवसाय को प्रारंभिक स्तर पर शुरू करने से लेकर सफल कारोबार तक पहुचाने के लिए सबसे मुख्य भूमिका होती है, एक Unique Business Idea की.

मसलन आपका Business Idea ही यह निर्धारित कर देता है कि बाजार में आपका उत्पाद या सेवा कितनी उपयोगी है, कितने उपभोक्ता उसे अपने उपयोग में लेते हैं या लेना पसंद करते हैं.

उत्पाद के रूप में वस्तु विनिर्माण (product manufacturing) या सेवाएँ (services) प्रदान करना भी हो सकता है, इन दोनों का एक ही ध्येय होता है कि अधिक से अधिकतम उपभोक्ताओं (ग्राहकों) तक पहुचना.

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ग्राहकों/उपभोक्ताओं का निर्धारण (Identifying Your Customers)-

किसी व्यवसाय की योजना बनाते समय, सबसे पहले एक उद्यमी/व्यवसायीय अथवा कारोबारी को यह तय करना बेहद जरूरी है कि वह अपने उत्पाद अथवा सेवा को वांछित ग्राहकों/उपभोक्ताओं के समक्ष किस व्यापक तरीके से पेश करता है अथवा विशिष्ट स्थानों के लक्षित ग्राहकों/उपभोक्ताओं तक पहुँचने के लिए कैसा प्रदर्शन करता है।

कारोबार की सफलता के लिए एक उद्यमी/व्यवसायीय अथवा कारोबारी के लिए यह आवश्यक है कि वह अपने लक्षित ग्राहकों/उपभोक्ताओं को चुनना होगा. लक्षित ग्राहक/उपभोक्ता जैसे-

  1. उपभोक्ताओं को सीधे बेचने के लिए (Business to Customer- Retail & Wholesale Counter),
  2. अन्य व्यवसायों को (Business to Business-B2B Counter),
  3. या दोनों को बेचने के लिए।

कारोबार शुरू करने के लिए स्थान का चुनाव (Identify Your Location)-

एक सफल कारोबार को संचालित करने के लिए यह जरूरी है कि वह ऐसे स्थान पर स्थापित हो, जहां से वह अपने उत्पाद को अपने ग्राहकों को आसानी से और निरंतर उपलब्ध करा सके. साथ ही चुने हुए स्थान पर आवागमन व क्रय-विक्रय की सुविधा का होना भी जरूरी है.

किसी भी तरह के business के लिए यह जरूरी है कि वहां कम से कम एक ऑफिस जरूर हो, जिससे यदि कोई ग्राहक/उपभोक्ता वहां का निरीक्षण या समस्या समाधान करने/करवाने अथवा सुझाव देने या लेने के लिए आए तो वह कारोबार के विस्तार और उत्पाद/सेवाओं की उपयोगिता को अच्छे से देखे और समझे.

इसके साथ ही एक कारोबारी के अन्दर (मनोविज्ञान के अनुसार) सौम्यभाव का होना बेहद जरूरी है, क्यों? क्योंकि सौम्यभाव के कारण ही एक व्यापारी अपने ग्राहकों को अपनी ओर आकर्षित करता है, जो उच्च स्तर की सफलता दर्शाता है.

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और एक अलग नजिरये से कहा जाए तो प्रत्येक व्यापारी समस्या निवारक ही होता है, चाहे वह किसी उत्पाद को बेचकर समस्या का निवारण करे या फिर सुझाव देकर. इन सब कार्यों को एक निर्धारित स्थान पर ही किया जाता है, इस लिए स्थान की महत्ता और अधिक बढ़ जाती है.

प्रतिस्पर्धी की पहचान करना (Identifying the Competitor)-

आज कोई भी ऐसा कारोबार बचा ही नहीं है, जहां प्रतिस्पर्धा न हो. मौजूदा बाजार में जब भी कोई नया अथवा उभरता हुआ कारोबारी/व्यवसायीय अपने उत्पाद के साथ बाजार में कदम रखता है तो उसे बाजार में पहले से मौजूद अपने उत्पाद के प्रतिस्पर्धियों से गहनता के साथ सामना करना पड़ता है.

लेकिन समस्या तब ज्यादा बढ़ जाती है जब नया अथवा उभरता हुआ कारोबारी/व्यवसायीय अपने प्रतिस्पर्धियों पर विशेष ध्यान नहीं देता. जिस कारण नए कारोबारियों को बाजार में अपनी पकड़ बनाने में काफ़ी लम्बा समय लग जाता है. देखिये! अब प्रतिस्पर्धा (competition) का जमाना है और जैसे-जैसे जनसंख्या बढ़ेगी यह competition और भी कठिन होता जाएगा.

तो यदि आपको अपने कारोबार को सफल बनाना है तो यह जरूरी है आप अपने उत्पाद के प्रतिस्पर्धियों को अच्छे से पहचानना सीखें, और देखे कि आपका प्रतिस्पर्धी कैसे अपने उत्पाद को बाजार में उतार रहा है, जब आप सब चीजों को समझने लगते हैं तो आप अपने कारोबार के प्रतिस्पर्धी को आसानी से हरा सकते हैं और उससे आसानी से आगे निकल सकते हैं.

कारोबार की शुरुआत के लिए वित्तीय प्रबंधन (Financial Management)-

किसी भी कारोबार को शुरू करने पहले इच्छुक उद्यमी/व्यवसायीय अथवा कारोबारी को बिजनेस में आने वाले व्यय (लागत) का आंकलन और उसका वित्तीय प्रबंधन (लेखा-जोखा तैयार) करना आवश्यक है. क्योंकि आज कोई भी कारोबार ऐसा नहीं है, जिसे बिना पैसे के शुरू किया जा सके.

वित्तीय प्रबंधन अंतर्गत एक व्यवसाय को शुरू करने के लिए मुख्य रूप उन घटकों की लागत धनराशी का प्रबंध तथा प्रबंधन किया जाता है, जो एक व्यवसाय को शुरू करने के लिए जरूरी होते हैं. जैसे-

  1. व्यवसाय के पंजीकरण पर लागत
  2. सभी आवश्यक लाइसेंस पर लागत
  3. व्यवसाय स्थापित करने के लिए चयनित स्थान पर लागत
  4. कर्मचारियों पर लागत/ मार्केटिंग पर लागत
  5. कच्चे माल पर लागत अथवा सेवा व्यवसाय के लिए प्राप्त की गई शिक्षा पर लागत
  6. मशीनरी पर लागत/ ऑफिस आदि पर लागत
  7. ट्रांसपोर्टेशन पर लागत

आपने YouTube पर कई ऐसे वीडियो देखे जरूर होंगे, जो यह दावा करते हैं कि मात्र थोड़े पैसों में फला-फला बिजनेस शुरू करें और अच्छा…… मुनाफा कमाएं. हो सकता है कि काफी हद तक आप इन वीडियो से प्रभावित और प्रेरित भी हो चुके हों. लेकिन वास्तविकता में ऐसा नहीं होता. यदि आप वीडियो से प्रभावित व प्रेरित होकर किसी भी तरह का निवेश करते हैं तो हो सकता है कि आपको नुकसान उठाना पड़ सकता है.

इसलिए यह जरूरी है कि आप जिस भी व्यवसाय को करने के इच्छुक हैं सबसे पहले उस व्यवसाय पर पूरी रिसर्च और उस व्यवसाय को शुरू करने में आने वाली लागत का अंकलन तथा वित्तीय प्रबंधन सुनिश्चित करें, उसके बाद ही कोई ही कोई निवेश करें.

क्या बिजनेस/कारोबार शुरू करने के लिए ऋण (loan) लेना सही है?

यह एक गूढ़ प्रश्न है. मौलिक तौर पर कारोबार की शुरुआत करने के लिए loan लेना सही नहीं माना जाता क्योंकि शुरूआती स्तर पर loan लेने से उद्यमी पर आर्थिक और मानसिक दोनों प्रकार का दबाव बना रहता है.

जबकि किसी भी बिजनेस को विस्तारित करने के लिए loan लेना एक कारगर रणनीति मानी जाती है.

क्या घर से किसी बिजनेस को शुरू करने पर उसका पंजीकरण कराना जरूरी होता है?

जी हां! व्यवसायिक दृष्टी से किसी भी सफल कारोबार की शुरुआत उसके पंजीकरण से होती है.

अंत में-

“आवश्यकता ही अविष्कार की जननी है.” आप सभी इस सकारात्मक विचार से भली भांति परिचित ही होंगे. यदि आप भविष्य में एक सफल कारोबारी/उद्यमी/व्यवसायीय अथवा व्यापारी बनना चाहते हैं तो आपको इस विचार का व्यवसायिक और मनोवैज्ञानिक दृष्टी से आंकलन जरूर करना चाहिए, हो सकता है कि आपको एक कोई नया business idea सूझ जाए जो आपके भविष्य को एक नई दिशा प्रदान कर दे.

आशा है इस लेख “कैसे शुरू करें एक सफल कारोबार” से आपको एक सफल व्यवसायीय बनाने की अहम जानकारी जरूर मिली होगी, साथ ही यदि कुछ छूट गया हो या कुछ कहना या पूछना चाहते हों तो कृपया comment box में लिखें…. पोस्ट अच्छी लगी हो तो इसे अपने साथियों व जरूरतमंद लोगों के साथ share करना बिल्कुल न भूलें, आपका एक share शायद किसी को नई दिशा दिखा दे……

“शुभकामनाएं आपके सफल व्यवसायिक/कारोबारी भविष्य के लिए”

धन्यवाद!

जय हिंद! जय भारत!

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